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IPO से पहले कंटेंट को लेकर Ullu के खिलाफ मिनिस्ट्री में शिकायत, Apple और Google भी लपेटे में

Ullu IPO: आईपीओ लाने की तैयारियों में जुटी ओटीटी प्लेटफॉर्म उल्लू (Ullu) को अपने कंटेंट की वजह से तगड़ा झटका लगा है। उल्लू अपने प्लेटफॉर्म पर एडल्ट मूवीज और सीरीज पेश करती है। अब इसी कंटेंट के चलते नेशनल कमीशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड राइट्स (NCPCR) ने इसके खिलाफ शिकायत की है। इस मामले में गूगल और एपल के खिलाफ भी शिकायत हुई है

Edited By: Moneycontrol Newsअपडेटेड Mar 04, 2024 पर 11:59 AM
IPO से पहले कंटेंट को लेकर Ullu के खिलाफ मिनिस्ट्री में शिकायत, Apple और Google भी लपेटे में
Ullu के खिलाफ NCPCR ने शिकायत ऐसे समय में की है जब इसने 150 करोड़ रुपये के आईपीओ के लिए BSE SME के पास ड्राफ्ट फाइल किया है।

Ullu IPO: आईपीओ लाने की तैयारियों में जुटी ओटीटी प्लेटफॉर्म उल्लू (Ullu) को अपने कंटेंट की वजह से तगड़ा झटका लगा है। उल्लू अपने प्लेटफॉर्म पर एडल्ट मूवीज और सीरीज पेश करती है। अब इसी कंटेंट के चलते नेशनल कमीशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड राइट्स (NCPCR) ने इसके खिलाफ शिकायत की है। बच्चों के अधिकार से जुड़ी इस संस्था ने आईटी मिनिस्ट्री से कहा है कि छोटे बच्चों को भी आसानी से सेक्सुअल कंटेंट एक्सेस कराने और स्कूली बच्चों को सेक्सुअल एक्टिविटी में दिखाने को लेकर कार्रवाई की जाए।

10 दिनों के भीतर मिनिस्ट्री से मांगी डिटेल्स

नेशनल चाइल्ड राइट्स बॉडी ने 27 फरवरी को मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (MeitY) को पत्र लिखकर गूगल (Google) और एपल (Apple) के खिलाफ भी कार्रवाई करने का आग्रह किया है। इसके अलावा मिनिस्ट्री से यह भी अनुरोध किया गया है कि उल्लू या इसके जैसे किसी भी ऐप को एक्सेस करने के लिए ऐप स्टोर पर केवीआई के सख्त नियम बनाए जाएं। NCPCR ने मिनिस्ट्री को 10 दिनों के भीतर जरूरी जानकारियों के साथ एक विस्तृत रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है।

NCPCR के चेयरपर्सन प्रियांक कानूनगो ने MeitY को लिखा है कि आयोग को बॉलीवुड के दिग्गजों ने शिकायत भेजी है और इसमें आरोप लगाया गया है कि प्ले स्टोर और आईओएस मोबाइल प्लेटफॉर्म दोनों पर उपलब्ध उल्लू ऐप में बेहद अश्लील और आपत्तिजनक सामग्री हैं। यह ऐप आसानी से गूगल और एपल पर मिल जाता है। इसे डाउनलोड करने या कंटेंट दिखने के लिए किसी केवाईसी की भी जरूरत नहीं है। उन्होंने इसका भी जिक्र किया है कि इसमें कुछ शो ऐसे हैं जिसमं स्कूली बच्चों को सेक्सुअल एक्टिविटी करते दिखाया गया है। उन्होंने मिनिस्ट्री से इस प्रकार के ऐप्स को लेकर रेगुलेशंस और पॉलिसी सर्टिफिकेशन से जुड़ी जानकारियां मांगी है।

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