Ola Cabs IPO: ओला कैब्स जल्द ही बाजार में अपना IPO लाने वाली है। इसको लेकर बातचीत भी शुरू कर दी गई है। ओला कैब्स की मूल कंपनी एएनआई टेक्नोलॉजीज ने इस सप्ताह इंवेस्टमेंट बैंकों के साथ शुरुआती चर्चा शुरू की है। कंपनी अपने IPO संभावित लॉन्च के लिए कंपनी का वैल्यूएशन कर रही है।
ओला इलेक्ट्रिक ने भी दाखिल किए थे पेपर
इससे पहले ओला इलेक्ट्रिक के जरिए आईपीओ के माध्यम से लगभग 7,250 करोड़ रुपये जुटाने के लिए दिसंबर में बाजार नियामक सेबी के साथ अपना ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस दाखिल किया गया था, जो किसी भारतीय इलेक्ट्रिक वाहन (EV) फर्म के जरिए सार्वजनिक लिस्टिंग का पहला प्रयास है।
जानकारी के मुताबिक ओला कैब्स ने 19 अप्रैल को बेंगलुरु में कुछ वैश्विक और घरेलू इंवेस्टमेंट बैंकों के साथ प्रारंभिक चरण की चर्चा की। बाद में अन्य बैंकों के साथ और बैठकें हो सकती हैं। हालांकि लिस्टिंग पर अभी तक कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है और बाजार की स्थितियों के आधार पर योजनाएं बाद में बदल सकती हैं।
बता दें कि ओला कैब्स साल 2010 में स्थापित हुई थी। कंपनी को सॉफ्टबैंक और टाइगर ग्लोबल जैसी कंपनियों से तुरंत सपोर्ट मिला था। IPO पेशकश से कंपनी निवेशकों को एक एग्जिट विंडो प्रदान करेगी और डेवलपमेंट कैपिटल की सुविधा प्रदान करेगी।
बता दें कि ओला इलेक्ट्रिक और ओला कैब्स दोनों अलग-अलग कारोबार हैं और दोनों IPO योग्य हैं। ये शुरुआती दिन हैं और यदि वे निर्णय लेते हैं, तो वे सलाहकारों के एक सिंडिकेट को अंतिम रूप देंगे और आगे बढ़ेंगे।
ओला कैब्स भारत में उबर के साथ प्रतिस्पर्धा करती है। कंपनी के सीईओ हेमंत बख्शी ने जनवरी में कहा था कि कंपनी ने अपनी तीन-पहिया और चार-पहिया सेवाओं को इलेक्ट्रिफाई करने और ईवी दोपहिया सेवाओं का विस्तार करने की योजना बनाई है, जिसके लिए कंपनी स्थानीय भागीदारी का भी वैल्यूएशन करेगी।
वित्त वर्ष 2023 में ओला के मोबिलिटी कारोबार ने लगभग 58 प्रतिशत बढ़कर 2,135 करोड़ रुपये का रेवेन्यू दर्ज किया और वित्त वर्ष 2022 में 66 करोड़ रुपये के EBITDA नुकसान की रिपोर्ट करने के बाद पहली बार फर्म ने 250 करोड़ रुपये का पॉजिटिव EBITDA दर्ज किया।