Global Surfaces IPO: नेचुरल स्टोन प्रोसेस करने और इंजीनियर्ड क्वार्ट्ज बनाने वाली दिग्गज कंपनी ग्लोबल सर्फेसेज का आईपीओ आज खुल गया है। 155 करोड़ रुपये का यह इश्यू 15 मार्च तक खुला रहेगा और इसमें 133-140 रुपये के प्राइस बैंड में पैसे लगा सकेंगे। ग्रे मार्केट की बात करें तो ग्लोबल सर्फेसेज के शेयर प्रीमियम भाव पर हैं। इसके शेयर आईपीओ के प्राइस बैंड के अपर प्राइस से 35 रुपये की GMP (ग्रे मार्केट प्रीमियम) पर हैं। हालांकि मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक ग्रे मार्केट से मिले संकेतों की बजाय कंपनी के फंडामेंटल्स और वित्तीय स्थिति के आधार पर निवेश का फैसला लेना चाहिए। कंपनी ने शुक्रवार 10 मार्च को अपने इनीशियल पब्लिक ऑफर (IPO) से ठीक पहले एंकर निवेशकों से 46.49 करोड़ रुपये जुटाए थे।
Global Surfaces IPO की डिटेल्स
ग्लोबल सर्फेसेज का आईपीओ 13 मार्च से 15 मार्च के बीच खुला रहेगा। 155 करोड़ रुपये के इस इश्यू के तहत 10 रुपये की फेस वैल्यू वाले 85.20 लाख इक्विटी शेयर नए जारी होंगे और 25.50 लाख शेयर ऑफर फॉर सेल (OFS) विंडो के तहत जारी होंगे। इश्यू का प्राइस बैंड 133-140 रुपये और लॉट साइज 100 शेयरों का तय किया गया है। इस आईपीओ का 50 फीसदी हिस्सा क्वालिफाईड इंस्टीट्यूशनल बॉयर्स (QIB), 15 फीसदी हिस्सा नॉन-इंस्टीट्यूशनल इंवेस्टर्स (NII) और 35 फीसदी खुदरा निवेशकों के लिए आरक्षित है।
आईपीओ की सफलता के बाद नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों को सब्सिडियरी Global Surfaces FZE में निवेश किया जाएगा। इस निवेश का इस्तेमाल दुबई के द जेबेल अली फ्री जोन में इंजीनियर्ड क्वार्ट्ज के लिए प्लांट बनाने में किया जाएगा। इसके अलावा आईपीओ के पैसों का इस्तेमाल आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में किया जाएगा। आईपीओ की सफलता के बाद शेयरों का अलॉटमेंट 20 मार्च और बीएसई-एनएसई पर लिस्टिंग 23 मार्च को होगी।
कंपनी के बारे में डिटेल्स
Global Surfaces नेचुरल स्टोन को प्रोसेस करती है और इंजीनियर्ड क्वार्ट्ज की मैनुफैक्चरिंग करती है। इसके जयपुर में दो प्लांट्स हैं। वहीं इसके प्रोडक्ट्स की बिक्री दुनिया भर में होती है। कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो इसका मुनाफा लगातार बढ़ा है। वित्त वर्ष 2020 में इसे 20.96 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट हुआ था जो अगले वित्त वर्ष 2021 में बढ़कर 33.93 करोड़ रुपये, फिर वित्त वर्ष 2021-22 में 35.63 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। चालू वित्त वर्ष 2023 की पहली छमाही अप्रैल-सितंबर 2022 में इसे 13.59 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था।
कंपनी का मानना है कि विदेशों में इसके कारोबार के लिए बेशुमार मौके हैं और इस वजह से यह दुबई में प्लांट बैठा रही है। इसके अलावा कंपनी नए प्रोडक्ट्स और डिजाइन भी जोड़ने की तैयार कर रही है। नई तकनीकी और ऑटोमेशन को अपना रही है जिससे इसका कारोबार और बढ़ेगा। रेलिगेयर ब्रोकिंग ने हालांकि इसके कारोबार को लेकर दो अहम रिस्क बताए हैं। पहला ये कि कंपनी का कारोबार ज्यादातर अमेरिका में ही और कुछ ही ग्राहकों तक यानी सीमित मार्केट तक है। दूसरा ये कि इसका किसी भी ग्राहक या सप्लायर्स के साथ कोई लॉन्ग टर्म एग्रीमेंट्स नहीं है जो इसके कारोबार पर असर डाल सकता है।
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