लॉजिस्टिक्स कंपनी शैडोफैक्स का ₹1907 करोड़ का IPO 20 जनवरी को खुलने जा रहा है। कंपनी ने इसके लिए ₹118 से ₹124 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। लॉट साइज 120 शेयर है। पब्लिक इश्यू 22 जनवरी को बंद होगा। एंकर इनवेस्टर 19 जनवरी को बोली लगा सकेंगे। कंपनी की नजर लगभग ₹7170 करोड़ की वैल्यूएशन पर है। IPO बंद होने के बाद अलॉटमेंट 23 जनवरी को फाइनल होगा और शेयरों की लिस्टिंग 28 जनवरी को BSE, NSE पर होगी। शैडोफैक्स को अभिषेक बंसल और वैभव खंडेलवाल ने शुरू किया था।
शैडोफैक्स IPO में 75% हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए, 15% हिस्सा नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए और 10% हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व है। इस IPO में ₹1,000 करोड़ के नए शेयर जारी होंगे। साथ ही मौजूदा शेयरधारकों की ओर से ₹907 करोड़ का ऑफर फॉर सेल (OFS) रहेगा।
OFS के तहत फ्लिपकार्ट इंटरनेट, एट रोड्स इनवेस्टमेंट्स मॉरीशस II लिमिटेड, न्यूक्वेस्ट एशिया फंड IV (सिंगापुर) प्राइवेट लिमिटेड, नोकिया ग्रोथ पार्टनर्स IV, एल.पी, इंटरनेशनल फाइनेंस कॉर्पोरेशन, मिरे एसेट, क्वालकॉम एशिया पैसिफिक प्राइवेट लिमिटेड और स्नैपडील के फाउंडर- कुणाल बहल और रोहित कुमार बंसल शेयर बेचेंगे।
IPO के पैसों का कैसे होगा इस्तेमाल
Shadowfax IPO में नए शेयरों को जारी कर हासिल होने वाले पैसों का इस्तेमाल नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर के मामले में क्षमता बढ़ाने, नए फर्स्ट माइल, लास्ट माइल और सॉर्ट सेंटर के लिए लीज पेमेंट की फंडिंग, साथ ही ब्रांडिंग, मार्केटिंग और कम्युनिकेशन पहलों, अज्ञात इनऑर्गेनिक अधिग्रहणों और सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा। शैडोफैक्स में फ्लिपकार्ट, TPG, एट रोड्स वेंचर्स, मिरे एसेट वेंचर्स और नोकिया ग्रोथ फंड्स जैसे निवेशकों का पैसा लगा हुआ है। सितंबर 2025 तक कंपनी का सर्विस नेटवर्क 14,758 भारतीय पिनकोड तक फैला हुआ है।
शैडोफैक्स कई तरह के एंटरप्राइज क्लाइंट्स को सर्विस देती है। इनमें हॉरिजॉन्टल और नॉन-हॉरिजॉन्टल ई-कॉमर्स, क्विक कॉमर्स, फूड मार्केटप्लेस और ऑन-डिमांड मोबिलिटी कंपनियां शामिल हैं। कंपनी एक्सप्रेस फॉरवर्ड पार्सल डिलीवरी, रिवर्स पिकअप, ऑन-डिमांड हाइपरलोकल और क्रिटिकल लॉजिस्टिक्स सॉल्यूशन देती है।
अप्रैल-सितंबर 2025 के दौरान शैडोफैक्स ने लगभग ₹1,800 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया। यह एक साल पहले से 68% ज्यादा है। वित्त वर्ष 2025 में इसका कुल रेवेन्यू ₹2,485 करोड़ था। ई-कॉमर्स एक्सप्रेस पार्सल सेगमेंट, कंपनी के रेवेन्यू में सबसे ज्यादा योगदान देता है। इसकी कंपनी के बिजनेस में लगभग 70% हिस्सेदारी है। लगभग 20% रेवेन्यू हाइपरलोकल और क्विक कॉमर्स लॉजिस्टिक्स से आता है। IPO के लिए ICICI सिक्योरिटीज, मॉर्गन स्टेनली इंडिया कंपनी और JM फाइनेंशियल बुक रनिंग लीड मैनेजर के तौर पर काम कर रहे हैं। KFin टेक्नोलोजिज रजिस्ट्रार है।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।