पीएन गाडगिल ज्लैवर्स का आईपीओ निवेश के लिए खुल गया है। इसमें 12 सितंबर तक निवेश किया जा सकता है। कंपनी इस इश्यू में नए शेयर जारी करने के साथ ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) के जरिए भी शेयर बेच रही है। कंपनी इश्यू से हासिल पैसे का इस्तेमाल अपने स्टोर की संख्या बढ़ाने पर करेगी। यह महाराष्ट्र की दूसरी सबसे बड़ी ज्वेलरी रिटेलिंग कंपनी है। ज्वेलरी मार्केट में संगठित क्षेत्र की हिस्सेदारी बढ़ रही है, जिसका फायदा पीएन गाडगिल ज्वैलर्स को मिलेगा।
850 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी होंगे
PN Gadgil Jewellers के इश्यू में 250 करोड़ रुपये का ओएफएस शामिल है, जबकि कंपनी 850 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी करेगी। आईपीओ के बाद कंपनी में प्रमोटर और प्रमोटर ग्रुप की हिस्सेदारी घटकर 83 फीसदी रह जाएगी। कंपनी ने इश्यू से हासिल पैसे का इस्तेमाल महाराष्ट्र में 12 नए स्टोर खोलने और 300 करोड़ रुपये के कर्ज को पूरा या आंशिक रूप से चुकाने के लिए करेगी। कंपनी पीएनजी ब्रांड नाम से ऑपरेट करती है। इसने कारोबार की शुरुआत 1832 में की थी। इस दौरान कंपनी ने करीब 25 लाख ग्राहक बनाए हैं।
कंपनी के पास प्रोडक्ट्स की कई कैटेगरी
कंपनी कई कैटेगरी में प्रोडक्ट्स ऑफर करती है। इनमें गोल्ड, डायमंड और सिल्वर शामिल हैं। कंपनी के पास 12 सब-ब्रांड्स हैं। इनके जरिए कंपनी अलग-अलग तरह के ग्राहकों की जरूरतें पूरी करती है। गोल्ड ज्वेलरी में औसत टिकट साइज 1.2 लाख रुपये का है। डायमंड ज्वेलरी में यह 1.9 लाख रुपये है। यह कंपनी फैमिली ज्वेलर के रूप में ग्राहकों को सेवाएं देती है। इसका 35 फीसदी रेवेन्यू कस्टम-मेड ऑर्डर से आता है। इसके करीब दो-तिहाई ग्राहक रिपीट कस्टमर्स हैं।
सबसे ज्यादा 14 स्टोर पुणे में हैं
PNGJL के महाराष्ट्र में 35 स्टोर हैं। इनमें से 14 पुणे, 8 मुंबई और 13 महाराष्ट्र के बाकी हिस्सों में हैं। कंपनी ने गोवा में भी बिजनेस शुरू किया है। वहां इसके 3 स्टोर हैं। कंपनी ने आईपीओ से हासिल कुछ पैसे का इस्तेमाल महाराष्ट्र में नए स्टोर खोलने पर करने के प्लान बनाया है। इससे महाराष्ट्र में कंपनी को अपनी स्थिति मजबूत बनाने में मदद मिलेगी। ग्राहकों की दिलचस्पी ब्रांडेड और अच्छी क्वालिटी की ज्वेलरी में बढ़ रही है। इससे ज्वेलरी मार्केट में संगठित क्षेत्र की हिस्सेदारी बढ़ रही है। टेक्नोपार्क की रिपोर्ट के मुताबिक, ज्वेलरी इंडस्ट्री में संगठित प्लेयर्स की हिस्सेदारी FY24 के 38 फीसदी से बढ़कर FY28 तक 43 फीसदी तक पहुंच जाने की उम्मीद है।
ऑपरेटिंग मार्जिन प्रतिद्वंद्वी कंपनियों से कम
पीएनजीजेएल का ग्रॉस और ऑपरेटिंग मार्जिन प्रतिद्वंद्वी कंपनियों के मुकाबले कम है। इसकी वजह यह है कि कंपनी की कुल बिक्री में बुलियन सेल्स की हिस्सेदारी ज्यादा है, जिसमें मार्जिन कम है। इसके अलावा कंपनी के डायरेक्टर्स की सैलरी भी काफी ज्यादा है। लेकिन, प्रतिद्वंद्वी कंपनियों के मुकाबले पर कर्ज का बोझ कम है। मेक-टू-ऑर्डर कॉन्सेप्ट की वजह से कंपनी की इंवेंट्री भी प्रतिद्वंद्वी कंपनियों के मुकाबले कम है। कंपनी का 35 फीसदी रेवेन्यू ग्राहकों के कस्टमाइज्ड ऑर्डर से आता है।
यह भी पढ़ें: Ather Energy IPO: चीन से आयात पड़ा महंगा, आईपीओ के ड्राफ्ट से खुलासा, ओला को भी लगा है झटका
क्या आपको निवेश करना चाहिए?
प्राइस बैंड के ऊपरी स्तर पर पीएनजीजेएल के शेयर में FY24 की कंसॉलिडेटेड अर्निंग्स के 37 गुना पर ट्रेडिंग हो रही है। इस तरह इसकी प्रतिद्वंद्बी लिस्टेड कंपनियों के मुकाबले इसका पी/ई 25-30 फीसदी कम है। हालांकि, कंपनी का रिटर्न रेशियो बेहतर है। कंपनी की पहचान अब तक फैमिली रन बिजनेस के रूप में रही है। अब यह पेशेवर मॉडल के साथ ऑपरेट करने जा रही है। चूंकि इसकी वैल्यूएशन प्रतिद्वंद्वी कंपनियों के मुकाबले कम है, जिससे निवेशक इस इश्यू में निवेश कर सकते हैं।