Shadowfax Technologies IPO: मार्केट की गिरावट से GMP हुआ धड़ाम, क्या आपको पैसा लगाना चाहिए? एक्सपर्ट्स से जानिए

Shadowfax IPO: Shadowfax भारत की अग्रणी थर्ड पार्टी लॉजिस्टिक्स कंपनी है जो ई-कॉमर्स Flipkart, Meesho और क्विक कॉमर्स Swiggy, Blinkit के लिए डिलीवरी का काम करती है। यह देश के 14,700 से ज्यादा पिनकोड पर काम करती है

अपडेटेड Jan 21, 2026 पर 3:22 PM
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इस आईपीओ का प्राइस बैंड ₹118 – ₹124 प्रति शेयर है

Shadowfax Technologies IPO: लॉजिस्टिक्स क्षेत्र की दिग्गज कंपनी Shadowfax Technologies के आईपीओ का आज दूसरा दिन है। दोपहर तक यह इश्यू 58% सब्सक्राइब हो चुका है। हालांकि, शेयर बाजार में जारी बिकवाली का असर इसके ग्रे मार्केट प्रीमियम पर साफ दिख रहा है, जो गिरकर काफी नीचे आ गया है। आइए आपको बताते हैं इस आईपीओ की पूरी डिटेल्स और इसमें आपको बोली लगानी चाहिए या नहीं।

Shadowfax IPO की मुख्य डिटेल्स

प्राइस बैंड: ₹118 – ₹124 प्रति शेयर

इश्यू साइज: ₹1,907.27 करोड़


लॉट साइज: 120 शेयर (न्यूनतम ₹14,880 निवेश)

अलॉटमेंट: 23 जनवरी

लिस्टिंग: 28 जनवरी

कंपनी क्या करती है और पैसा कहां खर्च होगा?

Shadowfax भारत की अग्रणी थर्ड पार्टी लॉजिस्टिक्स कंपनी है जो ई-कॉमर्स Flipkart, Meesho और क्विक कॉमर्स Swiggy, Blinkit के लिए डिलीवरी का काम करती है। यह देश के 14,700 से ज्यादा पिनकोड पर काम करती है। कंपनी आईपीओ से मिले फंड का इस्तेमाल नए सॉर्टिंग सेंटर खोलने, मार्केटिंग करने और नेटवर्क के विस्तार के लिए करेगी।

एक्सपर्ट्स की राय: निवेश करें या नहीं?

बाजार के जानकारों और ब्रोकरेज हाउस ने इस आईपीओ को लेकर मिली-जुली राय दी है। मास्टर कैपिटल सर्विसेज का मानना है कि भारतीय लॉजिस्टिक्स सेक्टर अभी एक बहुत मजबूत ग्रोथ फेज में है। ऑनलाइन रिटेल के 20-25% और क्विक कॉमर्स के 50-60% की रफ्तार से बढ़ने की उम्मीद है। मास्टर कैपिटल के अनुसार, Shadowfax एक 'टेक्नोलॉजी-लेड' प्लेटफॉर्म है जो ई-कॉमर्स और हाइपरलोकल डिलीवरी में अपनी धाक जमा चुका है। वे इसे लंबी अवधि के लिए एक अच्छा अवसर मानते हैं।

Lemonn Markets Desk के गौरव गर्ग ने कंपनी की ताकत और जोखिम दोनों को स्पष्ट किया है। उनके अनुसार, Flipkart, Swiggy और Zomato जैसे दिग्गज क्लाइंट्स और 14,700 से ज्यादा पिनकोड तक पहुंच इसकी बड़ी ताकत है। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी है कि ऊपरी प्राइस बैंड (₹124) पर कंपनी का वैल्युएशन काफी महंगा (EV/EBITDA ~106x) है। साथ ही, कंपनी की 50% कमाई केवल एक ग्राहक Flipkart से आना एक बड़ा जोखिम है। वे सलाह देते हैं कि लिस्टिंग गेन के लिए यह 'न्यूट्रल' है, लेकिन लंबी अवधि के निवेशकों को कंपनी के मार्जिन और क्लाइंट विस्तार पर नजर रखनी चाहिए।

बाजार की गिरावट ने ठंडी की ग्रे मार्केट की हलचल

शेयर बाजार में जारी चौतरफा बिकवाली का सीधा असर Shadowfax Technologies के ग्रे मार्केट प्रीमियम पर पड़ा है। 'investorgain.com' और 'IPO Watch' के आंकड़ों के अनुसार, Shadowfax का GMP जो पिछले वीकेंड ₹10-12 (करीब 8%) के आसपास था, वह आज गिरकर महज ₹4 पर आ गया है। इसका मतलब है कि ₹124 के ऊपरी प्राइस बैंड के मुकाबले शेयर ग्रे मार्केट में केवल ₹128 पर ट्रेड कर रहा है, जो मात्र 3.23% का लिस्टिंग गेन दर्शा रहा है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि सेकेंडरी मार्केट में अस्थिरता और कंपनी के महंगे वैल्युएशन के कारण ग्रे मार्केट में निवेशकों का उत्साह ठंडा पड़ा है, जिससे अब शॉर्ट-टर्म मुनाफा कमाने की उम्मीदें काफी कम हो गई हैं।

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