Lenskart IPO Listings: लेंसकार्ट के इनीशियल पब्लिक ऑफर (IPO) की लिस्टिंग सोमवार 10 नवंबर को होगी। हालांकि लिस्टिंग से ठीक पहले चश्मे और कॉन्टैक्ट लेंस बनाने वाली इस कंपनी का ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) गिरकर 2% तक आ गया है। इसका मतलब है कि ग्रे मार्केट को लेंसकार्ट के शेयरों की लिस्टिंग मामूली बढ़त के साथ या लगभग सपाट रहने की उम्मीद है।
लेंसकार्ट 7,278 करोड़ रुपये के आईपीओ को निवेशकों से शानदार रिस्पॉन्स मिला था। 31 अक्टूबर से 4 नवंबर के बीच खुले इस आईपीओ को 28 गुना से अधिक सब्सक्रिप्शन मिला था। हालांकि इसके बावजूद, लिस्टिंग से पहले इसका GMP तेजी से गिरा है।
इनवेस्टरगेन के आंकड़ों के मुताबिक, अनलिस्टेड मार्केट में लेंसकार्ट के शेयर शुक्रवार को केवल 2.5% के ग्रे मार्केट प्रीमियम के ट्रेड कर रहे थे, जबकि एक दिन पहले यह आंकड़ा 7.46% और आईपीओ खुलने के दिन 24% तक था। वहीं, IPO वॉच के मुताबिक, शुक्रवार को कंपनी के शेयर 6% ग्रे मार्केट प्रीमियम के साथ ट्रेड कर रहे थे, फिर भी पिछले दिनों के मुकाबले यह आंकड़ा काफी कम है।
लेंसकार्ट ने अपने IPO के जरिए कुल 7,278 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा था। इसमें 2,150 करोड़ रुपये का फ्रेश इश्यू और 12.75 करोड़ शेयरों का ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल था।
कंपनी ने अपने शेयरों के लिए 382 से 402 रुपये का प्राइस बैंड तय किया था, जिससे कंपनी का वैल्यूएशन लगभग 70,000 करोड़ रुपये पर पहुंचता है। निवेशक न्यूनतम 37 शेयरों के लॉट में बोली लगा सकते थे, जिसके लिए 14,874 रुपये का निवेश जरूरी था।
कई मार्केट एनालिस्ट्स का कहना है कि लेंसकार्ट ने काफी ऊंचे वैल्यूएशन पर आईपीओ पेश किया है। इसका प्राइस-टू-अर्निंग ( P/E) रेशियो करीब 230 है, जिसे काफी ऊंचा माना जाता है। हालांकि CNBC-TV18 के साथ एक बातचीत में लेंसकार्ट के CEO पियूष बंसल ने कहा, “हमारा काम ग्राहकों के लिए वैल्यू बनाना है, और अब शेयरधारकों के लिए भी। वैल्यूएशन बाजार तय करता है। हमने लगातार EBITDA में 90% CAGR की दर से ग्रोथ दर्ज किया है, और भारत का आईवियर बाजार लंबे समय में बहुत बड़ा अवसर पेश करता है।”
ब्रोकरेज फर्मों और एक्सपर्ट्स की राय
स्वास्तिक इनवेस्टमार्ट की वेल्थ हेड, शिवानी न्याती ने लेंसकार्ट के IPO को लेकर ‘न्यूट्रल’ रेटिंग दी है। उन्होंने कहा, “कंपनी का बिजनेस मॉडल और ब्रांड मजबूत हैं, लेकिन वैल्यूएशन खिंचा हुआ है। निवेशकों को लिस्टिंग के बाद शेयर में उठापटक के लिए तैयार रहना चाहिए।”
विभावंगल अनुकुलकरा के फाउंडर और MD, सिद्धार्थ मौर्य ने कहा, “भारत के आईवियर बाजार अभी भी अंडरपेनिट्रेटेड है और लंबी अवधि में ग्रोथ की संभावना रखता है, लेकिन कंपनी की मार्जिन और यूनिट इकॉनॉमिक्स को अंतरराष्ट्रीय विस्तार और लागत दबाव के बीच टिकाऊ बनाना जरूरी होगा।”
वहीं प्रिमस पार्टनर्स के MD, श्रवण शेट्टी ने कहा, “लेंसकार्ट की मजबूत ब्रांड वैल्यू और बड़े निवेशकों का समर्थन इसे एक हाई-प्रोफाइल लिस्टिंग बनाता है। लेकिन निवेशकों को इसे लॉन्ग-टर्म नजरिए से देखना चाहिए।”
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