IPO बाजार की भी हालत पतली, हर तीन में से 2 आईपीओ के शेयर इश्यू प्राइस से नीचे

ज्यादातर आईपीओ के निवेशक मायूस हैं। करीब 15 कंपनियों के शेयर अपने इश्यू प्राइस से कम से कम 50 फीसदी नीचे चल रहे हैं। Glottis, VSM TMT, Mangal Electrical, Jinkushal Industries और Shree Ram Twistex के शेयर तो निवेशकों का 70 फीसदी तक पैसा डूबो चुके हैं

अपडेटेड Apr 04, 2026 पर 5:14 PM
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पिछले कुछ हफ्तों में आए कई आईपीओ को काफी कम सब्सक्रिप्शन मिला।

यह समय न सिर्फ सेकेंडरी मार्केट के निवेशकों के लिए खराब है बल्कि आईपीओ इनवेस्टर्स के लिए भी अनफेवरेबल है। हर तीन आईपीओ में से करीब दो के शेयरों में इश्यू प्राइस से नीचे ट्रेडिंग हो रही है। इससे बाजार के कमजोर सेंटीमेंट का पता चलता है। बीते एक साल में लिस्ट हुई कंपनियों में से करीब 66 फीसदी के शेयर आईपीओ के ऑफर प्राइस से नीचे चल रहे हैं।

15 कंपनियों के शेयर इश्यू प्राइस से 50% तक नीचे

ज्यादातर आईपीओ के निवेशक मायूस हैं। करीब 15 कंपनियों के शेयर अपने इश्यू प्राइस से कम से कम 50 फीसदी नीचे चल रहे हैं। Glottis, VSM TMT, Mangal Electrical, Jinkushal Industries और Shree Ram Twistex के शेयर तो निवेशकों का 70 फीसदी तक पैसा डूबो चुके हैं। इससे आईपीओ बाजार के बदलते हालात का पता चलता है, जिसमें कुछ समय पहले तक अच्छी रौनक थी। तब कई आईपीओ की लिस्टिंग अच्छे प्रीमियम के साथ होती थी।


शेयर बाजार में गिरावट का आईपीओ पर असर

शेयर बाजार पर बीते 12-18 महीनों से दबाव दिख रहा है। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में तेज गिरावट आई है। ज्यादातर आईपीओ इन दोनों सेगमेंट के थे, जिससे उनके शेयरों की कीमतों पर गिरावट का ज्यादा असर पड़ा है। इस वजह से इनवेस्टर्स के व्यवहार में भी बदलाव आया है। पहले निवेशक आईपीओ को फटाफट कमाई का जरिया मानते थे। अब वे आईपीओ में पैसे लगाने में हिचक रहे हैं।

आईपीओ में निवेश में इनवेस्टर्स बरत रहे सावधानी

एनालिस्ट्स का कहना है कि इनवेस्टर्स आईपीओ में निवेश करने में सावधानी बरते रहे हैं। खासकर मार्केट में हालिया गिरावट के बाद निवेशकों के व्यवहार में बदलाव दिख रहा है। मध्यपूर्व में चल रही लड़ाई का असर न सिर्फ शेयरों पर बल्कि गोल्ड और बॉन्ड जैसे दूसरे एसेट्स पर भी पड़ा है। क्रूड ऑयल की बढ़ती कीमतों और कमजोर हो रहे रुपये ने महंगाई बढ़ने, ग्रोथ घटने और पूंजी बाहर जाने का खतरा पैदा किया है।

आईपीओ में शेयरों की एग्रेसिव प्राइसिंग से भी घटी दिलचस्पी

आईपीओ में निवेशकों की कम दिलचस्पी की एक वजह आईपीओ में शेयरों की एग्रेसिव प्राइसिंग भी मानी जा रही है। जब बाजार में तेजी होती है तो वैल्यूएशंस पर इनवेस्टर्स ज्यादा ध्यान नहीं देते। लेकिन, जब बाजार में गिरावट होती है और जियोपॉलिटिकल टेंशन होता है तो इनवेस्टर्स निवेश से पहले वैल्यूएशंस को देखते हैं। अभी उन कंपनियों के शेयरों में भी गिरावट दिख रही है, जिनके आईपीओ में निवेशकों ने काफी ज्यादा दिलचस्पी दिखाई थी।

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कई आईपीओ को मिला काफी कमजोर रिस्पॉन्स

पिछले कुछ हफ्तों में आए कई आईपीओ को काफी कम सब्सक्रिप्शन मिला। ग्रे मार्केट जिससे आईपीओ के शेयरों की लिस्टिंग के बारे में संकेत मिलते हैं, उसमें भी कमजोरी दिख रही है। कई आईपीओ के शेयरों का जीएमपी निगेटिव में दिखा है या बहुत कम रहा है। इससे पता चलता है कि आईपीओ को लेकर सेंटीमेंट काफी कमजोर है। बोनांजा पोर्टफोलियो में रिसर्च एनालिस्ट खुशी मिस्त्री ने कहा कि निवेशकों की रिस्क लेने की कपैसिटी कम हुई है, जिसका असर आईपीओ बाजार पर दिख रहा है।

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