Glenmark Life Sciences का IPO आज यानी 27 जुलाई को खुल रहा है। कंपनी अपने इश्यू से 1514 करोड़ रुपए जुटाने की तैयारी में है। इसके इश्यू में 1060 करोड़ रुपए का फ्रेश इश्यू जारी किया जाएगा जबकि 453 करोड़ रुपए के शेयर ऑफर फॉर सेल में बेचे जाएंगे। कंपनी के इश्यू का प्राइस बैंड 695-720 रुपए है।
अगर आप ग्लेनमार्क लाइफ साइंस के IPO में निवेश करना चाहते हैं तो कम से कम 20 शेयरों के लिए बोली लगानी होगी। रिटेल इनवेस्टर्स को कम से कम 14,400 रुपए का निवेश करना होगा। जबकि रिटेल इनवेस्टर्स का मैक्सिमम इनवेस्टमेंट 1,85,299 रुपए हो सकता है। किसी भी IPO में रिटेल इनवेस्टर्स 2 लाख रुपए से ज्यादा निवेश नहीं कर सकते हैं।
कंपनी के इश्यू का 50 फीसदी क्वालीफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स, 15 फीसदी नॉन-इंस्टीट्यूशनल बायर्स और 35 फीसदी रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व है।
ब्रोकरेज फर्म ने कहा कि 720 रुपए के अपर प्राइस बैंड के मुताबिक, कंपनी के इश्यू 25 P/E पर हैं जो वैल्यूएशन के लिहाज से ठीक नजर आ रहे हैं। हालांकि ब्रोकरेज फर्म को इसमें सिर्फ एक बात की चिंता है। ग्लेनमार्क लाइफ साइंसेज की प्रमोटर कंपनी ही इसकी दूसरी सबसे बड़ी ग्राहक हैं।
रेलिगेयर ब्रोकिंग फर्म ने कहा, कंपनी के पोर्टफोलियो में 120 API प्रोडक्ट्स हैं जिनका इस्तेमाल कार्डियोवैस्कुलर, CNS, डायबिटिज, एंटी इंफेक्टिव के इलाज में होता है। रेलिगेयर भी लॉन्ग टर्म के लिहाज से कंपनी पर बुलिश है।
IPO लाने के बाद कंपनी का शुमार डिविज लैब्स, लॉरिस लैब्स, शिल्पामेडिकेयर और सोलारा एक्टिव फार्मा साइंसेज जैसी कंपनियों में होने लगेगा।
कंपनी API बिजनेस पर निर्भर करती है और वित्त वर्ष 2020 और 2019 के लिए, इसके API ऑपरेशंस ने इसके कुल रेवेन्यू में 84.16% और 89.87% का योगदान दिया।
फिस्कल ईयर 2020 के लिए कंपनी की कुल आय ₹1549.30 करोड़ थी, जो इसके एक साल पहले ₹886.87 करोड़ थी। इस अवधि के लिए नेट प्रोफिट पिछले साल के ₹195.59 करोड़ के मुकाबले ₹313.10 करोड़ रहा। दिसंबर 2020 तक, कंपनी का कर्ज ₹947.44 करोड़ था।
दिसंबर 2020 तक, कंपनी के पास वैश्विक स्तर पर 120 मॉलिक्यूल का एक पोर्टफोलियो था और उसने भारत में हमारे API बेचे और यूरोप, उत्तरी अमेरिका, लैटिन अमेरिका, जापान और बाकी दुनिया के कई देशों में हमारे API निर्यात किए। 7 अप्रैल 2021 तक, कंपनी ने कई प्रमुख बाजारों में यूरोपीय फार्माकोपिया के मोनोग्राफ के लिए 399 ड्रग मास्टर फाइल्स और उपयुक्तता के प्रमाण पत्र दाखिल किए थे।