Sansera Engineering IPO: आज खुला इश्यू, जानिए क्या इसमें निवेश करना सही फैसला होगा?

Sansera Engineering के इश्यू का प्राइस बैंड 734-744 रुपए है और यह पूरी तरह OFS है

अपडेटेड Sep 14, 2021 पर 1:08 PM
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Sansera Engineering IPO: ऑटो कंपोनोंट बनाने वाली इस कंपनी का IPO आज यानी 14 सितंबर को खुल रहा है। इश्यू 16 सितंबर को बंद होगा। कंपनी के इश्यू का प्राइस बैंड 734-744  रुपए है। Sansera Engineering 1,282.98 करोड़ रुपए का IPO ला रही है। यह इश्यू 100 फीसदी ऑफर फॉर सेल है। कंपनी के प्रमोटर्स और मौजूदा निवेशक अपनी कुछ हिस्सेदारी बेच रहे हैं।

क्या इस IPO में निवेश करना ठीक है?

Sansera Engineering के कुल 16 प्लांट हैं। इनमें 15 भारत और एक स्वीडेन में है। कंपनी ऑटोमोटिव और नॉन-ऑटोमोटिव सेक्टर्स में कॉम्प्लेक्स और क्रिटिकल प्रीसिजन इंजीनियरिंग कंपोनेंट बनाती हैं। ऑटोमोटिव सेगमेंट में कंपनी  2W, PV और CV वर्टिकल्स के लिए  कनेक्टिंग रॉड्स, रॉकर आर्म जैसी चीजें बनाती है। कंपनी की सबसे ज्यादा आमदनी कार के इंटर्नल कम्बशन इंजन से जुड़े कंपोनेंट बनाने से होती है।

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बाजार के जानकारों का कहना है कि आने वाले दिनों में इलेक्ट्रिक व्हीकल ज्यादा बनेंगे। इन गाड़ियों में लगने वाले इंजन की जगह इलेक्ट्रिक मोटर्स और कंपोनेंट लगेंगे। फाइनेंशियल एक्सप्रेस के मुताबिक, JST Investments के फाउंडर, COO आदित्य कोंडावर ने कहा, "वैसे तो कंपनी कहती है कि यह उसके बिजनेस मॉडल का सबसे अहम हिस्सा है। लेकिन देखना ये है कि कंपनी इसे कैसे अपनाती है। किसी कंपनी में बहुत बड़े पैमाने पर मेजर डिसरप्शन आने का यह सटीक उदाहरण है।"

डिसरप्शन इसलिए क्योंकि इलेक्ट्रिक व्हीकल ज्यादा बनेंगे तो कंपनी को भी उसके हिसाब से अपने कारोबार में बदलाव लाना होगा। हालांकि कंपनी कहती है कि वह इसके लिए तैयार है। कोंडावर ने कहा इश्यू के हायर प्राइस बैंड के मुताबिक, "Sansera Engineering का वैल्यूएशन प्राइस टू सेल्स का 2.4 गुना है। जबकि कंपनी का P/E 36.2 है।


पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट में Sansera Engineering और मारुति सुजुकी की पार्टनरशिप 30 साल से ज्यादा पुरानी है। वहीं फिएट क्राइसलर के साथ कंपनी की पार्टनरशिप 10 साल की है। वहीं नॉर्थ अमेरिकी की पैसेंजर व्हीकल OEM के साथ भी Sansera Engineering की पार्टनरशिप 10 साल पुरानी है।

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JM Financial का कहना है कि Sansera Engineering का बिजनेस मॉडल डायवर्सिफाई है। इसके नतीजे भी इंडस्ट्री के ट्रेंड से बेहतर हैं। साथ ही यह कई पैमानों पर इंडस्ट्री लीडर है। ब्रोकरेज फर्म के मुताबिक, कंपनी के लिए कुछ जोखिम भी है। इनमें ट्रांसपोर्टेशन के लिए तीसरी पार्टी पर निर्भरता और सही वक्त पर प्रोडक्ट की  डिलीवरी कराना है।

कंपनी ट्रांसपोर्टेशन के लिए थर्ड पार्टी पर निर्भर करती है और उनके साथ लॉन्ग टर्म सप्लाई कॉन्ट्रैक्ट नहीं है। ऐसे में वक्त पर सप्लायर्स ना मिलने या कच्चे माल की डिलीवरी में अड़चन आने या कच्चे माल की कीमतों में बहुत ज्यादा उतार-चढ़ाव से कंपनी के बिजनेस पर बुरा असर पड़ सकता है। इसके अलावा कंपनी का एक रिस्क फॉरेन एक्सचेंज रेट में उतारचढ़ाव से भी जुड़ा है।

Sansera Engineering का इश्यू 16 सितंबर को बंद होगा और इसके शेयरों का अलॉटमेंट 21 सितंबर को हो सकता है। इसकी लिस्टिंग 24 सितंबर को NSE और BSE पर हो सकती है। Sansera Engineering का एक लॉट 20 शेयरों का है। रिटेल निवेशकों को कम से कम इसमें 14880 रुपए का निवेश करना होगा। कंपनी की लिस्टिंग के बाद कंपनी में प्रमोटर्स की हिस्सेदारी 43.91% से घटकर 36.56% पर आ जाएगी।

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इश्यू प्राइस का पता चलने के बाद ही ग्रे मार्केट में Sansera Engineering के इश्यू के अनलिस्टेड शेयरों की ट्रेडिंग शुरू हो गई थी। आज इसके अनलिस्टेड शेयर 75 रुपए प्रीमियम पर ट्रेड कर रहे हैं। यानी ग्रे मार्केट में Sansera Engineering के शेयरों की ट्रेडिंग 819 (744+75) रुपए पर हो रही है। यह इश्यू प्राइस से 10% ज्यादा है।

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