लोकसभा चुनावों की शुरुआत में मार्केट में उतारचढ़ाव के बीच एसएमई आईपीओ सेगमेंट में थोड़ी सुस्ती आई थी। बाद में एसएमई आईपीओ मार्केट में रौनक लौट आई। प्राइम डेटाबेस के मुताबिक, मई में कुल 24 एसएमई आईपीओ आए थे। यह अप्रैल के 12 एसएमई आईपीओ का दोगुना है। मई में आए एसएमई आईपीओ के आकार भी बड़े थे। मई में आए कुल आईपीओ 731 करोड़ रुपये के थे। यह अप्रैल में आए कुल 314.31 करोड़ रुपये के आईपीओ से 133 फीसदी ज्यादा है। जून में कुछ एसएमई के आईपीओ मार्केट में आ चुके हैं।
अप्रैल में एसएमई आईपीओ मार्केट में सुस्ती
मार्केट पार्टिसिपेंट का मानना है कि लोकसभा चुनावों की शुरुआत में एसएमई आईपीओ बाजार में थोड़ी सुस्ती दिखी थी। इसकी वजह यह थी कि कंपनियां आईपीओ का टाइम तय करने के लिए इनवेस्टर्स का सेंटिमेंट देखना चाहती थीं। खंबाटा सिक्योरिटीज के ग्रुप सीईओ और एमडी सुनील शाह ने कहा, "मार्केट में उतारचढ़ाव और चुनावों के चलते कुछ एसएमई ने अपने आईपीओ के प्लान टाल दिए होंगे।"
चुनावों के चलते कई एसएमई ने इंतजार करो और देखों की नीति अपनाई
उन्होंने कहा कि अप्रैल में एसएमई आईपीओ कम आए। लेकिन, उसके बाद से इसकी झड़ी लग गई। यूनिस्टोन कैपिटल के दीप शाह ने कहा कि कई एसएमई ने चुनावों के दौरान इंतजार करने का फैसला किया, जिसका असर अप्रैल में दिखा। एसएमई आईपीओ की संख्या घट गई। शाह ने कहा कि अप्रैल में इलेक्शन सीजन शुरू हुआ था। केंद्र की सरकार तीसरी बार सत्ता में आने की कोशिश कर रही थी। तब कई कंपनियों, मर्चेंट बैंकर्स और इंडस्ट्री ने इंतजार करो और देखो की नीति अपनाई थी।
सेबी चेयरपर्सन के बयान का भी पड़ा असर
मार्केट में कुछ लोगों का मानना है कि सेबी ने खास तरह के शेयरों की कीमतें बढ़ने को लेकर सतर्क किया था। इसका असर भी मार्केट पर देखने को मिला। सेबी की चेयरपर्सन माधबी पुरी बुच ने मार्च में कहा था, "एसएमई सेगेमेंट में हमें कुछ मैनिपुलेशन के संकेत मिले हैं... हम कुछ खास तरह के पैटर्न देख रहे हैं।" हालांकि मार्केट पार्टिसिपेंट की यह राय है कि सेबी की चेतावनी के बाद एसएमई आईपीओ सेगमेंट और मजबूत होकर सामने आएगा।
कई एसएमई आईपीओ में निवेशकों ने दिखाई ज्यादा दिलचस्पी
यह साल एसएमई आईपीओ के लिए अच्छा रहा है। कुछ आईपीओ को निवेशकों का जबर्दस्त रिस्पॉन्स मिला है। HOAC Foods India का आईपीओ 1963 गुना सब्सक्राइब हुआ था। Magenta Lifecare का आईपीओ 1003 गुना सब्सक्राइब हुआ था। करीब 35 ऐसे एसएमई आईपीओ थे जो 200 से 800 गुना तक सब्सक्राइब हुए थे।