LIC IPO : भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) का आईपीओ आवेदन के लिए 4 मई को खुलने का अनुमान है। यह ऑफर सब्सक्रिप्शन के लिए 9 मई तक खुला रहेगा। बिजनेस स्टैंडर्ड की एक रिपोर्ट के मुताबिक, IPO के लॉन्च की तारीख के आधिकारिक ऐलान के लिए सरकार के स्वामित्व वाली बीमा कंपनी के बोर्ड की आज बैठक होगी। LIC का बोर्ड IPO के प्राइस बैंड, लॉट साइज, पॉलिसीहोल्डर रिजर्वेशन और डिस्काउंट पर भी फैसला करेगा।
अगर आप LIC के आईपीओ में निवेश के इच्छुक हैं तो आपके लिए इन 9 बातों को जानना जरूरी है...
- LIC IPO भारत के कैपिटल मार्केट के इतिहास का सबसे बड़ा IPO होगा। इसके जरिये 21,000 रुपये जुटाए जाने का अनुमान है।
- सरकार अपने स्वामित्व वाली बीमा कंपनी के लगभग 22 करोड़ शेयर के जरिये 3.5 फीसदी हिस्सेदारी बेचेगी।
- IPO के साथ LIC की वैल्यूएशन 6 लाख करोड़ रुपये होगी। अंतर्राष्ट्रीय एक्चूरियल फर्म मिलीमैन एडवाइजर्स के मुताबिक, 30 सितंबर, 2021 तक LIC की एम्बेडेड वैल्यू (embedded value) 5.4 लाख करोड़ रुपये है। एम्बेडेड वैल्यू से एक बीमा कंपनी की समेकित शेयरहोल्डर वैल्यू आंकी जाती है।
- सरकार ने पिछले हफ्ते मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) को ड्राफ्ट पेपर फाइल किए थे और 5 फीसदी हिस्सेदारी बेचने की शर्त से छूट देने की मांग की थी जो एक लाख करोड़ रुपये से ज्यादा वैल्यू वाली कंपनी के लिए एक अनिवार्य शर्त है।
- LIC ने पॉलिसीहोल्डर्स के लिए इश्यू साइज का 10 फीसदी कर्मचारियों के लिए 5 फीसदी हिस्सा रिजर्व किया है और इन्हें डिस्काउंट पर IPO देने की भी योजना है। खबरों के मुताबिक, पॉलिसीहोल्डर्स और कर्मचारियों को 5 से 10 फीसदी डिस्काउंट मिलने का अनुमान है। LIC ने कुल आईपीओ साइज का 35 फीसदी खुदरा निवेशकों के लिए आरक्षित किया है।
- सरकार ने इससे पहले फरवरी में सेबी को ड्राफ्ट पेपर सौंपा था। इसमें 12 लाख करोड़ रुपये की मार्केट वैल्यूएशन के साथ 5 फीसदी हिस्सेदारी बेचकर लगभग 65 हजार करोड़ रुपये जुटाने की योजना पेश की गई थी।
- LIC के IPO का चालू वित्त वर्ष में सरकार के प्रस्तावित disinvestment लक्ष्य में खासा अहम योगदान होगा। सरकार ने वित्त वर्ष 2022-23 केले 65,000 करोड़ रुपये के disinvestment का लक्ष्य तय किया है, जो पिछले वित्त वर्ष से 13,531 करोड़ रुपये ज्यादा है।
- 13 लाख एजेंट्स के साथ एलआईसी लगभग 29 करोड़ पॉलिसीहोल्डर्स को सेवाएं दे रही है। LIC की जनवरी, 2022 तक नए बिजनेस प्रीमियम कलेक्शंस में 61.6 फीसदी मार्केट शेयर है।
- आर्थिक समीक्षा 2021-22 के मुताबिक, 2020 में जीवन बीमा की पहुंच में 3.2 फीसदी की बढ़ोतरी रही जो वैश्विक औसत के आसपास है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, 2019 और 2023 के बीच इसकी सालाना ग्रोथ रेट 5.3 फीसदी रहने का अनुमान है।