IPO Market: इस साल आईपीओ मार्केट ने रचा इतिहास, कंपनियों ने जुटाए रिकॉर्ड 2 लाख करोड़ रुपये

साल 2024 भी आईपीओ के लिहाज से एक सफल साल था। तब 336 कंपनियों ने आईपीओ से 1.90 लाख करोड़ रुपये जुटाए थे। अगर दोनों सालों को मिला दिया जाए तो इस दौरान 701 आईपीओ के जरिए कंपनियों ने 3.8 लाख करोड़ रुपये जुटाए हैं

अपडेटेड Dec 25, 2025 पर 9:25 PM
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इस साल टाटा कैपिटल सहित कई बड़ी कंपनियों के आईपीओ आए। टाटा कैपिटल का 155 अरब रुपये का आईपीओ अक्तूबर में आया था।

प्राइमरी इक्विटी मार्केट 2025 में ऐतिहासिक ऊंचाई पर पहुंच गया। इस साल 365 कंपनियों ने आईपीओ से 1.95 लाख करोड़ रुपये जुटाए। यह एक रिकॉर्ड है। इससे पहले किसी एक साल में कंपनियों ने आईपीओ से इतने पैसे नहीं जुटाए थे। मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज की स्ट्रेटेजी रिपोर्ट से यह जानकारी मिली है।

लगातार दूसरे साल आईपीओ मार्केट में रही धूम

साल 2024 भी आईपीओ के लिहाज से एक सफल साल था। तब 336 कंपनियों ने आईपीओ से 1.90 लाख करोड़ रुपये जुटाए थे। अगर दोनों सालों को मिला दिया जाए तो इस दौरान 701 आईपीओ के जरिए कंपनियों ने 3.8 लाख करोड़ रुपये जुटाए हैं। यह 2019 से 2023 के बीच आईपीओ से जुटाए गए कुल 3.2 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है।


बड़ी कंपनियों ने जुटाए 94 फीसदी पैसे

2025 में बड़ी कंपनियों यानी मेनबोर्ड इश्यू से जुड़़ी गतिविधियां ज्यादा देखने को मिलीं। कुल जुटाए गए पैसे में बड़ी कंपनियों के आईपीओ की हिस्सेदारी करीब 94 फीसदी रही। इस साल आए कुल 365 आईपीओ में से 106 मेनबोर्ड यानी बड़ी कंपनियों के इश्यू थे। इन कंपनियों ने इश्यू से कुल 1.83 लाख करोड़ रुपये जुटाए। बाकी पैसे 259 एसएमई आईपीओ के जरिए जुटाए गए। अगर पिछले दो सालों की बात की जाए तो सिर्फ 198 मेनबोर्ड कंपनियों ने 3.6 लाख करोड़ रुपये जुटाए हैं। इससे कैपिटल फॉर्मेशन में उनकी बड़ी भूमिका का पता चलता है।

कई बड़ी कंपनियों ने पेश किए आईपीओ

इस साल टाटा कैपिटल सहित कई बड़ी कंपनियों के आईपीओ आए। टाटा कैपिटल का 155 अरब रुपये का आईपीओ अक्तूबर में आया था। यह इंडियन प्राइमरी मार्केट का अब तक का चौथा सबसे बड़ा आईपीओ था। मोतीलाल ओसवाल की रिपोर्ट में आईपीओ मार्केट में अलग-अलग सेक्टर के पार्टिसिपेशन की भी जानकारी दी गई है। कुल जुटाए गए पैसे में एनबीएफसी की हिस्सेदारी 26.6 फीसदी रही। इसके बाद कैपिटल गुड्स, टेक्नोलॉजी, हेल्थकेयर एंड कंज्यूमर ड्यूरेबल्स की हिस्सेदारी रही।

कुछ एसएमई आईपीओ 100 गुना सब्सक्राइब हुए

2024 में आईपीओ से पैसे जुटाने में ऑटोमोबाइल्स, टेलीकॉम और रिटेल की ज्यादा हिस्सेदारी थी। पिछले साल यूटिलिटीज और प्राइवेट बैंकों की आईपीओ मार्केट में सक्रियता दिखी थी। लेकिन, इस साल उनकी तरफ से कोई आईपीओ पेश नहीं किया गया। एक्सपर्ट्स का कहना है कि आईपीओ मार्केट में निवेशकों की अच्छी दिलचस्पी बनी हुई है। पिछले दो सालों में आईपीओ का औसत सब्सक्रिप्शन 26.6 गुना रहा है। हालांकि, एसएमई आईपीओ की डिमांड ज्यादा रही है। ऐसे कई आईपीओ में सब्सक्रिप्शन 100 गुना से ज्यादा रहा है।

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आगे भी आईपीओ मार्केट में बनी रहेगी हलचल

मोतीलाल ओसवाल का कहना है कि आगे भी आईपीओ मार्केट में हलचल बनी रहेगी। आईपीओ में घरेलू संस्थागत निवेशकों और रिटेल इनवेस्टर्स का पार्टिसिपेशन आगे भी बेहतर बने रहने की उम्मीद है। म्यूचुअल फंड्स में सिप से होने वाले निवेश का बड़ा हिस्सा भी आईपीओ में जा रहा है। अगले चरण की लिस्टिंग्स में रिन्यूएबल्स एनर्जी, क्विक कॉमर्स और ऐप आधारित बिजनेस मॉडल की ज्यादा हिस्सेदारी दिख सकती है।

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