भारत के इनीशियल पब्लिक ऑफर (IPO) मार्केट में आई तेजी आगे भी मजबूती से जारी रहेगी। भारतीय अपनी बचत को शेयरों में लगा रहे हैं, जिसके चलते मार्केट को लगातार सपोर्ट मिल रहा है। कार्लाइल ग्रुप (Carlyle Group) के सीनियर एग्जिक्यूटिव, अमित जैन ने ब्लूमबर्ग को दिए एक इंटरव्यू में ये बातें कहीं। उन्होंने कहा कि लिक्विडिटी के लिहाज से भारत लगभग दुनिया का नंबर वन मार्केट बनता जा रहा है। यहां के IPOs और सेकेंडरी मार्केट में जबरदस्त लिक्विडिटी देखने को मिल रही है। इसके चलते IPO के लिए आवेदन करने वाली कंपनियों की संख्या में कमी नहीं देखने को मिल रही है।
कार्लाइल अभी तक 6 कंपनियों को शेयर बाजार में लिस्ट करा चुकी है और अब वह एक IT कंपनी- हेक्सावेयर टेक्नोलॉजीज को लिस्ट करने की तैयारी कर रही है। अमित जैन के मुताबिक, आने वाले समय में और भी कई बड़ी लिस्टिंग्स देखने को मिल सकती हैं।
अमित जैन ने बताया कि भारतीय SIP जैसी मंथली इनवेस्टमेंट प्लान के जरिए अपनी बचत को शेयर बाजार में निवेश कर रहे हैं। इसके चलते बाजार में हर महीने एक स्थिर राशि आ रही है, जो लिक्विडिटी को बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रहा है। जैन ने कहा, "7 साल पहले जब कंपनियों को बेचने की कोशिश की जाती थी, तब पर्याप्त लिक्विडिटी नहीं होती थी। लेकिन अब आधे से एक अरब डॉलर के ब्लॉक कुछ ही मिनटों में बिक जाते हैं।"
अमित जैन ने बताया कि कार्लाइल ने पिछले 5 सालों में भारत में जितना निवेश किया है, वह पिछले 13 सालों की तुलना में कहीं अधिक है। कार्लाइल ने अब तक भारत में 6.7 अरब डॉलर का निवेश किया है, जिसमें Yes Bank और VLCC जैसी कंपनियों में हिस्सेदारी शामिल है।
कार्लाइल का फोकस भारत के उभरते मध्यम वर्ग और बढ़ते एक्सपोर्ट्स और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में मौजूद मौकों पर है। इसके अलावा कंपनी रियल एस्टेट, एसेट-बैक्ड फाइनेंसिंग और क्रेडिट जैसे दूसरे एसेट क्लासेज में भी निवेश करने की योजना बना रही है।
अमित जैन ने कहा कि भारत में निवेश के लिए जरूरी है कि निवेशकों के पास एक संतुलित नजरिया हो। उन्होंने यह भी कहा कि शेयर बाजार की जबरदस्त संभावनाओं को सही तरीके से इस्तेमाल करने के लिए अच्छी एग्जिक्यूशन क्वालिटी जरूरी है।