पेंशन फंड को अब IPO और लिस्टेड कंपनियों में निवेश की इजाजत मिलेगी

PFRDA Bill में बदलाव के बाद पेंशनभोगी अपने जरूरत के हिसाब से रिटायरमेंट फंड से पैसा निकाल सकते हैं

अपडेटेड Jul 21, 2021 पर 1:31 PM
Story continues below Advertisement

भारत के पेंशन फंड को अब चुनिंदा लिस्टेड कंपनियों और IPO में निवेश की इजाजत मिलेगी। पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) के चेयरमैन सुप्रतिम बंधोपाध्याय (Supratim Bandyopadhyay) ने कहा कि पेंशन फंड मैनेजर्स को अब भारत की टॉप 200 लिस्टेड कंपनियों और IPO में निवेश की इजाजत मिलेगी।

फिलहाल पेंशन फंड्स को सिर्फ उन्हीं कंपनियों में निवेश की इजाजत है जिनका मार्केट कैप 5000 करोड़ रुपए से ज्यादा हो और जो फ्यूचर्स ऑप्शंस (F&O) में भी हो। हालांकि अब रेगुलेटर फंड मैनेजर्स को टॉप 200 लिस्टेड कंपनियों में निवेश की इजाजत देने वाले हैं।

Tatva Chintan IPO: आखिरी दिन 180.35 गुना सब्सक्राइब हुआ इश्यू, NII पोर्शन 512.22 गुना भरा

बंधोपाध्याय  ने बताया कि इसके लिए रेगुलेटर IPO के लिए कुछ पैमाना तय करेगा। उन्होंने कहा नेशनल पेंशन सिस्टम से मेच्योरिटी के बाद एन्युटी के बजाट सिस्टेमेटिक विड्रॉल प्लान (SWP) संसद में मौजूदा PFRDA Bill का हिस्सा है। इस SWP को लागू करने के लिए ही फंड हाउस को निवेश का दायरा बढ़ाने की छूट दी जा रही है।

 इन 8 IPOs ने किया अपने पहले दिन का आगाज़ 100% प्रीमियम के साथ, आगे कैसी रहेगी प्राइमरी मार्केट की चाल

क्या है मौजूदा नियम


फिलहाल NPS सब्सक्राइबर्स को अपने फंड का 40 फीसदी एन्युटी में डालना पड़ता है। 60 साल की उम्र में प्लान मेच्योर होने के बाद इससे एकमुश्त रकम निकाली जा सकती है। लेकिन PFRDA Bill के नए प्लान के मुताबिक, पेंशनकर्ता अपनी जरूरत के हिसाब से पैसा निकाल सकते हैं।

इसके अलावा सरकार PFRDA को सुपरएनुएशन फंड का भी रेगुलेटर बना सकती है। फिलहाल इस फंड के लिए कोई रेगुलेटर नहीं है। सुपरएनुएशन (Superannuation) फंड एक तरह का रिटायरमेंट फंड है जिसे कॉरपोरेट चलाते हैं। इसके लिए इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की तरफ से कुछ तय नियम हैं। हालांकि अब सरकार PFRDA को ही इसका रेगुलेटर बनाने पर विचार कर रही है।

Glenmark Life Sciences IPO: कंपनी का इश्यू 27 जुलाई को खुलेगा, जानें सभी डिटेल्स

PFRDA को रेगुलेटरी ताकत मिलने के बाद वह कंपनियों से इससे जुड़े दस्तावेजों की मांग करेगी। PFRDA इस बात की जांच करेगा कि कंपनियां फाइनेंस मिनिस्ट्री के गाइडलाइंस का पालन कर रही हैं या नहीं। वो कंपनियां तय गाइडलाइंस का पालन नहीं करेंगी तो उनका सुपरएनुएशन फंड NPS में ट्रांसफर किया जाएगा और वह NPS सिस्टम का हिस्सा बन जाएगा। 

सोशल मीडिया अपडेट्स के लिए हमें Facebook (https://www.facebook.com/moneycontrolhindi/) और Twitter (https://twitter.com/MoneycontrolH) पर फॉलो करें।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।