हाइनस माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स के आईपीओ को इनवेस्टर्स का जबर्दस्त रिस्पॉन्स मिला है। यह आईपीओ 27 मार्च को बंद हो गया। यह आईपीओ 180 गुना सब्सक्राइब हुआ है। खास बात यह है कि इस आईपीओ में निवेशकों ने तब इतनी ज्यादा दिलचस्पी दिखाई है, जब बाजार का सेंटीमेंट काफी कमजोर है। बाजार में बड़ी गिरावट है। 24 और 25 मार्च को दो दिन रिकवरी के बाद 27 मार्च को बाजार में बड़ी गिरावट आई। प्रमुख सूचकांक 2 फीसदी टूट गए।
शेयर का प्राइस बैंड 114-120 रुपये
Highness Microelectronics डिजिटल इमेजिंग एंड डिस्प्ले ऑफर करती है। कंपनी इस इश्यू से 21.67 करोड़ रुपये जुटा रही है। इस इश्यू में कुल 18.06 लाख शेयरों की बिक्री होगी। इसमें से 16.53 लाख नए शेयर जारी होंगे, जबकि 1.52 लाख शेयर ऑफर फॉर सेल (OFS) के तहत जारी होंगे। इस आईपीओ में कंपनी ने शेयर का प्राइस बैंड 114-120 रुपये तय किया था।
हर कैटेगरी के निवेशकों की दिलचस्पी
इस इश्यू में निवेशकों ने 60,192 अप्लिकेशंस के जरिए 23.34 करोड़ शेयरों के लिए बोली लगाई है। यह इश्यू 24 मार्च से 27 मार्च के बीच खुला था। खास बात यह है कि सभी कैटेगरीज में कंपनी के शेयरों के लिए अच्छी दिलचस्पी देखने को मिली। यह इश्यू नॉन-इंस्टीट्यूशनल और रिटेल इनवेस्टर्स की कैटेगरी में क्रमश: 268.13 गुना और 185.11 गुना सब्सक्राइब हुआ। क्वालिफायड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के बीच यह 81.95 गुना सब्सक्राइब हुआ।
ग्रे मार्केट प्रीमियम 20 फीसदी से ज्यादा
इस शेयर का ग्रे मार्केट प्रीमियम 20 फीसदी से ज्यादा था। आईपीओ के निवेशकों को शेयरों का ऐलोकेशन 30 मार्च तक हो जाने की उम्मीद है। 2 अप्रैल से बीएसई एसएमई प्लेटफॉर्म पर इस शेयर में ट्रेडिंग शुरू हो जाएगी। यह कंपनी डिजिटल इमेंजिंग सॉल्यूशंस डिजाइन, डेवलप, एंसेंबल और मैन्युफैक्चर करती है। थिन फिल्म ट्रांजिस्टर और लिक्विड क्रिस्टल डिस्प्ले मॉड्यूल, डिस्प्ले कंट्रोलर्स जैसे प्रोडक्ट्स कंपनी बनाती है।
मुंबई में एसेंबली लाइन लगाने का प्लान
आईपीओ से हासिल कुल फंड में से 5.26 करोड़ रुपये कंपनी मुंबई में एसेंबली लाइन स्थापित करने पर खर्च करेगी। 6.7 करोड़ रुपये वर्किंग कैपिटल के लिए इस्तेमाल करेगी। 1.89 करोड़ रुपये का इस्तेमाल वह कर्ज चुकाने के लिए करेगी। बाकी पैसे का इस्तेमाल सामान्य कारोबारी जरूरतों के लिए करेगी। इस आईपीओ का मर्चेंट बैंकर Fintellectual Corporate Advisors है।
कमजोर बाजार में भी जबर्दस्त रिस्पॉन्स
मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि मार्च में शेयर बाजार में बड़ी गिरावट आई है। इस वजह से कई कंपनियों ने आईपीओ का प्लान टाल दिया है। इस दौरान आए कुछ आईपीओ की लिस्टिंग कमजोर रही है। इसकी वजह यह है कि मार्केट में बड़ी गिरावट की वजह से इनवेस्ट्रस निवेश करने से कतरा रहे हैं। ऐसे में किसी कंपनी के आईपीओ का 180 गुना सब्सक्राइब होना चौंकाने वाली बात है।