Enviro Infra Engineers IPO: 22 नवंबर को खुलेगा आईपीओ, कंपनी के कारोबार से फाइनेंशियल तक तमाम डिटेल

Enviro Infra Engineers गवर्नमेंट अथॉरिटी/बॉडी के लिए वाटर और वेस्ट वाटर ट्रीटमेंट प्लांट्स और वाटर सप्लाई स्कीम प्रोजेक्ट के डिजाइन, निर्माण, संचालन और रखरखाव में लगी हुई है। पिछले सात वर्षों में कंपनी ने पूरे भारत में 28 ऐसे प्रोजेक्ट्स डेवलप किए हैं

अपडेटेड Nov 17, 2024 पर 4:13 PM
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एनवायरो इंफ्रा इंजीनियर्स का आईपीओ 22 नवंबर को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलने वाला है।

Enviro Infra Engineers IPO: एनवायरो इंफ्रा इंजीनियर्स का आईपीओ 22 नवंबर को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलने वाला है। पब्लिक इश्यू के लिए प्राइस बैंड की घोषणा 18 नवंबर को की जाएगी। निवेशकों के पास इस आईपीओ में 26 नवंबर तक निवेश का मौका रहेगा। इसके अलावा, एंकर निवेशकों के लिए यह इश्यू 21 नवंबर को एक दिन के लिए खुलेगा। इस आईपीओ के तहत 3.87 करोड़ फ्रेश इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे। इसके अलावा, सेलिंग शेयरहोल्डर्स (प्रमोटर्स) द्वारा 52.68 लाख इक्विटी शेयरों की बिक्री ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए की जाएगी।

दिल्ली में जैन फैमिली द्वारा प्रमोटेड इस कंपनी ने अपने कर्मचारियों के लिए 1 लाख इक्विटी शेयर अलग रखे हैं। इसके अलावा, नेट इश्यू साइज आकार का आधा हिस्सा (कर्मचारी हिस्से को छोड़कर) क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए, 15 फीसदी नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए और शेष 35 फीसदी खुदरा निवेशकों के लिए आरक्षित है।

Enviro Infra Engineers कहां करेगी फंड का इस्तेमाल


आईपीओ से होने वाली आय में से 181 करोड़ रुपये का इस्तेमाल वर्किंग कैपिटल जरूरतों को पूरा करने के लिए किया जाएगा। कंपनी अपनी सब्सिडियरी EIEL मथुरा इंफ्रा इंजीनियर्स के माध्यम से उत्तर प्रदेश के मथुरा में 60 MLD STP के निर्माण के लिए 30 करोड़ रुपये खर्च करेगी। इसके अलावा, 120 करोड़ रुपये का उपयोग कर्ज चुकाने के लिए किया जाएगा। शेष राशि का इस्तेमाल अज्ञात अधिग्रहणों और सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के माध्यम से इनऑर्गेनिक ग्रोथ के लिए किया जाएगा।

Enviro Infra Engineers का कोराबार

एनवायरो इंफ्रा इंजीनियर्स गवर्नमेंट अथॉरिटी/बॉडी के लिए वाटर और वेस्ट वाटर ट्रीटमेंट प्लांट्स और वाटर सप्लाई स्कीम प्रोजेक्ट के डिजाइन, निर्माण, संचालन और रखरखाव में लगी हुई है। पिछले सात वर्षों में कंपनी ने पूरे भारत में 28 ऐसे प्रोजेक्ट्स डेवलप किए हैं। जून 2024 तक इसके पास 1906.3 करोड़ रुपये का ऑर्डर बुक है, जिसमें 21 चालू वाटर और वेस्ट वाटर ट्रीटमेंट प्लांट और वाटर सप्लाई स्कीम प्रोजेक्ट्स शामिल हैं।

एनवायरो इंफ्रा इंजीनियर्स का मुकाबला Va Tech Wabag, विष्णु प्रकाश आर पुंगलिया, EMS और ION एक्सचेंज जैसी लिस्टेड कंपनियों से है। कंपनी द्वारा अधिकांश STP में स्थापित ट्रीटमेंट प्रोसेस जीरो लिक्विड डिस्चार्ज-कंप्लायंट है और ट्रीटेड वाटर का उपयोग बागवानी, धुलाई, रेफ्रिजरेशन और अन्य प्रोसेस इंडस्ट्रीज के लिए किया जा सकता है। हेम सिक्योरिटीज इस इश्यू का एकमात्र बुक-रनिंग लीड मैनेजर है, जबकि बिगशेयर सर्विसेज इस ऑफर का रजिस्ट्रार है।

Enviro Infra Engineers का फाइनेंशियल

फाइनेंशियल की बात करें तो वित्त वर्ष 2024 में एनवायरो इंफ्रा इंजीनियर्स का नेट प्रॉफिट बढ़कर 110.5 करोड़ रुपये हो गया, जो वित्त वर्ष 2023 में 55 करोड़ रुपये से 101 फीसदी अधिक है। इस अवधि के दौरान कंपनी का रेवेन्यू राजस्व 338.1 करोड़ रुपये से 115.6 फीसदी बढ़कर 728.9 करोड़ रुपये हो गया। जून 2024 को समाप्त तीन महीने की अवधि में मुनाफा 205.6 करोड़ रुपये के रेवेन्यू पर 30.8 करोड़ रुपये रहा।

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