FirstCry IPO: ई-कॉमर्स यूनिकॉर्न फर्स्टक्राय का IPO आज यानि 6 अगस्त से खुल गया। इसमें 8 अगस्त तक पैसे लगाए जा सकेंगे। IPO से पहले Firstcry की पेरेंट कंपनी Brainbees Solutions ने एंकर इनवेस्टर्स से 1,885.83 करोड़ रुपये जुटाए थे। FirstCry में प्रेमजी इनवेस्ट, महिंद्रा एंड महिंद्रा और सॉफ्टबैंक सहित अन्य एंटिटीज का पैसा लगा हुआ है। पिछले प्राइवेट फंडिंग राउंड में इसकी वैल्यूएशन 2.8 अरब डॉलर आंकी गई थी।
FirstCry बेबी और मदर केयर प्रोडक्ट्स की बिक्री करता है। IPO के लिए प्राइस बैंड 440-465 रुपये प्रति शेयर रखा गया है। लॉट साइज 32 शेयर है। IPO क्लोज होने के बाद शेयरों की लिस्टिंग बीएसई और एनएसई पर 13 अगस्त को होगी। IPO में 1,666 करोड़ रुपये के 3.58 करोड़ नए शेयर जारी हो रहे हैं। साथ ही 2,527.73 करोड़ रुपये के 5.44 करोड़ शेयरों का ऑफर फॉर सेल (OFS) रहेगा। कंपनी कुल 4,193.73 करोड़ रुपये जुटाना चाहती है।
IPO सुबह 10 बजे खुला। शाम 5 बजे तक इसे 0.10 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 0.45 गुना और नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 0.07 गुना भरा है। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व हिस्से को कुछ खास रिस्पॉन्स नहीं मिला है। एंप्लॉयीज के लिए रिजर्व हिस्सा 1.79 गुना सब्सक्राइब हो चुका है।
किस इनवेस्टर की कितनी हिस्सेदारी
फिलहाल, फर्स्टक्राय में सॉफ्टबैंक की 25.55 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जबकि ब्रेनबीज सॉल्यूशंस और महिंद्रा की 10.98 प्रतिशत हिस्सेदारी है। एसवीएफ फ्रॉग (केमैन) लिमिटेड, महिंद्रा एंड महिंद्रा, TPG, पीआई ऑपर्च्युनिटीज और नेक्स्टजेन उन निवेशकों में शामिल हैं, जो OFS के जरिए अपनी हिस्सेदारी बेच रहे हैं।
ग्रे मार्केट से क्या संकेत
ग्रे मार्केट में Firstcry के शेयर IPO के अपर प्राइस बैंड 465 रुपये से 45 रुपये या 9.68 प्रतिशत प्रीमियम पर ट्रेड कर रहे हैं। इस आधार पर शेयरों की लिस्टिंग 510 रुपये के भाव पर हो सकती है। ग्रे मार्केट एक अनऑथराइज्ड मार्केट है, जहां किसी कंपनी के शेयर उसकी लिस्टिंग तक ट्रेड करते हैं।
FirstCry IPO में रिजर्व हिस्सा
FirstCry IPO में 75 प्रतिशत हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए, 10 प्रतिशत हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए और 15 प्रतिशत हिस्सा नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व है। IPO के लिए Kotak Mahindra Capital Company, Morgan Stanley India Company Pvt Ltd, Bofa Securities India Limited, Jm Financial Limited and Avendus Capital Pvt Ltd बुक रनिंग लीड मैनेजर हैं। रजिस्ट्रार Link Intime India Private Ltd है।
ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस के अनुसार, फर्स्टक्राय ने 31 दिसंबर, 2023 को समाप्त 9 महीनों में 4,814 करोड़ रुपये का रेवन्यू दर्ज किया, जबकि इसी अवधि के दौरान उसे 278 करोड़ रुपये का घाटा हुआ। कुल बिक्री का करीब 77 प्रतिशत हिस्सा ऑनलाइन चैनल्स के जरिए आया, जबकि शेष 23 प्रतिशत ऑफलाइन स्टोर्स के जरिए हासिल हुआ। वित्त वर्ष 2024 में फर्स्टक्राय का रेवेन्यू 6,480.86 करोड़ रुपये रहा, जो एक साल पहले 5,632.54 करोड़ रुपये था। वित्त वर्ष के दौरान स्टार्टअप को 321.51 करोड़ रुपये का घाटा देखना पड़ा, जबकि इससे एक साल पहले घाटा 486.01 करोड़ रुपये था।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।