LG Electronics IPO: ₹300 के नीचे आया GMP, खुदरा निवेशकों का दूसरे दिन दिखा जोश, चेक करें एक्सपर्ट्स का रुझान
LG Electronics IPO GMP: होम एप्लाएंसेज और मोबाइल फोन को छोड़ कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स बनाने वाली एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स के आईपीओ को निवेशकों का शानदार रिस्पांस मिल रहा है। हालांकि ग्रे मार्केट में इसकी स्थिति थोड़ी पतली हुई है। चेक करें कंपनी के आईपीओ से जुड़ी पूरी डिटेल्स, ग्रे मार्केट में स्थिति कैसी है और एक्सपर्ट्स का रुझान क्या है?
LG Electronics के ₹11,607.01 करोड़ के आईपीओ में ₹1080-₹1140 के प्राइस बैंड और 10 शेयरों के लॉट में पैसे लगा सकते हैं।
LG Electronics IPO: टाटा कैपिटल (Tata Capital) के ₹15500 करोड़ और एचडीबी फाइनेंशियल (HDB Financial) के ₹12500 करोड़ के बाद एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स ने इस साल का तीसरा सबसे बड़ा आईपीओ पेश किया है। इसके ₹11,607 करोड़ के आईपीओ में खुदरा निवेशकों के लिए आरक्षित हिस्सा दूसरे दिन पूरा भर गया। वहीं ग्रे मार्केट में बात करें तो आईपीओ खुलने के दिन इसकी GMP (ग्रे मार्केट प्रीमियम) ₹318 यानी 27.89% थी जोकि अब थोड़ी-सी घटकर ₹298 यानी 26.14% पर आ गई। हालांकि मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक ग्रे मार्केट से मिले संकेतों की बजाय कंपनी के फंडामेंटल्स और फाइनेंशियल के आधार पर ही निवेश का फैसला लेना चाहिए।
अब तक कैसा मिला है LG Electronics IPO को रिस्पांस?
एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स के आईपीओ को दो दिनों में तीन गुना से अधिक बोली मिल चुकी है।
क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB)- 2.59 गुना
नॉन-इंस्टीट्यूशनल इंवेस्टर्स (NII)- 7.60 गुना
खुदरा निवेशक- 1.90 गुना
एंप्लॉयीज- 4.11 गुना
टोटल- 3.32 गुना
LG Electronics IPO: खास बातें
एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स के ₹11,607.01 करोड़ के आईपीओ में ₹1080-₹1140 के प्राइस बैंड और 10 शेयरों के लॉट में 9 अक्टूबर तक पैसे लगा सकते हैं। इश्यू का 50% हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB), 15 फीसदी नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) और 35% खुदरा निवेशकों के लिए आरक्षित है। आईपीओ के तहत शेयरों का अलॉटमेंट 10 अक्टूबर को फाइनल होगा। फिर BSE और NSE पर 14 अक्टूबर को एंट्री होगी। इश्यू का रजिस्ट्रार केफिन टेक है। इस आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 10,18,15,859 शेयरों की ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिक्री होगी। ये शेयर इसकी दक्षिण कोरियाई पैरेंट कंपनी एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंक बेचेगी। आईपीओ के जरिए कोई नया शेयर नहीं जारी होगा यानी कंपनी को कोई पैसा नहीं मिलेगा।
क्या कहना है एक्सपर्ट्स का?
SBI Securities
बड़ी इन-हाउस प्रोडक्शन कैपेबिलिटीज के चलते घरेलू ब्रोकरेज फर्म एसबीआई सिक्योरिटीज ने एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स के आईपीओ को सब्सक्राइब की रेटिंग दी है। ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि लिस्टिंग के बाद 35.1x P/E पर अपने पियर्स के मुकाबले वैल्यूएशन के अधिकतर मानकों पर यह अपनी प्रतिद्वंद्वी लिस्टेड कंपनियों से बेहतर है।
Elara Capital
एलारा कैपिटल का मानना है कि मैक्रो लेवल पर अनुकूल परिस्थितियों और टैक्स में कटौती के चलते कंज्यूमर ड्यूरेबल्स स्पेस में दोहरे अंकों की ग्रोथ के आसार हैं और एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इसे भुनाने की बेहतर स्थिति में हैं। ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि कंपनी का बिजेनस मॉडल एसेट-लाइट है और वित्त वर्ष 2025 में इसका रिटर्न रेश्यो सबसे बेहतर रहा है। ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि आईपीओ का वैल्यूएशन काफी आकर्षक है। ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि वित्त वर्ष 2025 के EPS (प्रति शेयर कमाई) के मुकाबले 35x भाव पर यह अपने पियर्स के मुकाबले 50% डिस्काउंट पर है। इन सब वजहों से एलारा कैपिटल ने इसे लॉन्ग टर्म के लिए सब्सक्राइब रेटिंग दी है।
Anand Rathi
ब्रोकरेज फर्म आनंद राठी का मानना है कि मजबूत ब्रांड विरासत, बड़ी इन-हाउस प्रोडक्शन कैपसिटी और मार्केट में दबदबे को देखते हुए एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स के आईपीओ का भाव सही दिख रहा है। आनंद राठी ने इस इश्यू को सब्सक्राइब रेटिंग दी है।
LG Electronics के बारे में
वर्ष 1997 में बनी एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स होम एप्लाएंसेज और मोबाइल फोन को छोड़ कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स बनाती है। इसके प्रोडक्ट्स की बिक्री बी2सी और बी2बी होती है। यह रिपेयर और मेंटेनेंस सर्विसेज भी देती है। मार्च 2025 तक के आंकड़ों के मुताबिक इसकी 2 मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स, 2 सेंट्रल डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर्स, 23 रीजनल डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर्स और 51 ब्रांच ऑफिस हैं।
कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2023 में इसे ₹1,344.93 करोड़ का शुद्ध मुनाफा हुआ था जो अगले वित्त वर्ष 2024 में उछलकर ₹1,511.07 करोड़ और वित्त वर्ष 2025 में ₹2,203.35 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी की टोटल इनकम सालाना 10% से अधिक की चक्रवृद्धि दर (CAGR) से बढ़कर ₹24,630.63 करोड़ पर पहुंच गई। चालू वित्त वर्ष 2026 की बात करें तो पहली तिमाही अप्रैल-जून 2025 में इसे ₹513.26 करोड़ का शुद्ध मुनाफा और ₹6,337.36 करोड़ की टोटल इनकम हासिल हुई थी।
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