LIC IPO: भारत की सबसे बड़ी बीमा कंपनी लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (LIC) के मुनाफे में मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही में हजारों गुना की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। कंपनी ने मंगलवार को बताया कि वित्त वर्ष 2021-22 की पहली छमाही में उसका नेट प्रॉफिट बढ़कर 1,437 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वित्त वर्ष की इसी छमाही में महज 6.14 करोड़ रुपये था। LIC के मुनाफे में यह बढ़ोतरी ऐसे समय में दर्ज की गई है, जब अगले कुछ हफ्तों का कंपनी का आईपीओ आने की अटकलें हैं।
LIC के न्यू बिजनेस प्रीमियम की ग्रोथ में भी पहली छमाही के दौरान 554.1 फीसदी की शानदार उछाल देखी गई, जबकि पिछले वित्त वर्ष की इसी छमाही में इसमें 394.76 फीसदी की उछाल देखी गई थी।
कंपनी का टोटल नेट प्रीमियम भी पहली छमाही में 1,679 करोड़ रुपये बढ़कर 1.86 लाख करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में 1.84 लाख करोड़ था। मौजूदा वित्त वर्ष की पछली छमाही यानी अप्रैल-सितंबर अवधि के दौरान LIC के कुल प्रीमियम में 17,404 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई। साथ ही इसकी निवेश से होने वाली आय बढ़कर 3.35 लाख करोड़ हो गई।
भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) का मेगा इनीशियल पब्लिक ऑफर (IPO) जल्द ही आने की उम्मीद है। LIC के आईपीओ की सबसे खास बात यह होने वाली है कि कंपनी अपने 25 करोड़ से अधिक पॉलिसीधारकों के लिए IPO में एक हिस्सा रिजर्व कर सकती है और उन्हें कुछ डिस्काउंट भी दे सकती है।
देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी का डिसइनवेस्टमेंट आसान बनाने के लिए कॉमर्स एंड इंडस्ट्री मिनिस्ट्री ने फॉरेन डायरेक्ट इनवेस्टमेंट (एफडीआई) पॉलिसी में कुछ बदलाव पेश किए हैं। ब्लूमबर्ग ने इसी हफ्ते खबर दी थी कि विदेशी निवेशकों को लुभाने के लिए अथॉरिटीज एफडीआई से जुड़े नियमों की समीक्षा कर रही हैं और संशोधन कर रही हैं।