रेमंड के मालिकाना हक वाली JK Files & Engineering ने कैपिटल मार्केट सेबी के समक्ष अपने आईपीओ से संबंधित अर्जी (Red Herring Prospectus)दाखिल कर दिया है। कंपनी अपने इस आईपीओ के जरिए 800 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी में है। यह आईपीओ कंपनी के प्रमोटर की तरफ से पेश पूरी तरह से एक ऑफर फॉर सेल होगा। जिसके चलते आईपीओ से मिला एक भी पैसा कंपनी के पास नहीं जाएगा। ये सारा पैसा विक्रेता शेयरहोल्डर को मिलेगा। इस ऑफर का कुछ हिस्सा कंपनी के कर्मचारियों और शेयरहोल्डरों के लिए रिजर्व होगा।
JK Files & Engineering टूल और हार्डवेयर से संबंधित कलपुर्जे बनाने वाली कंपनी है। इसके प्रोडक्ट में स्टील, फाइल्स और ड्रिल्स शामिल हैं। इसके अलावा यह कई और तरीके के हैंड टूल, पावर टूल एक्ससरीज और पावर टूल मशीनरी बनाती है। कंपनी की सब्सिडियरी RPAL रिंग गियर्स, फ्लेक्स प्लेट्स और वाटर पंप बियरिंग जैसे ऑटो कम्पोनेंट और इंजीनियरिंग प्रोडक्ट भी बनाती है।
कंपनी का दावा है कि उसके पास एक बड़ा कस्टमर बेस है जिसमें B2B और B2C दोनों तरह के कस्टमर शामिल हैं। दुनिया के 60 से ज्यादा देशों से उसका कारोबार होता है।
वित्त वर्ष 2021 में कंपनी का कंसोलिडेटड मुनाफा 25.57 करोड़ रुपये पर रहा था जबकि इसकी ऑपरेटिंग इनकम 14.3 करोड़ रुपये पर रही थी जबकि कुल आय 344.25 करोड़ रुपये रही थी जो कि इसके पिछले वर्ष में 375.98 करोड़ रुपये पर रही थी।
जून 2021 को समाप्त तिमाही में कंपनी को 110.47 करोड़ रुपये की कमाई पर 9.6 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था। SBI Capital Markets, DAM Capital Advisors और HDFC Bank इस आईपीओ के बुक रनिंग लीड मैनेजर हैं। इसी महीने कंपनी के प्रमोटर ने कहा था कि जेके फाइल्स के आईपीओ से रेमंड को डिलीवरेज करने में सहायता मिलेगी। आईपीओ के बाद JK Files & Engineering रेमंड की अहम सब्सिडियरी बनी रहेगी।