ट्रांसरेल लाइटिंग का आईपीओ 19 दिसंबर को खुल गया। इस कंपनी की शुरुआत 2008 में हुई थी। इस कंपनी का 85 फीसदी रेवेन्यू पावर ट्रांसमिशन एंड डिस्ट्रिब्यूशन (T&D) सेगमेंट से आता है। लेकिन, दूसरे सेगमेंट में डायवर्सिफाय करने की कोशिश कर रही है। इनमें सिविल कंस्ट्रक्शन, पोल्स एंड लाइटिंग और रेलवे शामिल हैं। कंपनी के रेवेन्यू में इंटरनेशनल मार्केट की 60 फीसदी हिस्सेदारी है। इसने 58 देशों में 200 से ज्यादा टीएंडडी प्रोजेक्ट्स पूरे किए हैं।
पावर टीएंडडी सेक्टर में ग्रोथ के अच्छे मौके
इंडिया में भी Transrail Lighting ने देशभर में कई प्रोजेक्ट्स पूरे किए हैं। इंडिया में टीएंडडी इंडस्ट्री में पूंजीगत खर्च बढ़ रहा है। इससे कंपनी को अपने घरेलू बिजनेस की ग्रोथ अच्छी रहने की उम्मीद है। इंडिया में पावर टीएंडडी सेक्टर की ग्रोथ अच्छी है। इसकी वजह अच्छी डिमांड और बढ़ता निवेश है। रिन्यूएबल एनर्जी की मांग तेजी से बढ़ रही है। इससे इस सेक्टर में भी कंपनी के लिए अच्छे मौके होंगे। सरकार FY25 से FY29 के बीच ट्रांसमिशन सेक्टर में 3 लाख करोड़ रुपये का निवेश करने वाली है।
हाई मार्जिन वाले प्रोजेक्ट्स पर फोकस
ट्रांसरेल लाइटिंग की ईपीसी सेक्टर में मजबूत स्थिति है। खासकर यह KEC International और Kalptaru Projects का मुकाबले करने के लिहाज से अच्छी स्थिति में है। इसकी वजह इसकी इंटिग्रेटेड इन-हाउस मैन्युफैक्चरिंग है। एग्जिक्यूशन के मामले में भी कंपनी का ट्रैक रिकॉर्ड अच्छा है। कंपनी ने संकेत दिया है कि वर्टिकल इंटिग्रेशन और हाई-मार्जिन वाले प्रोजेक्ट्स पर फोकस के चलते यह हाई EBITDA मार्जिन बनाए रखने में सफल है।
EBITDA मार्जिन दूसरी कंपनियोंं से बेहतर
FY24 में कंपनी का EBITDA मार्जिन 12 फीसदी था। इसके मुकाबले KEC International का EBITDA मार्जिन 6.7 फीसदी और Kalptaru Projects का 8.2 फीसदी है। घरेलू बाजार में पुरानी कंपनियों की अच्छी पैठ है। लेकिन, ट्रांसरेल अपनी क्षमता और साइज की बदौलत इस मार्केट में अपनी मौजूदगी बढ़ा रही है।
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क्या आपको निवेश करना चाहिए?
अगर कंपनी अपनी वर्किंग कैपिटल और ऑपरेटिंग मार्जिन को बनाए रखती है तो इसका प्रदर्शन अच्छा रह सकता है। इसके शेयर का पी/ई FY26 की अनुमानित अर्निंग्स का 18 गुना है। यह इस बात का संकेत है कि प्रतिद्वंद्वी कंपनियों के मुकाबले इसका पी/ई कम है। इंडियन मार्केट में ट्रांसरेल जैसी कंपनियों की ग्रोथ के लिए काफी मौके हैं। ऐसे में इस आईपीओ में निवेश किया जा सकता है।