IPO : हरे निशान में रह सकते हैं 2022 में लिस्ट हुए 75% आईपीओ, जानिए 2023 में कैसा रहेगा हाल

IPO : अडानी विल्मर अपने इश्यू प्राइस की तुलना में 174 फीसदी के रिटर्न के साथ सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला आईपीओ रहा। इसके बाद हरिओम पाइप, वेरांडा लर्निंग सॉल्युशंस और वीनस पाइप्स एंड ट्यूब्स रहे जिन्होंने इस साल इश्यू प्राइस पर 100 फीसदी से ज्यादा रिटर्न दिया है

अपडेटेड Dec 14, 2022 पर 12:18 PM
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बीते साल आईपीओ मार्केट से मिले कुछ सबक के बाद इस साल रिटेल इनवेस्टर्स सतर्क बने रहे। 2021 में लगभग 63 कंपनियों ने 1.20 लाख करोड़ रुपए जुटाए
     
     
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    IPOs : वर्ष 2022 में लिस्ट हुए कुल शेयरों में से 75 फीसदी अपने इश्यू प्राइस से ऊपर कारोबार कर रहे हैं। हालांकि, वैश्विक चिंताओं और स्टॉक मार्केट में उतार-चढ़ाव के चलते इस साल आईपीओ की संख्या खासी कम हो गई है। 2022 में 37 कंपनियों ने 58,500 करोड़ रुपये जुटाने के लिए आईपीओ की योजना पेश की। लगभग 33 कंपनियां अभी तक एक्सचेंजों पर लिस्ट हो चुकी हैं, जिनमें से लगभग 25 कंपनियां अपने इश्यू प्राइस से ऊपर कारोबार कर रही हैं। चार कंपनियां सुला विनयार्ड्स (Sula Vineyards), अबांस होल्डिंग्स (Abans Holdings), लैंडमार्क कार्स (Landmark Cars) और केफिन टेक्नोलॉजिस (KFin Technologies) साल के अंत तक एक्सचेंजों पर लिस्ट हो जाएंगी। एनालिस्ट्स को इन चार आईपीओ की फ्लैट से ऊंची कीमत पर ओपनिंग की उम्मीद है।

    गेनर और लूजर

    अडानी विल्मर (Adani Wilmar) अपने इश्यू प्राइस की तुलना में 174 फीसदी के रिटर्न के साथ सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला आईपीओ रहा, जिसके बाद हरिओम पाइप (Hariom Pipe Industries), वेरांडा लर्निंग सॉल्युशंस (Veranda Learning Solutions) और वीनस पाइप्स एंड ट्यूब्स (Venus Pipes & Tubes) शामिल रहे जिन्होंने इश्यू प्राइस पर 100 फीसदी से ज्यादा रिटर्न दिया है।


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    लूजर्स की बात करें तो एजीएस ट्रांजेक्ट टेक्नोलॉजिस 59.7 फीसदी टूट चुका है, वहीं उमा एक्सपोर्ट्स, एलआईसी (LIC) और डेल्हीवरी 24 फीसदी से ज्यादा कमजोर हो चुके हैं। आईनॉक्स ग्रीन एनर्जी सर्विसेज, यूनीपार्ट्स इंडिया और कीस्टोन रियल्टर्स अपने इश्यू प्राइस से मामूली गिरकर कारोबार कर रहे हैं।

    उचित वैल्यूएशन का मिला फायदा

    UnlistedArena.com के मनन दोशी ने कहा, “कुछ आईपीओ को छोड़ दें तो इस साल ज्यादातर आईपीओ की कीमत उचित रही है। इनके अच्छे प्रदर्शन की एक यह भी वजह हो सकती है।”

    बीते साल आईपीओ मार्केट से मिले कुछ सबक के बाद इस साल रिटेल इनवेस्टर्स सतर्क बने रहे। 2021 में लगभग 63 कंपनियों ने 1.20 लाख करोड़ रुपए जुटाए। इनमें कई न्यू एज कंपनियां शामिल रहीं, जिन्होंने भारी घाटे में होने के बावजूद लिस्टिंग के दिन अच्छा रिटर्न दिया। हालांकि, शानदार आगाज के बाद ग्लोबल मार्केट में उतार-चढ़ाव के चलते इनमें भारी गिरावट आई। अब इनमें से आधे अपने इश्यू प्राइस से काफी नीचे कारोबार कर रहे हैं।

    2023 से उम्मीदें

    Morgan Stanley से लेकर Goldman Sachs तक ज्यादातर विदेशी ब्रोकरेजेज के एनालिस्ट को उम्मीद है कि इमर्जिंग मार्केट्स में भारतीय बाजार का प्रदर्शन बेहतर बना रहेगा। हालांकि, वैल्यूएशन चिंता की वजह बनी हुई है। गोल्डमैन का मानना है कि निफ्टी 2023 के अंत तक 20,500 के स्तर तक जा सकता है। मॉर्गन स्टैनली को सेंसेक्स के दिसंबर, 2023 तक 80,000 के स्तर तक पहुंचने की उम्मीद है।

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