ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट (Flipkart) प्री-IPO राउंड में 2-2.5 अरब डॉलर तक की मोटी रकम जुटाने की तैयारी कर रही है। अगर यह योजना सफल होती है तो यह कंपनी के लिए लगभग दो सालों में प्राइवेट मार्केट से जुटाई गई दूसरी बड़ी रकम होगी। मनीकंट्रोल को यह बात मामले की जानकारी रखने वालों से पता चली है। इससे पहले फ्लिपकार्ट में साल 2024 में Google ने 35 करोड़ डॉलर का निवेश किया था। एक सूत्र ने कहा कि अंतिम फैसला आने वाले हफ्तों में ही लिया जाएगा और यह वॉलमार्ट की इच्छा और मंजूरी पर निर्भर करेगा।
वॉलमार्ट की फ्लिपकार्ट में 80 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सेदारी है। वॉलमार्ट ने 2018 में भारत की फ्लिपकार्ट को 16 अरब डॉलर में खरीदा था। यह भी कहा जा रहा है कि ऐसा भी हो सकता है कि वॉलमार्ट अपनी हिस्सेदारी कम करने को तैयार न हो और फ्लिपकार्ट फंड जुटाने की योजना को आगे न बढ़ाए।
लंदन, सिंगापुर और अमेरिका में मीटिंग्स
सूत्रों का कहना है कि फ्लिपकार्ट ग्रुप के CEO कल्याण कृष्णमूर्ति ने पिछले कुछ महीनों में सिंगापुर, अमेरिका और लंदन में निवेशकों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की है। ऐसा इसलिए ताकि प्राइवेट फंड जुटाने की संभावनाओं को परखा जा सके। CEO कृष्णमूर्ति के नेतृत्व में कंपनी की टॉप टीम ने पिछले कुछ महीनों में कई दिग्गज अमेरिकी बैंकरों से मुलाकात की है। इनमें गोल्डमैन सैक्स, जेपी मॉर्गन, बैंक ऑफ अमेरिका (BofA), सिटीग्रुप आदि शामिल हैं। निवेशकों की दिलचस्पी का अंदाजा लगाने के लिए एक्सिस बैंक, JM फाइनेंशियल और कोटक महिंद्रा बैंक जैसे प्रमुख भारतीय बैंकरों के प्रमुखों से भी बातचीत की गई है।
यह भी कहा जा रहा है कि कल्याण कृष्णमूर्ति ने कुछ महीने पहले Capital Group के साथ भी मुलाकात की थी। यह ग्रुप दुनिया भर में पब्लिक और प्राइवेट कंपनियों में निवेश करता है। फ्लिपकार्ट की आखिरी बार वैल्यूएशन मई 2024 में Google से फंड जुटाने के दौरान 36 अरब डॉलर आंकी गई थी। अभी वैल्यूएशन को लेकर किसी नतीजे पर नहीं पहुंचा जा सका है।
सूत्रों के अनुसार, इसके अलावा संस्थागत निवेशकों ने भी स्वतंत्र रूप से फ्लिपकार्ट से संपर्क किया है और कंपनी में निवेश करने की इच्छा जताई है। CEO कृष्णमूर्ति ने संकेत दिया है कि Flipkart Group 12-18 महीनों में IPO लाएगा। इस ग्रुप के तहत मिंत्रा, super.money, क्लीयरट्रिप, Ekart भी आते हैं। इस साल मार्च महीने में खबर आई कि फ्लिपकार्ट ने अपने सालाना परफॉर्मेंस रिव्यू के तहत करीब 300 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया। इससे कंपनी के कुल 30,000 से ज्यादा कर्मचारियों में से 2-3% प्रभावित हुए।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।