देश की दूसरी सबसे बड़ी टू-व्हीलर कंपनी हीरो मोटोकॉर्प (Hero MotoCorp) की फाइनेंशियल सर्विसेज इकाई हीरो फिनकॉर्प ( Hero FinCorp) ने अपने मेगा IPO के लिए 8 इनवेस्टमेंट बैंकों को शॉर्टलिस्ट किया है। कंपनी का यह IPO 2024 में आएगा। मामले से वाकिफ एक सूत्र ने बताया, 'इस IPO के लिए बड़ी लिस्टिंग की तैयारी है। जेएम फाइनेंशियल, बोफा सिक्योरिटीज, जेफरीज, ICICI सिक्योरिटीज, HSBC सिक्योरिटीज, UBS, SBI कैपिटल और HDFC को एडवाइजर के तौर पर चुना गया है।'
UBS ने जून 2023 में क्रेडिट सुईस (Credit Suisse) का ग्लोबल अधिग्रहण पूरा किया था। दो अन्य सूत्रों ने भी इनवेस्टमेंट बैंकर्स की इस सूची की पुष्टि की है। सूत्रों के मुताबिक, प्रस्तावित IPO प्राइमरी और सेकेंडरी इश्यू से जुड़े शेयरों का मिला-जुला रूप होगा। इस IPO के जरिये ग्रोथ के लिए पूंजी जुटाई जाएगी और कुछ निवेशकों के लिए बाहर निकलने का रास्ता भी साफ होगा।
इस IPO का प्रस्तावित साइज 4,000 करोड़ रुपये है। हालांकि, यह बाजार की परिस्थितियों और निवेशकों की शेयरों की बिक्री की रणनीति पर निर्भर करेगा और इस हिसाब से इसमें फेरबदल भी हो सकता है। सूत्रों के मुताबिक, हालांकि फिलहाल यह साफ नहीं कि इस डील में और इनवेस्टमेंट बैंकों को जोड़ा जाएगा या नहीं। सभी सूत्रों ने नाम जाहिर नहीं किए जाने की शर्त पर मनीकंट्रोल (Moneycontrol) से बात की है।
HERO FINCORP: अहम शेयरहोल्डर्स
हीरो फिनकॉर्प में प्रमोटर कंपनी हीरो मोटोकॉर्प की तकरीबन 40 पर्सेंट हिस्सेदारी है, जबकि मुंजाल फैमिली की हिस्सेदारी 35-39 पर्सेंट है। बाकी हिस्सेदारी अपोलो ग्लोबल (Apollo Global), क्रिसकैपिटल (ChrysCapital), क्रेडिट सुईस (Credit Suisse) और हीरमोटो कॉर्प के कुछ डीलर्स के पास है। हीरो फिनकॉर्प लिमिटेड ने फरवरी 2022 में अपोलो मैनेजमेंट और हीरो मोटोकॉर्प आदि से 2,000 करोड़ रुपये जुटाए थे। अपोलो ग्लोबल मैनेजमेंट ने हाइब्रिड वैल्यू फंड के जरिये 937 करोड़ रुपये निवेश किया, जबकि हीरो मोटोकॉर्प ने 700 करोड़ रुपये लगाए।
इस नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी की स्थापना 1991 में हुई थी और यह मुख्य तौर पर टू-व्हीलर फाइनेसिंग, टर्म लोन, वर्किंग कैपिटल लोन, बिल डिस्काउंटिंग और लीजिंग के जरिये रिटेल और कॉरपोरेट ग्राहकों को फाइनेंसिंग की सुविधा मुहैया कराती है। वित्त वर्ष 2023 में कंपनी का नेट प्रॉफिट 457.33 करोड़ रुपये था, जबकि वित्त वर्ष 2022 में कंपनी को 195 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था। पिछले वित्त वर्ष के दौरान ऑपरेशंस से कंपनी की कुल इनकम 35 पर्सेंट की बढ़ोतरी के साथ 6,003.77 करोड़ रुपये थी, जबकि इससे पिछले साल में यह आंकड़ा 4,440.58 करोड़ रुपये था।