Cyient DLM IPO : 27 जून को खुलेगा 592 करोड़ का आईपीओ, निवेश करें या नहीं? ये है एक्सपर्ट्स की राय

Cyient DLM IPO : आईपीओ खुलने से पहले ग्रे मार्केट में इस इश्यू को लेकर पॉजिटिव संकेत मिल रहे हैं और यह 95 रुपये के प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। कंपनी ने इश्यू के लिए 250-265 रुपये का प्राइस बैंड तय किया है। कंपनी का लक्ष्य 2100 करोड़ रुपये के वैल्यूएशन पर 592 करोड़ रुपये जुटाने का है

अपडेटेड Jun 26, 2023 पर 5:57 PM
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आईटी फर्म Cyient की सब्सिडियरी कंपनी Cyient DLM का आईपीओ कल यानी 27 जून को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलने वाला है।

Cyient DLM IPO : आईटी फर्म Cyient की सब्सिडियरी कंपनी Cyient DLM का आईपीओ कल यानी 27 जून को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलने वाला है। निवेशक इस आईपीओ में 30 जून तक निवेश कर सकेंगे। आईपीओ खुलने से पहले ग्रे मार्केट में इस इश्यू को लेकर पॉजिटिव संकेत मिल रहे हैं और यह 95 रुपये के प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। कंपनी ने इश्यू के लिए 250-265 रुपये का प्राइस बैंड तय किया है। अपर प्राइस बैंड के हिसाब से कंपनी का लक्ष्य 2100 करोड़ रुपये के वैल्यूएशन पर 592 करोड़ रुपये जुटाने का है। कंपनी पहले ही Amansa इन्वेस्टमेंट्स को 265 रुपये प्रति शेयर के हिसाब से 40.8 लाख शेयर बेचकर 108 करोड़ रुपये जुटा चुकी है।

निवेश करें या नहीं?

Cyient DLM डेटा मैनेजमेंट सॉल्यूशन प्रोवाइडर है जिसे कंपनियों द्वारा डिजिटल तकनीकों को अपनाने से फायदा हो रहा है। कंपनी के पास ग्रोथ का एक मजबूत ट्रैक रिकॉर्ड है और भविष्य में विकास के लिए अच्छी स्थिति में है। स्वस्तिक इन्वेस्टमार्ट में इक्विटी रिसर्च एनालिस्ट अनुभूति मिश्रा ने कहा, "जो निवेशक शॉर्ट टर्म मुनाफे की तलाश में हैं वे Ideaforge और Cyient DLM दोनों IPO के लिए आवेदन करने पर विचार कर सकते हैं। हालांकि, जो निवेशक लॉन्ग टर्म मुनाफा चाहते हैं वे Cyient DLM पर फोकस कर सकते हैं।"


पिछले 10 सालों में भारतीय मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर का योगदान 16 फीसदी से बढ़कर 18 फीसदी से अधिक हो गया है, जो 'मेक इन इंडिया' और अन्य सेक्टर-स्पेशिफिक इनिशिएटिव से प्रेरित है। HDFC सिक्योरिटीज के एनालिस्ट्स ने कहा कि CDL का लक्ष्य इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग के लिए अपने विस्तार के माध्यम से ऐसे इंसेंटिव से लाभ उठाना है।

ये हैं रिस्क फैक्टर्स

प्रमोटर और मैनेजमेंट टीम और प्रमुख कर्मियों पर निर्भरता और टीम के किसी भी प्रमुख सदस्य की हानि बिजनेस के प्रदर्शन पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है। क्रेडिट रेटिंग में गिरावट से भविष्य में पूंजी जुटाने की क्षमता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। COVID-19 का इसके बिजनेस, ऑपरेशन के रिजल्ट, फाइनेंशियल कंडीशन और कैश फ्लो पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है और पड़ सकता है।

ऑफर से जुड़ी डिटेल

निवेशकों को कम से कम 56 शेयरों के लिए और 56 के मल्टीपल में बोली लगानी होगी। कंपनी ने क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए इश्यू का 75 फीसदी हिस्सा आरक्षित किया है। इसके अलावा, नॉन-इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए 15 फीसदी और खुदरा निवेशकों के लिए 10 फीसदी हिस्सा रिजर्व है। यह पूरी तरह फ्रेश इश्यू है, यानी इसमें ऑफर फॉर सेल (OFS) के तहत शेयरों की बिक्री नहीं होगी। इसका मतलब है कि कंपनी आईपीओ की पूरी आय का इस्तेमाल कर सकती है।

कहां होगा फंड का इस्तेमाल

आईपीओ से होने वाली शुद्ध आय का इस्तेमाल वर्किंग कैपिटल रिक्वायरमेंट्स के लिए होगा। इसके अलावा, फंड का इस्तेमाल कैपिटल एक्सपेंडिचर, कर्ज के भुगतान और अन्य सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा। रेड-हेरिंग प्रॉस्पेक्टस के अनुसार, एक्सिस कैपिटल, जेएम फाइनेंशियल आईपीओ के लिए बुक-रनिंग लीड मैनेजर हैं, जबकि केफिन टेक्नोलॉजीज को इश्यू के रजिस्ट्रार के रूप में नियुक्त किया गया है।

एंकर बिडिंग

एंकर निवेशकों के लिए सब्सक्रिप्शन 26 जून को खुलेगा। साइएंट डीएलएम के आईपीओ के तहत शेयरों का अलॉटमेंट 5 जुलाई को फाइनल होगा। वहीं, असफल निवेशकों के लिए रिफंड की प्रक्रिया 6 जुलाई से शुरू हो जाएगी। शेड्यूल के मुताबिक Cyient DLM के शेयर 10 जुलाई को एक्सचेंजों पर लिस्ट होंगे। Cyient की अपनी सब्सिडियरी कंपनी में 92.84 फीसदी हिस्सेदारी है, जबकि अमांसा इन्वेस्टमेंट्स के पास 7.16 प्रतिशत हिस्सेदारी है।

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