Saroja Pharma IPO: फार्मा प्रोडक्ट्स बेचने वाली दिग्गज कंपनी सरोजा फार्मा (Saroj Pharma) का आईपीओ दो दिन में पूरा भर गया। यह आईपीओ 31 अगस्त को खुला था। दो दिन में खुदरा निवेशकों को दम पर यह दो गुना से अधिक भर गया है। अभी यह दो दिन और यानी अगले हफ्ते सोमवार और मंगलवार तक खुला रहेगा। ग्रे मार्केट में बात करें तो इसके शेयरों को लेकर कोई रुझान नहीं दिख रहा है। हालांकि हालांकि मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक ग्रे मार्केट से मिले संकेतों की बजाय कंपनी के फंडामेंटल्स और फाइनेंशियल्स के आधार पर निवेश से जुड़ा फैसला लेना चाहिए। इस इश्यू के तहत सिर्फ नए शेयर जारी होंगे।
सरोजा फार्मा का आईपीओ दो दिन में खुदरा निवेशकों के दम पर 2.12 गुना भरा है। पहले दिन यह 0.79 गुना सब्सक्राइब हुआ था। खुदरा निवेशकों के हिस्से की बात करें तो पहले दिन खुदरा निवेशकों ने 1.58 गुना बोली लगाई थी जो दो दिन में बढ़कर 3.75 गुना पर पहुंच गई। खुदरा निवेशकों के लिए 50 फीसदी हिस्सा आरक्षित है।
Saroja Pharma IPO की डिटेल्स
इस फार्मा कंपनी का आईपीओ 5 सितंबर तक खुला रहेगा। 15.27 करोड़ रुपये के इस आईपीओ में 84 रुपये के भाव और 1600 शेयरों के लॉट में पैसे लगा सकेंगे। आईपीओ की सफलता के बाद शेयरों का अलॉटमेंट 8 सितंबर को फाइनल होगा। इश्यू का रजिस्ट्रार केफिन टेक है। इसके बाद शेयरों की एनएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म NSE SME पर 13 सितंबर को लिस्टिंग है। इश्यू के तहत 10 रुपये की फेस वैल्यू वाले 10,84,800 नए इक्विटी शेयर जारी होंगे। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल कंपनी मैनुफैक्चरिंग प्लांट लगाने, कर्ज चुकाने और इश्यू से जुड़े खर्चों को भरने में करेगी।
Saroja Pharma के बारे में
2019 में बनी सरोजा फार्मा स्पेशल केमिकल्स और एपीआई (एक्टिव फार्मा इनग्रेडिएंट्स) की ट्रेडिंग, निर्यात और सप्लाई के कारोबार में है। इसके प्रोडक्ट मुख्य रूप से तीन कैटेगरी- केमिकल, फार्मा इंटरमीडियरी और वेटरनेरी फार्मा एपीआई, में से हैं। यह कंपनी एग्रो-इंटरमीडिएट के रूप में इस्तेमाल होने वाले लिक्विड ब्रोमीन, एपीआई सॉल्वेंट के रूप में इस्तेमाल होने वाले एथिल एसीटेट और इंसानों के साथ-साथ जानवरों के दवाईयों की सप्लाई करती है।
इसके प्रोडक्ट्स का निर्यात पाकिस्तान, इजिप्ट, रुस, जॉर्डन, हॉन्ग कॉन्ग और सिंगापुर इत्यादि देशों को होता है। कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो वित्त वर्ष 2021 में इसे 73.13 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट हुआ था जो अगले ही वित्त वर्ष 2022 में बढ़कर 1.14 करोड़ रुपये हो गया लेकिन अगले ही वित्त वर्ष यह घटकर 1.06 करोड़ रुपये पर आ गया।