ABD IPO: इस शराब कंपनी का आज 25 जून से खुला आईपीओ, पैसा लगाने पर झूम उठेंगे निवेशक?
ABD IPO: एलाइड ब्लेंडर्स एंड डिस्टिलर्स (ABD) का इनीशियल पब्लिक ऑफर (IPO) आज 25 जून से बोली के लिए खुल गया है। यह एक इंडियन मेड फॉरेन लिकर (IMFL) कंपनी है। इसके IPO के लिए 27 जून तक बोली लगाई जा सकती है। इस ऑफर में 1,000 करोड़ रुपये के नए शेयर और 500 करोड़ रुपये का प्रमोटरों और मौजूदा निवेशकों की ओर से ऑफर-फॉर-सेल शामिल है
Allied Blenders and Distillers IPO: ABD भारतीय मालिकाना हक वाली सबसे बड़ी IMFL कंपनी है
Allied Blenders and Distillers IPO: एलाइड ब्लेंडर्स एंड डिस्टिलर्स (ABD) का इनीशियल पब्लिक ऑफर (IPO) आज 25 जून से बोली के लिए खुल गया है। यह एक इंडियन मेड फॉरेन लिकर (IMFL) कंपनी है। इसके IPO के लिए 27 जून तक बोली लगाई जा सकती है। इस ऑफर में 1,000 करोड़ रुपये के नए शेयर और 500 करोड़ रुपये का प्रमोटरों और मौजूदा निवेशकों की ओर से ऑफर-फॉर-सेल शामिल है। कंपनी ने बताया कि वह नए शेयरों की बिक्री से मिली आय का इस्तेमाल अपने कर्ज चुकाने और दूसरे सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए करेगी।
IPO से जुड़ी बेसिक जानकारियां नीचे दी गई हैं-
देश की तीसरी सबसे बड़ी IMFL कंपनी
ABD भारतीय मालिकाना हक वाली सबसे बड़ी IMFL कंपनी है और भारत में कारोबार करने वाली तीसरी सबसे बड़ी IMFL कंपनी है। वित्त वर्ष 2023 में कंपनी ने शराब के 3.2 करोड़ से अधिक के केस बेचे और देश के व्हिस्की बाजार में इसका मार्केट शेयर करीब 12 प्रतिशत था। कंपनी के पास तेलंगाना के रंगपुर में डिस्टिलरी है, जो 75 एकड़ में फैली हुई है। ABD के पास शराब में इस्तेमाल होने वाली प्रमुख सामग्री, एक्स्ट्रा न्यूट्रल अल्कोहल (ENA) की 600 लाख लीटर सालाना इन-हाउस डिस्टिलेशन क्षमता है। इसके अलावा इसके पास नौ बॉटलिंग यूनिट्स है और इसने 23 अन्य बोतल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स के साथ लंबी अवधि का रणनीतिक गठजोड़ किया है।
ऑफिसर्स च्वाइस है इसका सबसे बड़ा सेलिंग ब्रांड
कंपनी की पश्चिम बंगाल, तेलंगाना और उत्तर प्रदेश में बहुत मजबूत स्थिति है। इसकी करीब 40 फीसदी सालाना बिक्री इसी राज्य से आती है। प्रोडक्ट के आधार पर बात करें, तो कंपनी की 95 फीसदी बिक्री व्हिस्की से आती है। इसके अलावा ब्रांडी, रम, वोदका और जिन में इसकी छोटी उपस्थिति है, लेकिन यह धीरे-धीरे बढ़ रहा है।
इसके पोर्टफोलियो में सबसे अधिक बिकने वाला ब्रांड, ऑफिसर्स चॉइस व्हिस्की है। यह इसकी कुल बिक्री में लगभग 75-80 प्रतिशत का योगदान देता है। मास प्रीमियम व्हिस्की सेगमेंट में ऑफिसर्स चॉइस एक काफी बड़ा ब्रांड है, जिसकी जिसकी अनुमानित बाजार हिस्सेदारी करीब 21 प्रतिशत है। इसके पोर्टफोलियो से चार ब्रांड - ऑफिसर्स चॉइस व्हिस्की, स्टर्लिंग रिजर्व, ऑफिसर्स चॉइस ब्लू और ICONiQ व्हिस्की - मिलियनेयर क्लब में शामिल हैं।
कंपनी के पिछले कुछ सालों के बिक्री आंकड़े को आप नीचे देख सकते हैं-
कंपनी की वित्तीय सेहत
वित्त वर्ष 2022 और वित्त वर्ष 2023 में कंपनी के रेवेन्यू में दोहरे अंकों में ग्रोथ दर्ज की गई। वहीं वित्त वर्ष 2024 के पहले 9 महीने में कंपनी ने 7.3 प्रतिशत के EBITDA मार्जिन के साथ 2,560 करोड़ रुपये का रेवेन्यू दर्ज किया। हालांकि इसका शुद्ध मुनाफा इस दौरान वर्किंग कैपिटल साइकल के आगे खिंचने और मास मार्केट में प्रोडक्ट की उपस्थिति के चलते अपेक्षाकृत कमजोर रहा है।
विभिन्न राज्य सरकारों से रिसीवेबल्स मिलने में देरी के चलते इसके रिटर्न रेशियो, बैलेंस शीट और कर्ज पर दबाव बना हुआ है। पिछले साल दिसंबर के अंत में, इसका बकाया कर्ज करीब 800 करोड़ रुपये और रिसीवेबल्स 1,270 करोड़ रुपये था, जो इसकी शुद्ध बिक्री का लगभग 40 प्रतिशत है। IPO की आय से कर्ज चुकाने के बाद उधारी घटकर करीब 80 करोड़ रुपये रहने की उम्मीद है। इसलिए, IPO के बाद कैपिटल स्ट्रक्टर में बदलाव से इसके शुद्ध मुनाफे के साथ-साथ रिटर्न रेशियो में भी इजाफा होना चाहिए।
साथियों के साथ तुलना
प्रीमियम सेगमेंट में छोटी उपस्थिति
भारतीय कंज्यूमर्स का झुकाव पिछले कुछ सालों में तेजी से प्रीमियम प्रोडक्ट्स की ओर बढ़ा है। लिकर मार्केट भी इससे अछूता नहीं है। हालांकि ABD की प्रीमियम व्हिस्की सेगमेंट में उपस्थिति काफी छोटी है। इसने साल 2017 में स्टर्लिंग रिजर्व व्हिस्की के साथ प्रीमियम सेगमेंट में कदम रखा था। इसके बाद इसने X&O, ICONiQ और Srishti जैसे कुछ और ब्रांड भी लॉन्च किए। साथ ही इसने प्रीमियम जिन कैटेगरी में भी कदम रखा है।
वैल्यूएशन सस्ता या महंगा?
ABD के वैल्यूएशन मीट्रिक इसकी प्रतिद्वंदी कंपनियों के बराबर हैं। हालांकि प्रोडक्ट पोर्टफोलियो और ऑपरेटिंग मीट्रिक बहुत कमजोर दिखते हैं। इसलिए, हम निवेशकों को सलाह देते हैं कि वे IPO से बचें और अधिक आकर्षक अवसरों की तलाश करें।
(यह आर्टिकल मनीकंट्रोल प्रो के लिए सचिन पाल और नेहा गुप्ता ने लिखा है)