NTPC Green IPO के लिए मर्चेंट बैंकर्स ने वसूली मामूली फीस, क्यों मिली कम रकम?

NTPC Green Energy IPO's Merchant Bankers' Fees: हुंडई मोटर इंडिया की लिस्टिंग फीकी रही थी और आईपीओ निवेशकों को घाटा हुआ था। हालांकि मर्चेंट बैंकर्स ने काफी पैसे फीस के रूप में कमाए थे। अब एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी के आईपीओ के लिए मर्चेंट बैंकर्स के फीस की बात करें तो चौंक जाएंगे क्योंकि हुंडई मोटर के केस में जितना मिला, उससे यह काफी कम है। जानिए वजह क्या है

अपडेटेड Nov 27, 2024 पर 4:19 PM
NTPC Green Energy IPO's Merchant Bankers' Fees: एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी के आईपीओ के फाइनल ऑफर डॉक्यूमेंट के मुताबिक मर्चेट बैंकर्स को कुल मिलाकर 7.1 करोड़ रुपये फीस के रूप में मिले।

NTPC Green Energy IPO's Merchant Bankers' Fees: एनटीपीसी की रिन्यूएबल इकाई एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी के शेयर आज घरेलू मार्केट में 3 फीसदी से अधिक प्रीमियम पर लिस्ट होने के बाद रॉकेट बन गए। 10 फीसदी उछलकर यह अपर सर्किट पर पहुंच गया। इसके आईपीओ को इंस्टीट्यूशनल और रिटेल निवेशकों से अच्छा रिस्पांस मिला था। अधिकतर पैरामीटर्स पर यह इश्यू सफल साबित हुआ और मर्चेंट बैंकर्स ने भी इसके 10 हजार करोड़ रुपये के आईपीओ का काम बखूबी संभाला लेकिन उन्हें इसकी फीस बाकी इश्यू के मुकाबले काफी कम मिली। आईपीओ के फाइनल ऑफर डॉक्यूमेंट के मुताबिक मर्चेट बैंकर्स को कुल मिलाकर 7.1 करोड़ रुपये फीस के रूप में मिले।

बाकी IPOs के लिए मर्चेंट बैंकर्स को कितने मिले?

एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी के आईपीओ के लिए मर्चेंट बैंकर्स- आईडीबीआई कैपिटल मार्केट्स, एचडीएफसी बैंक, आईआईएफएल कैपिटल सर्विसेज और नुवामा वेल्थ मैनेजमेंट को 7.1 करोड़ रुपये मिले। अब इसकी तुलना हुंडई मोटर आईपीओ के केस में करें तो इसके रिकॉर्ड 27.855 करोड़ रुपये के आईपीओ के लिए मर्चेंट बैंकर्स को 493 करोड़ रुपये मिले थे। एनटीपीसी ग्रीन का आईपीओ हुंडई मोटर और स्विगी के बाद इस साल का तीसरा सबसे बड़ा इश्यू था। हुंडई मोटर के मर्चेंट बैंकर्स को 493 करोड़ रुपये मिले थे तो स्विगी के आईपीओ के लिए उन्हें 275 करोड़ रुपये मिले थे।


प्राइवेट कंपनियों की तुलना में PSU के IPO में कम मिलते हैं पैसे?

ऐसा नहीं है कि एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी के आईपीओ के लिए ही उन्हें कम पैसे मिले हों बल्कि सरकारी कंपनियों के आईपीओ को लेकर वे कम पैसे लेते ही रहे हैं। पीएसयू आईपीओ पर काम करने वाले एक इंवेस्टमेंट बैंकर का कहना है कि सरकारी कंपनियों के आईपीओ को मैनेज करना पैसे से अधिक सम्मान का सवाल होता है।

वर्ष 2009 में एनएचपीसी के 6039 करोड़ रुपये के आईपीओ के लिए उन्होंने 5.5 करोड़ रुपये की फीस लिए थे तो ऑयल इंडिया के 2777 करोड़ रुपये के आईपीओ के लिए उन्हें महज 45 लाख रुपये की फीस मिली थी। पिछले साल इंडियन रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी के 2150 करोड़ रुपये के आईपीओ के लिए 11.5 करोड़ रुपये की फीस मर्चेंट बैंकर्स को मिली थी। मई 2022 में आए एलआईसी के 21 हजार करोड़ रुपये के मेगा आईपीओ के लिए 10 मर्चेंट बैंकर्स को महज 11.8 करोड़ रुपये मिले थे।

NTPC Green: 3% प्रीमियम पर एंट्री के बाद अपर सर्किट, निकाल लें मुनाफा या अभी और आएगी तेजी?

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।