Gandhar Oil Refinery India IPO : व्हाइट ऑयल मैन्युफैक्चरिंग कंपनी गंधार ऑयल रिफाइनरी इंडिया का आईपीओ 22 नवंबर को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलने वाला है। निवेशकों के पास इसमें 24 नवंबर तक निवेश का मौका होगा। इंडियन रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी और टाटा टेक्नोलॉजीज के बाद यह अगले सप्ताह खुलने वाला तीसरा ऑफर होगा। कंपनी आईपीओ के लिए प्राइस बैंड की घोषणा शुक्रवार तक कर सकती है। एंकर निवेशकों के लिए यह इश्यू 21 नवंबर को एक दिन के लिए खुलेगा।
आईपीओ संबंधी दस्तावेजों के मसौदे के मुताबिक इस इश्यू में 302 करोड़ रुपये मूल्य के फ्रेश इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे। इसके अलावा प्रमोटरों और मौजूदा शेयरधारकों द्वारा 1.17 करोड़ शेयरों की भी ऑफर फॉर सेल (OFS) के तहत की जाएगी। सूत्रों के मुताबिक OFS के जरिये करीब 500 करोड़ रुपये जुटाए जाने की उम्मीद है।
प्रमोटर रमेश बाबूलाल पारेख, कैलाश पारेख और गुलाब पारेख ओएफएस में प्रत्येक 22.5 लाख शेयर बेचेंगे। इसके अलावा, ग्रीन डेजर्ट रियल एस्टेट ब्रोकर्स, डेनवर बिल्डिंग मैट एंड डेकोर टीआर एलएलसी, और फ्लीट लाइन शिपिंग सर्विसेज एलएलसी ओएफएस में क्रमशः 30 लाख शेयर, 10 लाख शेयर और 10 लाख शेयर की पूरी शेयरहोल्डिंग बेचकर कंपनी से बाहर निकल जाएंगे।
कहां होगा फंड का इस्तेमाल
कंज्यूमर और हेल्थकेयर इंडस्ट्रीज को सर्विस देने वाली महाराष्ट्र स्थित कंपनी अपनी सब्सिडियरी कंपनी Texol का 22.71 करोड़ रुपये का कर्ज चुकाएगी। इसके अलावा, सिलवासा प्लांट में ऑटोमोटिव ऑयल की कैपिसिटी बढ़ाने के लिए जरूरी इक्विपमेंट और सिविल वर्क की खरीद के लिए 27.73 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। 185 करोड़ रुपये का उपयोग वर्किंग कैपिटल जरूरतों के लिए किया जाएगा। शेष फंड का इस्तेमाल सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।
गंधार ऑयल रिफाइनरी व्हाइट ऑयल की प्रमुख उत्पादक कंपनी है। कंपनी मुख्य रूप से दिव्योल ब्रांड के तहत पर्सनल केयर, हेल्थकेयर और परफॉर्मेंस ऑयल (PHPO), लुब्रिकेंट और प्रोसेंस और इन्सुलेट तेल (PIO) डिवीजनों में कई प्रोडक्ट्स बनाती है। कंपनी के प्रॉक्टर एंड गैंबल, यूनिलीवर, मैरिको, डाबर, Encube, पतंजलि आयुर्वेद, बजाज कंज्यूमर केयर, इमामी और अमृतांजन हेल्थकेयर सहित कई घरेलू और वैश्विक ग्राहकों के साथ लॉन्ग टर्म रिलेशनशिप हैं।
प्रमोटर - पारेख परिवार के पास भारत के व्हाइट ऑयल के सबसे बड़े निर्माता में 87.5 फीसदी हिस्सेदारी है, जिसने FY21-FY23 के दौरान 40.6 फीसदी की CAGR पर रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की। बाकी शेयर आईडीएफसी एसेट मैनेजमेंट कंपनी सहित पब्लिक शेयरहोल्डर्स के पास हैं। ICICI सिक्योरिटीज और नुवामा वेल्थ मैनेजमेंट इस इश्यू के मर्चेंट बैंकर हैं।