Jio Platforms IPO: जियो प्लेटफॉर्म्स का ग्रे मार्केट प्रीमियम दो हफ्ते में 84 फीसदी उछला है। इससे कंपनी के आने वाले आईपीओ में इनवेस्टर्स की बढ़ती दिलचस्पी का पता चलता है। 16 अक्टूबर को जीएमपी बढ़कर 230 रुपये पर पहुंच गया। 2 अक्टूबर को यह 125 रुपये था। जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ 21 अक्टूबर को खुलेगा और 23 को बंद हो जाएगा।
शेयर का प्राइस बैंड 1,165 से 1,119 रुपये
Jio Platforms के जीएमपी से शेयर की लिस्टिंग इश्यू प्राइस से 20.6 फीसदी प्रीमियम पर होने का संकेत मिलता है। कंपनी ने शेयर का प्राइस बैंड 1,165 से 1,119 रुपये तय किया है। शेयर का एलॉटमेंट प्राइस बैंड के ऊपरी लेवल पर होने की उम्मीद है। इस इश्यू में इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स की भी अच्छी दिलचस्पी दिख रही है।
संस्थागत निवेशकों की इश्यू में अच्छी दिलचस्पी
जीआईसी पीटीई, अबुधाबी इनवेस्टमेंट अथॉरिटी और कतर इनवेस्टमेंट अथॉरिटी जैसे बड़े फॉरेन इनवेस्टर्स इस इश्यू में निवेश कर सकते हैं। घरेलू सस्थागत निवेशकों में एसबीआई म्यूचुअल फंड, मोतीलाल ओसवाल एएमसी और एचडीएफसी म्यूचुअल फंड के एंकर इनवेस्टर्स की कैटेगरी में इस इश्यू में निवेश करने की संभावना है।
जियो की वैल्यूएशन 10 लाख करोड़ से ज्यादा
प्राइस बैंड के ऊपरी लेवल पर जियो प्लेटफॉर्म्स की वैल्यूएशन 10.3 लाख करोड़ रुपये आती है। इसका मतलब है कि लिस्टिंग के बाद यह कंपनी 10 लाख करोड़ रुपये मार्केट कैपिटलाइजेशन वाली कंपनियों की लिस्ट में शामिल हो जाएगी। इस लिस्ट में रिलायंस इंडस्ट्रीज, भारती एयरटेल और एचडीएफसी बैंक शामिल हैं।
ग्रुप कंपनियों की वैल्यूएशन 28 लाख करोड़ से ज्यादा
जियो प्लेटफॉर्म्स की लिस्टिंग के बाद रिलायंस ग्रुप की कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन करीब 28.3 लाख करोड़ तक पहुंच जाएगा। अभी RIL देश की सबसे ज्यादा वैल्यूएशन वाली कंपनी है। इसका मार्केट कैपिटलाइजेशन 16.55 लाख करोड़ रुपये है। जियो प्लेटफॉर्म्स रिलायंस ग्रुप की डिजिटल इकाई है। देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी रिलायंस जियो इंफोकॉम जियो प्लेटफॉर्म्स के तहत आती है। इसके 53 करोड़ से ज्यादा सब्सक्राइबर्स हैं।
इश्यू से कंपनी को मिलेंगे 30,213 करोड़ रुपये
जियो प्लेटफॉर्म्स आईपीओ में 27 करोड़ नए शेयर इश्यू करेगी। इससे प्राइस बैंक के ऊपरी लेवल पर कंपनी को 30,213 करोड़ रुपये मिलेंगे। कंपनी इसका बड़ा हिस्सा कर्ज चुकाने के लिए इस्तेमाल करेगी। यह देश का सबसे बड़ा आईपीओ होगा। इससे पहले 2024 में सबसे बड़ा आईपीओ पेश करने का रिकॉर्ड ह्युंडई मोटर इंडिया के नाम है। कंपनी ने 27,800 करोड़ रुपये का आईपीओ पेश किया था।
डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल नेटवर्क18 ग्रुप का हिस्सा है। नेटवर्क18 का नियंत्रण इंडिपेंडेंट मीडिया ट्रस्ट के पास है, जिसकी रिलायंस इंडस्ट्रीज एकमात्र लाभार्थी है।