Oyo की ईजीएम में आईपीओ से 6650 करोड़ जुटाने के प्रस्ताव को मिल सकती है मंजूरी

ओयो की पेरेंट कंपनी प्रिज्म ने 20 दिसंबर को एक एक्स्ट्राऑर्डिनरी जनरल मीटिंग (ईजीएम) बुलाई है। इसका मकसद नए शेयर इश्यू कर 6,650 करोड़ रुपये जुटाने के प्रस्ताव पर शेयरहोल्डर्स का एप्रूवल हासिल करना है। कंपनी यह शेयर अपने प्रस्तावित आईपीओ में इश्यू करेगी

अपडेटेड Nov 28, 2025 पर 9:39 PM
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ओयो ने पहली बार सितंबर 2021 में ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस फाइल किया था।

हॉस्पिटैलिटी ब्रांड ओयो की पेरेंट कंपनी प्रिज्म ने 20 दिसंबर को एक एक्स्ट्राऑर्डिनरी जनरल मीटिंग (ईजीएम) बुलाई है। इसका मकसद नए शेयर इश्यू कर 6,650 करोड़ रुपये जुटाने के प्रस्ताव पर शेयरहोल्डर्स का एप्रूवल हासिल करना है। कंपनी ये शेयर अपने आईपीओ में इश्यू करेगी। ईजीएम नोटिस की कॉपी मनीकंट्रोल ने देखी है।

कई प्रस्तावों के लिए शेयरहोल्डर्स का एप्रूवल जरूरी

इसे OYO के आईपीओ की दिशा में पेरेंट कंपनी प्रिज्म का अहम कदम माना जा रहा है। कंपनी अपने आईपीओ के लिए शेयरहल्डर्स से कई तरह के अप्रूवल्स हासिल कर रही है। पब्लिक लिस्टेड कंपनी की जरूरतों को देखते हुए प्रिज्म को अपने कैपिटल स्ट्रक्चर और गवर्नेंस फ्रेमवर्क में भी बदलाव करने होंगे।


यह आईपीओ के लिए कंपनी की तीसरी कोशिश

20 दिसंबर की मीटिंग में अगर प्रिज्म के प्रस्तावों को शेयरहोल्डर्स का एप्रूवल मिल जाता है तो कंपनी को स्टॉक मार्केट में लिस्टिंग के अपने प्लान में आसानी होगी। यह आईपीओ पेश करने का कंपनी की तीसरी कोशिश है। ओयो ने पहली बार सितंबर 2021 में ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस फाइल किया था। तब कंपनी 11-12 अरब डॉलर की वैल्यूएशन पर करीब 1.12 करोड़ डॉलर जुटाना चाहती थी। लेकिन, बाजार की स्थिति ठीक नहीं होने की वजह से कंपनी ने आईपीओ पेश नहीं किया था।

कंपनी ने दूसरी बार 2023 में की थी कोशिश

ओयो ने दूसरी बार 2023 में कोशिश की थी, जब उसने कॉन्फिडेंशियली प्री-फाइल्ड ड्राफ्ट पेपर्स फाइल किए थे। तब कंपनी ने आईपीओ का साइज घटाकर 40-60 करोड़ डॉलर कर दिया था। लेकिन, उसने आईपीओ पेश नहीं किया था। कंपनी की 20 दिसंबर की ईजीएम से पता चलता है उसने आईपीओ के लिए फिर से कोशिश शुरू कर दी है।

बोर्ड को कई तरह के अथॉराइजेशन की जरूरत पड़ेगी

प्रिज्म ने शेयरहोल्डर्स को कई जरूरी कामों के लिए बोर्ड को अथॉराइज करने को कहा है। इनमें बुक-रनिंग लीड मैनेजर्स की नियुक्ति, इनवेस्टर ऐलोकेशन और एग्रीमेंट्स के एग्जिक्यूशन जैसे काम शामिल हैं। इसके अलावा बोर्ड को सेबी, स्टॉक एक्सचेंज और रजिस्ट्रार ऑफ कंपनी के पास सभी जरूरी फाइलिंग के अथॉराइजेशन की भी जरूरत पड़ेगी। बोर्ड को ये अधिकार मिल जाने से कंपनी को पब्लिक इश्यू के मामले में ऑपरेशनल फ्लेक्सिबिलिटी मिल जाएगी।

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कंपनी के बोनस शेयर के प्रस्ताव पर भी होगा विचार

ईजीएम में अथॉराइज्ड शेयर कैपिटल को बढ़ाने के प्रस्ताव पर भी विचार होगा। कंपनी के अपडेटेड कैपिटल स्ट्रक्चर में कंपल्सरी कनवर्टिबल प्रिफरेंस शेयर्स (सीसीपीएस) के कई सीरीज शामिल होंगे। इन्हें लिस्टिंग से पहले इक्विटी में कनवर्ट करना होगा। कंपनी ने 1:19 के रेशियो में बोनस शेयर का प्रस्ताव पेश किया है। इसके तहत मौजूदा प्रत्येक 19 शेयरों पर एक बोनस शेयर इश्यू करेगी। इसके लिए रिकॉर्ड डेट 5 दिसंबर, 2025 है।

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