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Asirvad Micro Finance IPO: कंपनी ने DRHP में जोड़ी और जानकारी, पब्लिक इश्यू से कितने करोड़ जुटाने की है तैयारी

Asirvad Micro Finance IPO: इस इश्यू के तहत सिर्फ नए शेयर जारी हो सकते हैं। मणप्पुरम फाइनेंस ने फरवरी 2015 में Asirvad Micro Finance में 71 प्रतिशत हिस्सेदारी ली थी। बाद में जून 2022 में इसे बढ़ाकर 95 प्रतिशत तक कर ले जाया गया। सेबी ने इस साल जनवरी महीने में आईपीओ को होल्ड पर रख दिया। आशीर्वाद माइक्रो फाइनेंस ने प्री-IPO राउंड में 300 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बनाई है

Edited By: Moneycontrol Newsअपडेटेड Feb 18, 2024 पर 5:09 PM
Asirvad Micro Finance IPO: कंपनी ने DRHP में जोड़ी और जानकारी, पब्लिक इश्यू से कितने करोड़ जुटाने की है तैयारी
आशीर्वाद माइक्रो फाइनेंस ने अक्टूबर 2023 में सेबी को IPO के लिए DRHP जमा किया था।

Asirvad Micro Finance IPO: नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनी मणप्पुरम फाइनेंस लिमिटेड (Manappuram Finance Limited) ने सब्सिडियरी आशीर्वाद माइक्रो फाइनेंस के आईपीओ के DRHP के लिए सेबी को अडेंडम दाखिल किया है। इसका मतलब है कि कंपनी ने आईपीओ को लेकर सेबी को कुछ और जानकारी दी है। मणप्पुरम फाइनेंस ने इस बारे में शेयर बाजारों को सूचना दी है। हालांकि नई जोड़ी गई डिटेल्स क्या हैं, यह सामने नहीं आया है। आईपीओ से 1500 करोड़ रुपये जुटाने की योजना है।

आशीर्वाद माइक्रो फाइनेंस ने अक्टूबर 2023 में सेबी को आईपीओ के लिए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉसपेक्ट्स जमा किया था। सेबी ने इस साल जनवरी महीने में आईपीओ को होल्ड पर रख दिया। कंपनी में मणप्पुरम फाइनेंस की हिस्सेदारी 95 प्रतिशत है। बाकी 5 प्रतिशत हिस्सेदारी आशीर्वाद माइक्रो फाइनेंस के फाउंडर के पास है। मणप्पुरम फाइनेंस ने पहले फरवरी 2015 में माइक्रो फाइनेंस कंपनी में 71 प्रतिशत हिस्सेदारी ली थी। बाद में जून 2022 में इसे बढ़ाकर 95 प्रतिशत तक कर ले जाया गया। मणप्पुरम फाइनेंस गोल्ड लोन उपलब्ध कराती है।

Asirvad Micro Finance IPO में केवल नए शेयर जारी करने का प्लान

आशीर्वाद माइक्रो फाइनेंस ने प्री-आईपीओ राउंड में 300 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बनाई है। आईपीओ में केवल नए शेयर जारी करने का प्लान है। ड्राफ्ट पेपर्स के अनुसार, इश्यू से प्राप्त इनकम का इस्तेमाल भविष्य की कारोबारी जरूरतों को पूरा करने के लिए कंपनी के कैपिटल बेस को बढ़ाने के लिए किया जाएगा। आशीर्वाद माइक्रो फाइनेंस की शुरुआत साल 2008 में तमिलनाडु में दो शाखाओं के साथ हुई थी।

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