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Enviro Infra IPO: ग्रे मार्केट में कंपनी के शेयर में मामूली गिरावट, 29 नवंबर को होगी लिस्टिंग

लिस्टिंग से पहले एनवायरो इंफ्रा इंजीनियर्स का IPO 28 नवंबर को ग्रे मार्केट में मामूली गिरावट के साथ कारोबार कर रहा था। एनवायरो इंफ्रा इंजीनियर्स के IPO की लिस्टिंग 29 नवंबर को होगी। इनवेस्टरगेन के आंकड़ों के मुताबिक, इस IPO को 89.90 गुना सब्सक्रिप्शन मिला और ग्रे मार्केट में शेयर 49 रुपये के प्रीमियम पर कारोबार कर रहा था, जो अपर प्राइस बैंड से 33.11 पर्सेंट ज्यादा है। ग्रे मार्केट प्राइस (GMP) पहले तकरीबन 38 पर्सेंट के आसपास था और इसमें हल्की गिरावट हुई थी

MoneyControl Newsअपडेटेड Nov 28, 2024 पर 5:14 PM
Enviro Infra IPO: ग्रे मार्केट में कंपनी के शेयर में मामूली गिरावट, 29 नवंबर को होगी लिस्टिंग
एनवायरो इंफ्रा इंजीनियर्स के IPO का अलॉटमेंट स्टेटस BSE और NSE की वेबसाइट्स पर चेक किया जा सकता है।

लिस्टिंग से पहले एनवायरो इंफ्रा इंजीनियर्स का शेयर 28 नवंबर को ग्रे मार्केट में मामूली गिरावट के साथ कारोबार कर रहा था। एनवायरो इंफ्रा इंजीनियर्स

के IPO की लिस्टिंग 29 नवंबर को होगी। इनवेस्टरगेन के आंकड़ों के मुताबिक, इस IPO को 89.90 गुना सब्सक्रिप्शन मिला और ग्रे मार्केट में शेयर 49 रुपये के प्रीमियम पर कारोबार कर रहा था, जो अपर प्राइस बैंड से 33.11 पर्सेंट ज्यादा है। ग्रे मार्केट प्राइस (GMP) पहले तकरीबन 38 पर्सेंट के आसपास था और इसमें हल्की गिरावट हुई थी।

एनवायरो इंफ्रा इंजीनियर्स वाटर और वेस्टवाटर प्लांट्स की डिजाइनिंग, कंस्ट्रक्शन और ऑपरेशन के क्षेत्र में काम करने वाली कंपनी है। साथ ही, यह सरकारी संस्थाओं से जुड़े वाटर सप्लाई स्कीम प्रोजेक्ट्स के लिए भी काम करती है। 650 करोड़ रुपये के इस IPO का प्राइस बैंड 140-148 रुपये की रेंज में है। इस बीच, जिन लोगों ने एनवायरो इंफ्रा इंजीनियर्स के IPO को सब्सक्राइब किया है, वे रजिस्ट्रार, बिगशेयर सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड की ऑफिशियल वेबसाइट पर अपना ऐप्लिकेशन नंबर या पैन डिटेल चेक कर अलॉटमेंट स्टेटस चेक कर सकते हैं।

एनवायरो इंफ्रा इंजीनियर्स के IPO का अलॉटमेंट स्टेटस बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) की वेबसाइट्स पर चेक किया जा सकता है। इस IPO से हासिल रकम में से 181 करोड़ रुपये का इस्तेमाल वर्किंग कैपिटल जरूरतों को पूरा करने में किया जाएगा, जबकि 100 करोड़ रुपये कर्ज के भुगतान पर खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा, 30 करोड़ रुपये कंपनी की सब्सिडियरी EIEL मथुरा इंफ्रा इंजीनियर्स में निवेश किए जाएंगे। इसके जरिये मथुरा में 6 करोड़ लीटर रोजाना की क्षमता वाला सीवेज प्लांट डिवेलप किया जाएगा। बाकी फंड सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों के लिए आवंटित किया जाएगा।

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