NSE IPO में टेमासेक और LIC बेच सकती हैं शेयर, SBI और SBI Capital Markets भी कतार में

NSE IPO: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज को IPO के लिए SEBI से NOC मिल गया है। अब यह ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस पर काम कर रहा है। NSE, बाजार हिस्सेदारी के मामले में देश का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है। LIC के पास NSE में 10.72 प्रतिशत हिस्सेदारी है

अपडेटेड Feb 02, 2026 पर 2:26 PM
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NSE IPO का साइज 2.5 अरब डॉलर रहने का अनुमान है।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का IPO आने वाला है। NSE के MD और CEO आशीष चौहान कह चुके हैं कि यह 7 से 8 महीने के अंदर आ सकता है और पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) होगा। इसका मतलब है कि इसमें नए शेयर जारी नहीं होंगे। अब ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि टेमासेक होल्डिंग्स पीटीई. और लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (LIC), NSE IPO में शेयर बेच सकते हैं। IPO का साइज 2.5 अरब डॉलर रहने का अनुमान है।

रिपोर्ट के मुताबिक, एक व्यक्ति का कहना है कि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया लिमिटेड और एसबीआई कैपिटल मार्केट्स लिमिटेड भी इस IPO में शेयर बेच सकते हैं। उम्मीद है कि मौजूदा शेयरधारक कंपनी की इक्विटी का 4%-4.5% हिस्सा बेचेंगे। यह भी कहा जा रहा है कि एक्सचेंज के सभी 190,000 शेयरधारकों को IPO के हिस्से के रूप में सेकेंडरी सेल में भाग लेने का विकल्प दिया जाएगा।

NSE में किसकी कितनी हिस्सेदारी


NSE में IFCI के पास स्टॉक होल्डिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (SHCIL) में अपनी मेजॉरिटी ओनरशिप के जरिए लगभग 2.35 प्रतिशत की इनडायरेक्ट हिस्सेदारी है। बीमा कंपनियों लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के पास 10.72 प्रतिशत, जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के पास 1.64 प्रतिशत और द न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी के पास 1.42 प्रतिशत हिस्सेदारी है। टेमासेक के पास लगभग 4.5% हिस्सेदारी है। 31 दिसंबर, 2025 तक SBI कैपिटल के पास भी लगभग 4.5% हिस्सेदारी थी, जबकि SBI की हिस्सेदारी लगभग 3.2% है।

ब्लूमबर्ग को व्यक्ति ने बताया कि NSE का बोर्ड कुछ दिनों में IPO प्रोसेस की देखरेख के लिए अपने टॉप अधिकारियों और LIC और SBI सहित प्रमुख शेयरधारकों के प्रतिनिधियों वाली एक समिति बना सकता है। बोर्ड की बैठक 6 फरवरी को होने वाली है, जिसमें अक्टूबर-दिसंबर 2025 तिमाही के वित्तीय परिणामों को मंजूरी दी जाएगी। इसी बैठक में समिति के गठन पर भी फैसला लिए जाने की संभावना है। अभी विचार-विमर्श जारी है और प्रमुख डिटेल बदल भी सकती हैं।

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अभी किस चीज पर काम कर रहा NSE

NSE को IPO के लिए सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) से NOC यानि कि नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट मिल गया है। अब यह IPO के लिए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DHRP) पर काम कर रहा है। MD और CEO आशीष चौहान का कहना है कि DRHP तैयार करने में लगभग 3 से 4 महीने लगेंगे, जिसके बाद SEBI से मंजूरी मिलने में और 2 से 3 महीने लग सकते हैं। NSE, बाजार हिस्सेदारी के मामले में देश का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है। इसका IPO 8 साल से ज्यादा समय से पेंडिंग है। NSE ने दिसंबर 2016 में अपना IPO प्रॉस्पेक्टस दाखिल किया था। पिछले साल अगस्त में, NSE ने अपने प्रस्तावित IPO के लिए SEBI से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट के लिए आवेदन किया था।

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