Fractal Analytics IPO: टीपीजी कैपिटल के निवेश वाली डेटा एनालिटिक्स और एंटरप्राइजे आर्टिफिशियस इंटेलिजेंस (AI) कंपनी फ्रैक्टल एनालिटिक्स आईपीओ लाने जा रही है। मनीकंट्रोल को जो जानकारी मिली है, उसके मुताबिक यह आईपीओ अगले वित्त वर्ष 2027 का बजट पेश होने के बाद आ सकता है यानी कि करीब दो हफ्ते बाद इसे लागे की योजना कंपनी की है। इसका ₹4900 करोड़ का आईपीओ इस साल 2026 में अब तक दूसरा सबसे बड़ा टेक आईपीओ साबित होगा। अभी इस मामले में अमागी मीडिया लैब्स आगे है जिसका ₹1788 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 13 जनवरी को खुला था और यह 16 जनवरी तक खुला रहेगा।
फ्रेक्टल के आईपीओ को लेकर सूत्रों ने बताया कि पहले इसे इसी महीने लाने की योजना थी लेकिन अब इसे बजट के बाद लाया जाएगा। ऐसा इसलिए क्योंकि कंपनी नहीं चाहती है कि इसका बड़ा आईपीओ ऐसे समय में आए, जब मार्केट में काफी वोलैटिलिटी है। आमतौर पर बजट जैसे अहम इवेंट के आस-पास काफी वोलैटिलिटी रहती है।
Fractal Analytics IPO: डिटेल्स
₹4900 करोड़ के आईपीओ के तहत फ्रैक्टल एनालिटिक्स की योजना ₹1279.3 करोड़ के नए शेयर जारी करने की है। इसके अलावा कंपनी के मौजूदा शेयरहोल्डर्स आईपीओ के ऑफर फॉर सेल (OFS) विंडो के तहत ₹3,620.7 करोड़ के शेयरों की बिक्री करेंगे। कंपनी के ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्ट्स (DRHP) यानी आईपीओ के ड्राफ्ट के मुताबिक ये शेयर टीपीजी कैपिटल बेचेगी।
इसके आईपीओ के पैसों के इस्तेमाल की बात करें तो ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिके शेयरों का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर के पास जाएगा। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल कंपनी अपनी अमेरिकी सब्सिडरी का कर्ज हल्का करने, आरएंडी, फ्रेक्टल अल्फा के तहत बिक्री, भारत में नया ऑफिस बनाने, अधिग्रहण और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।
पिछला साल आईपीओ मार्केट में टेक कंपनियों की काफी रौनक रही और ग्रो (Groww), पाइन लैब्स (Pine Labs), मीशो (Meesho), फिजिक्सवाला (Physicswallah), लेंसकार्ट (Lenskart) और अर्बन कंपनी (Urban Company) जैसी दिग्गज कंपनियों के आईपीओ आए थे। अब इस साल 2026 में भी यह रुझान बने रहने की संभावना है। इस साल फोनपे (PhonePe) का आईपीओ आ सकता है।
फ्रैक्टस एनालिटिक्स के बारे में
वर्ष 2000 में बनी फ्रैक्टल एनालिटिक्स एक वैश्विक एंटरप्राइज एआई कंपनी है जोकि बड़ी मल्टीनेशनल कंपनियों के साथ काम करती है। यह कंपनियों को डेटा और एंड-टू-एंड एआई सॉल्यूशंस मुहैया कराती है। इसकी सर्विसेज दो सेगमेंट्स में हैं- एक तो फ्रैक्टलडॉटएआई और दूसरा फ्रैक्टल अल्फा। इसने बैंकिंग, कंज्यूमर गुड्स, रिटेल, टेक्नोलॉजी, हेल्थकेयर और इंश्योरेंस सेक्टर्स में 113 बड़ी मल्टीनेशनल क्लाइंट्स को सर्विसेज दी है। इसके वित्तीय सेहत की बात करें तो वित्त वर्ष 2025 में कंपनी का रेवेन्यू सालाना आधार पर ₹2,241 करोड़ से बढ़कर ₹2,816 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी ₹54.7 करोड़ के घाटे से ₹220.6 करोड़ के मुनाफे में पहुंच गई।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।