Sai Silks (Kalamandir) IPO: ऑफलाइन और ऑनलाइन कपड़े बेचने वाली साई सिल्क्स (कालामंदिर) के आईपीओ को निवेशकों का काफी फीका रिस्पांस दिख रहा है। यह आईपीओ 20 सितंबर को खुला था और आज इसके सब्सक्रिप्शन का आखिरी दिन है लेकिन यह आधा भी नहीं भर पाया है। पहले दिन तो यह महज 7 फीसदी भरा था। इससे पहले भी कंपनी ने जब 2013 में 89 करोड़ रुपये का आईपीओ लाया था तो निवेशकों के फीके रिस्पांस के चलते कंपनी ने वापस ले लिया था। उस समय इश्यू का प्राइस बैंड 70-75 रुपये और शेयरों की फेस वैल्यू 10 रुपये थी। इस बार फेस वैल्यू 2 रुपये और प्राइस बैंड 210-222 रुपये है। इस बार आईपीओ साइज 1201 करोड़ रुपये है।
क्यों नहीं दिख रहा निवेशकों के बीच क्रेज
जिस इंडस्ट्री में साई सिल्क्स कारोबार कर रही है, उसमें काफी कॉम्पटीशन है यानी कि इसमें पूंजी पर कम रिटर्न के आसार हैं। इसके चलते निवेशकों के बीच क्रेज कम दिख रहा है। इसके अलावा एक और वजह से आईपीओ को लेकर क्रेज कम दिख रहा है कि इसका आधा हिस्सा प्रमोटर ग्रुप के ऑफर फॉर सेल (OFS) का है और प्रमोटर की 30 फीसदी होल्डिंग गिरवी है। मनीकंट्रोल के साथ प्री-आईपीओ इंटरव्यू में कंपनी के फाउंडर और एमजी प्रसाद चलवाडी (Prasad Chalavadi) ने गिरवी रखे शेयरों के बारे में जानकारी तो दी लेकिन यह नहीं बताया कि इन शेयरों को कंपनी में पूंजी लगाने के लिए गिरवी रखा गया है या प्रमोटर की जरूरतों की फंडिंग के लिए।
हालांकि उनका कहना है कि लिस्टिंग के बाद जल्द से जल्द करीब चार तिमाहियों में शेयरों को छुड़वाने की योजना है। प्रसाद के मुताबिक साई सिल्क्स एक छोटी और पहली पीढ़ी की कंपनी है तो बैंक प्राइमरी कोलैटरल के साथ0साथ शेयरों का कुछ हिस्सा गिरवी रखने पर जोर देते हैं ताकि कोई खास योजना बिना उनके पास न हो सके। इसके अलावा कंपनी पर 340 करोड़ रुपये का कर्ज है और डेट-टू-इक्विटी रेश्यो 0.87 गुना है।
पियर्स के मुकाबले कम रिटर्न रेश्यो
प्रसाद के मुताबिक कंपनी की योजना तमिलनाडु में करीब 30 स्टोर्स खोलने की है जो हाई यील्ड वाला राज्य है। इसमें से 25 में वरमलक्ष्मी सिल्क्स फॉर्मेट होगा जो इसका टॉप परफॉर्मिंग फॉर्मेट है। हाई यील्ड वाले राज्य और टॉप परफॉर्मिंग फॉर्मेट के चलते रिटर्न रेश्यो में तेजी की गुंजाइश है। अभी की बात करें तो साई सिल्क्स का रिटर्न ऑन कैपिटल एंप्लॉयड (RoCE) करीब 23.5 फीसदी पर है जो पियर्स के मुकाबले कम है। हालांकि मार्केट सेगमेंट अलग होने के चलते आंकड़ों की एकदम सटीक तुलना नहीं की जा सकती है। वेदांत फैशन्स का RoCE 47.5 फीसदी, टीसीएनएस क्लोदिंग का 3.23%, गो फैशन का 25.6 फीसदी, आदित्य बिड़ला फैशन एंड रिटेल का 8.32 फीसदी, शॉपर्स स्टॉप का का 65.7 फीसदी, ट्रेंट का 27.5 फीसदी है।