वॉलमार्ट के निवेश वाले फिनटेक प्लेटफॉर्म फोनपे को आईपीओ के लिए सेबी का एप्रूवल मिल गया है। कंपनी अगले कुछ हफ्तों में आईपीओ पेश कर सकती है। फोनपे का आईपीओ करीब 12,000 करोड़ रुपये का हो सकता है। कंपनी के ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) के मुताबिक, इस इश्यू में सिर्फ ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) होगा। कंपनी इनवेस्टर्स को नए शेयर जारी नहीं करेगी।
यह आईपीओ पूरी तरह से ओएफएस होगा
PhonePe के आईपीओ में टाइगर ग्लोबल और माइक्रोसॉफ्ट अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे। Walmart कंपनी (फोनपे) में अपनी ज्यादातर हिस्सेदारी बनाए रखेगी। वह करीब 4.59 करोड़ शेयर बेचेगी, जो कंपनी में करीब 9 फीसदी हिस्सेदारी के बराबर है। ब्रोकरेज फर्म मैक्वायरी ने हाल में अपनी रिपोर्ट में लिस्टिंग से पहले कुछ रेगुलेटरी और फाइनेंशियल रिस्क के बारे में बताया है।
ESOP खर्च रेवेन्यू के 46 फीसदी के बराबर
Macquarie ने एंप्लॉयी स्टॉक ओनरशिप प्लान (ESOP) के खर्च के बारे में बताया है। उसने कहा है कि यह FY26 की पहली छमाही में कंपनी के रेवेन्यू का 46 फीसदी है। यह प्रतिद्वंद्वी फिनटेक कंपनियों के मुकाबले ज्यादा है। ब्रोकरेज फर्म ने कहा है कि इस कॉस्ट का असर EBITDA मार्जिन पर पड़ा है। इस पर नजर बनाए रखना होगा।
रेवेन्यू कंंसंट्रेशन पर मैक्वायरी ने जताई चिंता
ब्रोकरेज फर्म ने रेवेन्यू कंसंट्रेशन का भी जिक्र किया है। ऑफर डॉक्युमेंट के मुताबिक, FY26 की पहली छमाही में करीब 19 फीसदी रेवेन्यू क्रेडिट कार्ड से रेंट पेमेंट, रियल मनी गेमिंग और पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड (PIDF) इनसेंटिव्स जैसे सेगमेंट से आई। इनमे से कुछ रेवेन्यू बंद हो गई है या रेगुलेटर ने प्रतिबंध लगाया है। इसके अलावा सरकार के यूपीआई इनसेंटिव्स की FY25 के रेवेन्यू में हिस्सेदारी करीब 6 फीसदी है।
यूपीआई ईकोसिस्टम में 45 फीसदी बाजार हिस्सेदारी
अभी इंडिया के यूपीआई ईकोसिस्टम में फोनपे की बाजार हिस्सेदारी 45 फीसदी से ज्यादा है। हालांकि, नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) की तरफ से 31 दिसंबर, 2026 तक मार्केट हिस्सेदारी की 30 फीसदी लिमिट लागू होने का असर ग्रोथ और कस्टमर एक्विजिशन पर पड़ेगा। हालांकि, मैक्वायरी ने कहा है कि इसके बावजूद यह फिनटेक आईपीओ दूसरे फिनटेक के लिए वैल्यूएशन के लिहाज से एक बेंचमार्क होगा। इससे One97 Communications (पेटीएम) जैसी प्रतिद्वंद्वी फिनटेक कंपनियों को लेकर इनवेस्टर्स की सोच पर असर पड़ सकता है।
Bernstein ने तीन चीजों पर नजर रखने की दी सलाह
ब्रोकरेज फर्म Bernstein ने कहा है कि लिस्टिंग से पहले इनवेस्टर्स को तीन चीजों पर फोकस करने की जरूरत है। इनमें पेमेंट में दमदार स्थिति और प्रॉफिट के बीच बैलेंस, सतत फाइनेंशियल सर्विस ग्रोथ और रेगुलेटरी डेवलपमेंट शामिल हैं।