KFin Technologies IPO: फाइनेंशियल सर्विसेज प्लेटफॉर्म और देश के सबसे बड़े रजिस्ट्रार एंड ट्रांसफर एजेंट (RTA) केफिन टेक्नोलॉजीज आईपीओ लाने की तैयारी कर रही है। कंपनी को 2400 करोड़ रुपये के आईपीओ के लिए बाजार नियामक सेबी (SEBI) से मंजूरी मिल चुकी है। न्यूज एजेंसी पीटीआई को सूत्रों के हवाले से यह जानकारी मिली है।
केफिन टेक्नोलॉजीज ने सेबी के पास आईपीओ के लिए इस साल 31 मार्च को पेपर्स जमा किए थे। सूत्रों ने बताया कि सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) ने कंपनी को आईपीओ लाने की मंजूरी दे दी है। इसके शेयरों की लिस्टिंग बीएसई और एनएसई पर हो सकती है।
ऑफर फॉर सेल का है पूरा इश्यू
सेबी के पास दाखिल शुरुआती मसौदे ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) के मुताबिक यह ऑफर पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल को होगा। कंपनी की प्रमोटर जनरल अटलांटिक सिंगापुर फंड प्राइवेट लिमिटेड इस आईपीओ के जरिए कंपनी के शेयरों बिक्री करेगी। वैश्विक प्राइवेट इक्विटी इंवेस्टर जनरल अटलांटिक की केफिन में 74.94 फीसदी हिस्सेदारी है। पिछले साल कोटक महिंद्रा ने भी इसमें 9.98 फीसदी हिस्सेदारी का अधिग्रहण किया था।
चूंकि यह इश्यू ऑफर फॉर सेल का है तो शेयरों की बिक्री से कंपनी को कोई भी पैसा नहीं मिलेगा। इस इश्यू के लिए आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज, कोटक महिंद्रा कैपिटल कंपनी, जेपी मॉर्गन इंडिया, आईआईएफएल सिक्योरिटीज और जेफरीज इंडिया बुक रनिंग लीड मैनेजर्स हैं।
केफिन टेक्नोलॉजीज एसेट मैनेजर्स और कॉरपोरेट इश्यूअर्स को सर्विसेज मुहैया कराती है। इसके अलावा यह मलेशिया, फिलीपींस और हांगकांग में निजी रिटायरमेंट योजनाओं और म्यूचुअल फंड्स को शुरू करने और इसे प्रोसेस करने से जुड़ी सेवाएं भी मुहैया कराती है। यह भारतीय म्यूचुअल फंड्स को सर्विसेज मुहैया कराने वाली सबसे बड़ी कंपनी है।
देश में 42 एसेट मैनेजमेंट कंपनी (AMC) में 25 को यह कंपनी सेवाएं देती है यानी कि इसके पास 60 फीसदी मार्केट शेयर है। कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो अप्रैल-दिसंबर 2021 में कंपनी को 458 करोड़ रुपये का ऑपरेशनल रेवेन्यू हासिल हुआ और 97.6 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट हासिल हुआ। कंपनी के रेवेन्यू में सालाना आधार पर 35 फीसदी और नेट प्रॉफिट में 313 फीसदी का उछाल रहा।