IPO News: पिछले साल 2020 में मेन बोर्ड आईपीओ के जरिए 40 कंपनियों ने 59412 करोड़ रुपये जुटाए। यह उसके पिछले वर्ष 2021 में 63 आईपीओ के जरिए जुटाए गए 1,18,723 करोड़ रुपये से करीब आधा रहा। वर्ष 2021 में तो आईपीओ के जरिए कंपनियों ने रिकॉर्ड फंड जुटाया। पिछले साल तो आईपीओ के जरिए कंपनियों ने जितना फंड जुटाया, उसमें से 35 फीसदी यानी 20557 करोड़ रुपये अकेले एलआईसी (LIC) ने जुटाया। प्राइम डेटाबेस ग्रुप के एमडी प्रणव हल्दिया का कहना है कि पिछले साल ओवरऑल पब्लिक इक्विटी के जरिए 90,995 करोड़ जुटाया गया जो वर्ष 2021 की तुलना में 55 फीसदी कम रहा।
पिछले साल आईपीओ के लिए आवेदनों की संख्या भी सालाना आधार पर 128 से घटकर 85 पर आ गई। वहीं 37 हजार करोड़ रुपये के 27 कंपनियों के इश्यू की मंजूरी पिछले साल लैप्स हो गई यानी कि इन्होंने मंजूरी मिलने के बाद भी आईपीओ नहीं खोला। इसके अलावा सात कंपनियों ने तो 4200 करोड़ रुपये के आवेदनों को वापस ले लिया।
पिछले साल सबसे बड़ा आईपीओ एलआईसी का रहा। देश की सबसे बड़ी जीवन बीमा कंपनी का आईपीओ करीब 21 हजार करोड़ रुपये का था। इसके बाद सबसे बड़े आईपीओ की सूची में 5235 करोड़ रुपये के इश्यू के साथ डेल्हीवरी (Delhivery) और फिर 3600 करोड़ रुपये के इश्यू के साथ अडानी विल्मर (Adani Wilmar) का नंबर रहा। प्राइम डेटाबेस की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले साल इश्यू का औसतन साइज 1485 करोड़ रुपये रहा।
आधे आईपीओ आए सिर्फ दो महीने में
पिछले साल 40 आईपीओ आए थे। इसमें से 17 इश्यू आखिरी के दो महीने यानी नवंबर और दिसंबर में खुले थे।
नए दौर की तकनीकी कंपनियों के कम इश्यू
पिछले साल 40 कंपनियों के इश्यू खुले थे जिसमें से सिर्फ एक ही नए दौर की तकनीकी कंपनी रही- डेल्हीवरी। वहीं उसके पिछले साल 2021 में नए दौर की सात तकनीकी कंपनियों के इश्यू खुले थे। 2021 में न्यू-ऐड टेक कंपनियों ने आईपीओ के जरिए 42826 करोड़ रुपये जुटाए थे।
पिछले साल 40 आईपीओ में से 38 लिस्ट हुए हैं। इसमें से 17 ने 10 फीसदी से अधिक रिटर्न दिया है। डीसीएक्स सिस्टम्स ने 49 फीसदी, हर्षा इंजीनियर्स और हरिओम पाइप ने 47 फीसदी रिटर्न दिया। 38 में से 23 आईपीओ इश्यू प्राइस से ऊपर हैं। ये आंकड़े 30 दिसंबर 2022 के क्लोजिंग प्राइस के हिसाब से हैं।