DCX Systems IPO: इलेक्ट्रॉनिक सब-सिस्टम्स और केबल हार्नेसेज बनाने वाली दिग्गज कंपनी डीसीएक्स सिस्टम्स (DCX Systems) के आईपीओ को पहले ही दिन निवेशकों को जबरदस्त रिस्पांस मिला। खुदरा निवेशकों के दम पर यह 500 करोड़ रुपये का यह इश्यू पहले ही दिन आज 31 अक्टूबर को ओवरसब्सक्राइब हो गया।
सबसे अधिक खुदरा निवेशकों के लिए आरक्षित हिस्सा सब्सक्राइब हुआ है। पहले दिन खुदरा निवेशकों के लिए आरक्षित हिस्सा 8.71 गुना, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इंवेस्टर्स (NII) का 2.16 गुना और क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बॉयर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 0.03 गुना सब्सक्राइब हुआ है। ओवरऑल यह इश्यू 2.11 गुना सब्सक्राइब हुआ है। यह आईपीओ 2 नवंबर तक खुला रहेगा।
ग्रे मार्केट में मजबूत स्थिति
डीसीएक्स सिस्टम्स के शेयरों की ग्रे मार्केट में स्थिति की बात करें तो रूझान पॉजिटिव दिख रहे हैं। इसके शेयर 74 रुपये के GMP (ग्रे मार्केट प्रीमियम) पर ट्रेड हो रहे हैं। हालांकि जानकारों के मुताबिक सिर्फ ग्रे मार्केट से मिले संकेतों के आधार पर निवेश करना सही नहीं है। इसकी बजाय कंपनी के फंडामेंटल्स और वित्तीय प्रदर्शन के आधार पर फैसला लेना चाहिए।
DCX Systems IPO की डिटेल्स
डीसीएक्स सिस्टम्स आईपीओ के 500 करोड़ रुपये के आईपीओ के तहत 400 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी किए जाएंगे और 100 करोड़ रुपये के शेयर कंपनी के मौजूदा शेयरधारक ऑफर फॉर सेल (OFS) विंडो के तहत जारी करेंगे। कंपनी ने आईपीओ के लिए 197-207 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। निवेशक इसमें 72 शेयरों के लॉट में पैसे लगा सकते हैं यानी कि प्राइस बैंड के अपर प्राइस के हिसाब से खुदरा निवेशकों को इसमें कम से कम 14,904 रुपये निवेश करने होंगे।
इश्यू का 75 फीसदी हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बॉयर्स (QIB), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इंवेस्टर्स (NII) के लिए 15 फीसदी और खुदरा निवेशकों के लिए 10 फीसदी हिस्सा आरक्षित किया गया है। नए शेयरों की बिक्री कर जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल कर्ज चुकता करने, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने, सब्सिडियरी Raneal Advanced Systems में निवेश और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा। शेयरों की लिस्टिंग 11 नवंबर को होगी। इश्यू का रजिस्ट्रार लिंक इनटाइम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड है।
कंपनी के बारे में डिटेल्स
DCX Systems बेंगलूरु की एक कंपनी है जो केबल्स और वायर हार्नेस एसेंबलीज तैयार करती है। कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो इसका ऑपरेशनल रेवेन्यू वित्त वर्ष 2020 में 449 करोड़ रुपये से 56.64 फीसदी की सीएजीआर (कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट) से बढ़कर वित्त वर्ष 2022 में 1102 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। कंपनी का ऑर्डर बुक भी इस अवधि में 1941 करोड़ रुपये से उछलकर 2369 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।