SpaceX IPO: स्पेस से जुड़ी कंपनियों में बुधवार को जोरदार तेजी आई और इसकी वजह एलॉन मस्क (Elon Musk) की स्पेसएक्स (SpaceX) रही। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक स्पेसएक्स इस हफ्ते ही आईपीओ लाने की दिशा में आगे बढ़ सकती है। इसने अमेरिकी स्टॉक मार्केट में स्पेस से जुड़ी कंपनियों के शेयरों की चमक बढ़ा दी। सैटेलाइट फर्म एएसटी स्पेसमोबाइल (AST SpaceMobile) और रॉकेट लैब (Rocket Lab) के शेयर 10% तक उछल पड़े जबकि फायरफ्लाई ऐरोस्पेस (Firefly Aerospace) 16% चढ़ गया। आईपीओ से जुड़ी सुर्खियों पर योर्क स्पेस सिस्टम्स (York Space Systems) भी करीब 5% उछल पड़ा।
Saudi Aramco को पीछे छोड़ देगी SpaceX?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक स्पेसएक्स का आईपीओ नए रिकॉर्ड कायम कर सकता है। यह आईपीओ $7000-$7500 करोड़ तक का हो सकता है। यह 2019 में सऊदी अरामको की $2900 करोड़ की लिस्टिंग से भी बड़ा होगा, जो फिलहाल दुनिया का सबसे बड़ा आईपीओ है। स्पेसएक्स की योजना जून में लिस्टिंग की है, लेकिन अभी कोई टाइमलाइन तय नहीं हुआ है। इस महीने ही आईपीओ के लिए गोपनीय फाइलिंग की जा सकती है। हालांकि योजना में बदलाव भी हो सकता है।
लिस्टिंग पर Meta-Tesla से आगे निकल सकती है स्पेसएक्स
वैल्यूएशन के लिहाज से स्पेसएक्स का लक्ष्य $175 लाख करोड़ से अधिक वैल्यूएशन हासिल कर सकती है, जिससे यह दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनियों में शामिल हो सकती है। कंपनी ने यह लक्ष्य ऐसे समय में रखा है, जब इसने हाल ही में xAI का अधिग्रहण किया और इस डील के बाद दोनों एंटिटी की कुल वैल्यू मिलाकर करीब $125 लाख करोड़ हो गई। अब अगर स्पेसएक्स लिस्टिंग के साथ $175 लाख करोड़ का वैल्यूएशन हासिल कर लेती है तो, एसएंडपी500 इंडेक्स में इससे आगे सिर्फ एनवीडिया, एपल, अल्फाबेट, माइक्रोसॉफ्ट और एमेजॉन जैसी कुछ कंपनियां रहेंगी तो दूसरी तरफ मार्क जुकरबर्ग की मेटा और एलॉन मस्क की टेस्ला मार्केट कैप के हिसाब से पीछे हो जाएंगी।
तेजी से बढ़ रहा स्पेस सेक्टर
डिफेंस और सैटेलाइट टेक्नोलॉजी से जुड़ी कंपनियों समेत पूरे स्पेस इकोसिस्टम को स्पेसएक्स की रफ्तार, डोनाल्ड ट्रंप के प्रस्तावित "गोल्डन डोम" मिसाइल डिफेंस सिस्टम जैसे नीतिगत संकेतों और एआई इंफ्रास्ट्रक्चर की बढ़ती मांग से सपोर्ट मिला है। तेजी से बढ़ते डेटा सेंटर्स की ऊर्जा खपत के चलते अंतरिक्ष में कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर लगाने जैसे विकल्पों में दिलचस्पी बढ़ी है। हालांकि इसमें ऊंची लागत और सीमित लॉन्च कैपेसिटी जैसी बड़ी चुनौतियां भी हैं। स्पेसएक्स पहले से ही स्टारलिंक नेटवर्क चला रही है, जिसके तहत 9,500 से अधिक सैटेलाइट कक्षा में हैं। एलॉन मस्क की योजना आने वाले समय में 10 लाख सैटेलाइट तैनात करने की है लेकिन वैज्ञानिकों ने इसके पर्यावरण पर असर और अंतरिक्ष में ट्रैफिक को लेकर चिंता जताई है।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।