Innovision IPO: मैनपावर सर्विसेज और टोल प्लाजा मैनेजमेंट क्षेत्र की कंपनी Innovision Ltd के आईपीओ में निवेश का आज पहला दिन था। बाजार में जारी उतार-चढ़ाव के बीच, पहले दिन निवेशकों का रिस्पांस काफी ठंडा रहा। दोपहर तक यह इश्यू कुल मिलाकर 2 प्रतिशत से भी कम सब्सक्राइब हुआ है।
NSE और BSE के शाम 3:21 बजे तक के आंकड़ों के अनुसार, 61.32 लाख शेयरों के ऑफर के मुकाबले केवल 1.15 लाख शेयरों के लिए बोलियां मिलीं:
संस्थागत खरीदार(QIB): इस कैटेगरी में सबसे ज्यादा डिमांड दिखी। संस्थागत निवेशकों के लिए आरक्षित 61,323 शेयरों के मुकाबले 58,914 शेयरों के लिए बोली लगी, जिससे यह हिस्सा 96 प्रतिशत भर गया।
रिटेल निवेशक: आम निवेशकों ने बहुत कम रुचि दिखाई और यह हिस्सा मात्र 1 प्रतिशत सब्सक्राइब हुआ।
गैर-संस्थागत निवेशक(NII): इस कैटेगरी में मांग न के बराबर रही और केवल 1,134 शेयरों के लिए बोलियां प्राप्त हुईं।
IPO से जुड़ी जरूरी जानकारी
कंपनी का प्रोफाइल और वित्तीय स्थिति
गुड़गांव बेस्ड Innovision 23 राज्यों और 5 केंद्र शासित प्रदेशों में काम करती है। इसका 56% रेवेन्यू टोल प्लाजा मैनेजमेंट से और 41% मैनपावर सर्विसेज से आता है। वित्त वर्ष 2025 में कंपनी का मुनाफा 182.5% बढ़कर ₹29 करोड़ रहा, जबकि रेवेन्यू ₹893.1 करोड़ पर पहुंच गया। आईपीओ से जुटने वाले पैसे का उपयोग कर्ज चुकाने और वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने के लिए किया जाएगा।
बोली लगाने को लेकर क्या है एक्सपर्ट की सलाह?
शानदार वित्तीय आंकड़ों के बावजूद, SBI Securities ने निवेशकों को इस आईपीओ से दूर रहने की सलाह दी है। ब्रोकरेज ने इसके पीछे कई कारण बताए हैं:
महंगा वैल्यूएशन: समान क्षेत्र की अन्य कंपनियों के मुकाबले शेयर की कीमत काफी ज्यादा रखी गई है।
जोखिम: ग्राहकों और भौगोलिक स्थिति के मामले में कंपनी कुछ ही क्षेत्रों पर बहुत ज्यादा निर्भर है।
अन्य चुनौतियां: कंपनी पर चल रहे कानूनी और रेगुलेटरी मामले, कम मार्जिन और कर्मचारियों के नौकरी छोड़ने की उच्च दर को भी बड़े रिस्क के रूप में देखा जा रहा है।
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