Shadowfax Technologies IPO: लॉजिस्टिक क्षेत्र की दिग्गज कंपनी Shadowfax Technologies के आईपीओ के अलॉटमेंट की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। अब निवेशकों की नजरें 28 जनवरी को होने वाली इसकी लिस्टिंग पर टिकी हैं। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, ग्रे मार्केट में कंपनी के शेयरों को लेकर उत्साह थोड़ा ठंडा पड़ता दिख रहा है। सोमवार को इसका ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) ₹6 के आसपास बना हुआ है, जो पिछले हफ्ते के ₹4 से मामूली सुधार है। यह इश्यू प्राइस (₹124) के मुकाबले करीब 4.8% के लिस्टिंग गेन का संकेत दे रहा है।
Shadowfax के आईपीओ को निवेशकों से मिला-जुला रिस्पॉन्स मिला है। 20 से 22 जनवरी के बीच खुले इस आईपीओ का प्रदर्शन इस प्रकार रहा:
संस्थागत निवेशक: 4.00 गुना
गैर-संस्थागत निवेशक: 0.88 गुना
लिस्टिंग और अलॉटमेंट स्टेटस कैसे चेक करें?
अगर आपने इस आईपीओ के लिए आवेदन किया था, तो आप इन स्टेप्स के जरिए अपना अलॉटमेंट स्टेटस चेक कर सकते हैं:
रजिस्ट्रार (Kfin Technologies): https://ipostatus.kfintech.com/ पर जाकर कंपनी का नाम चुनें और PAN/एप्लीकेशन नंबर डालें।
BSE/NSE वेबसाइट: आप स्टॉक एक्सचेंज की आधिकारिक वेबसाइट पर भी अपना स्टेटस देख सकते हैं।
लिस्टिंग की तारीख: बुधवार, 28 जनवरी 2026।
कैसे होगा आईपीओ से मिले पैसों का उपयोग
Shadowfax अपने आईपीओ से जुटाए गए ₹1,907 करोड़ का इस्तेमाल मुख्य रूप से अपने नेटवर्क विस्तार के लिए करेगी। ₹423 करोड़ नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार पर खर्च होंगे। ₹138.6 करोड़ नए फर्स्ट-माइल और लास्ट-माइल सॉर्ट सेंटर्स के लीज पेमेंट के लिए इस्तेमाल किए जाएंगे। बता दें कि वित्त वर्ष 2026 की पहली छमाही में कंपनी ने ₹1,800 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया है, जो सालाना आधार पर 68% की वृद्धि दर्शाता है।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
Shadowfax को फ्लिपकार्ट और मिरे एसेट जैसे बड़े निवेशकों का समर्थन प्राप्त है, जो इसकी लंबी अवधि की मजबूती को दर्शाता है। हालांकि, मौजूदा GMP और मध्यम सब्सक्रिप्शन दर को देखते हुए, लिस्टिंग के दिन बहुत बड़े उछाल की उम्मीद कम है। यह आईपीओ उन निवेशकों के लिए अधिक उपयुक्त लग रहा है जो भारत के ई-कॉमर्स और क्विक कॉमर्स लॉजिस्टिक सेक्टर में लंबी अवधि का नजरिया रखते हैं।
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