Radiant Cash Management IPO: रेडिएंट कैश मैनेजमेंट के शेयरों की लिस्टिंग BSE और NSE पर 4 जनवरी को होने वाली है। इसके शेयरों का अलॉटमेंट फाइनल हो चुका है। इस आईपीओ को लेकर निवेशकों का उत्साह ठंडा दिखा था। सब्सक्रिप्शन के अंतिम दिन यह 53 फीसदी ही सब्सक्राइब हो सका। हालांकि, ग्रे मार्केट में यह आईपीओ अभी भी प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है और निवेशकों को लिस्टिंग गेन मिलने की पूरी संभावना है। कंपनी इस आईपीओ के ज़रिए 388 करोड़ रुपये जुटाना चाहती है।
ग्रे मार्केट से मिल रहे पॉजिटिव संकेत
रेडिएंट कैश मैनेजमेंट के आईपीओ को लेकर ग्रे मार्केट से पॉजिटिव संकेत मिल रहे हैं। इस समय यह इश्यू 6 रुपये के प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। इस आईपीओ को लिए 94-99 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया था। इसका मतलब है कि अपर प्राइस बैंड के हिसाब से यह शेयर 105 रुपये प्रति शेयर के भाव पर लिस्ट हो सकता है। निवेशकों को 6.06% लिस्टिंग गेन मिलने की संभावना है।
निवेशकों का मिला था ठंडा रिस्पॉन्स
इस आईपीओ को लेकर निवेशकों का रिस्पॉन्स ठंडा रहा। यह इश्यू सब्सक्रिप्शन के अंतिम दिन यानी 27 दिसंबर तक 53 फीसदी ही सब्सक्राइब हो सका। 388 करोड़ के इस आईपीओ को 1,45,98,150 शेयरों के लिए बोलियां मिली थी, जबकि ऑफर पर 2,74,29,925 शेयर थे। इसके तहत, क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए तय हिस्सा पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया था। वहीं, नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स के हिस्से को 66 फीसदी और रिटेल इंडिविजुअल इन्वेस्टर्स के हिस्से को 20 फीसदी सब्सक्रिप्शन मिला।
रेडियंट भारत में बैंकों, वित्तीय संस्थानों और ऑर्गेनाइज्ड रिटेल और ई-कॉमर्स कंपनियों के लिए कैश मैनेजमेंट सर्विसेज से संबंधित आउटसोर्सिंग रिक्वायरमेंट को पूरा करता है। मार्च 2022 तक नेटवर्क लोकेशन या टच प्वाइंट के मामले में रिटेल कैश मैनेजमेंट सेगमेंट में सबसे बड़ी कंपनी है। कंपनी के मुनाफे में पिछले वर्ष की तुलना में मार्च 2022 को समाप्त वर्ष में 18 प्रतिशत यानी 38.2 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई है। इसके अलावा, इस अवधि में कंपनी के रेवेन्यू में 29 फीसदी का उछाल देखने को मिला है और यह 286 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।