Vidya Wires IPO: एक और कंपनी का ड्राफ्ट SEBI के पास जमा, ₹320 करोड़ के नए शेयर होंगे जारी

Vidya Wires IPO: पैंटोमैथ कैपिटल एडवायजर्स और IDBI कैपिटल मार्केट्स एंड सिक्योरिटीज को विद्या वायर्स के पब्लिक इश्यू के लिए मर्चेंट बैंकर नियुक्त किया गया है। दिसंबर 2024 तक कंपनी के खातों में बकाया उधारी 142.72 करोड़ रुपये थी। अप्रैल-सितंबर 2024 अवधि में कंपनी का शुद्ध मुनाफा 17.5 करोड़ रुपये रहा

अपडेटेड Jan 12, 2025 पर 11:57 AM
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Vidya Wires साल 1981 में इनकॉरपोरेट हुई थी।

Vidya Wires IPO: गुजरात स्थित वाइंडिंग और कंडक्टिविटी प्रोडक्ट मेकर विद्या वायर्स की आईपीओ के जरिए पैसा जुटाने की तैयारी है। कंपनी ने कैपिटल मार्केट रेगुलेटर SEBI के पास ड्राफ्ट पेपर दाखिल किए हैं। IPO में 320 करोड़ रुपये के नए इक्विटी शेयर और प्रमोटर्स की ओर से 1 करोड़ शेयरों का ऑफर फॉर सेल रहेगा। विद्या वायर्स, कॉपर और एल्यूमिनियम वायर इंडस्ट्री में चौथी सबसे बड़ी मैन्युफैक्चरर है। कंपनी साल 1981 में इनकॉरपोरेट हुई थी।

इसके प्रोडक्ट्स में प्रिसीजन-इंजीनियर्ड वायर, इनेमल्ड कॉपर रेक्टेंगुलर स्ट्रिप्स, पेपर इंसुलेटेड कॉपर कंडक्टर, कॉपर बसबार, स्पेशलाइज्ड वाइंडिंग वायर, पीवी रिबन और एल्यूमिनियम पेपर कवर स्ट्रिप्स आदि शामिल हैं। इनका इस्तेमाल एनर्जी जनरेशन और ट्रांसमिशन, इलेक्ट्रिकल सिस्टम, इलेक्ट्रिक मोटर्स, क्लीन एनर्जी सिस्टम, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और रेलवे के लिए किया जाता है।

कंपनी के क्लाइंट्स में अदाणी विल्मर, अटलांटा इलेक्ट्रिकल्स, श्नाइडर इलेक्ट्रिक इंफ्रास्ट्रक्चर, ट्रांसफॉर्मर्स एंड रेक्टिफायर्स (इंडिया), इलेक्ट्रोथर्म इंडिया, हैमंड पावर सॉल्यूशन, लुबी इंडस्ट्रीज एलएलपी, सुजलॉन एनर्जी, TMEIC इंडस्ट्रियल सिस्टम्स इंडिया और ट्रांसफिक्स इंडिया शामिल हैं।


IPO के पैसों का कैसे इस्तेमाल करेगी Vidya Wires

विद्या वायर्स अपनी वर्तमान 19,680 मिलियन टन (MT) प्रति वर्ष की क्षमता को बढ़ाकर 37,680 MT प्रति वर्ष करने की योजना बना रही है। इसके लिए यह अपनी सहायक कंपनी ALCU इंडस्ट्रीज के तहत गुजरात के नरसंडा में नई मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी में 18,000 MT प्रति वर्ष की अतिरिक्त क्षमता स्थापित करेगी। इसके लिए कंपनी अपने आईपीओ में नए शेयरों को जारी कर हासिल होने वाली आय में से 140 करोड़ रुपये खर्च करेगी। इसके अलावा, 100 करोड़ रुपये का इस्तेमाल कर्ज चुकाने के लिए और बाकी पैसों का इस्तेमाल सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा। दिसंबर 2024 तक, विद्या वायर्स के खातों में बकाया उधारी 142.72 करोड़ रुपये थी।

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कंपनी की वित्तीय स्थिति

कंपनी की वित्तीय स्थिति की बात करें तो वित्त वर्ष 2024 में विद्या वायर्स का शुद्ध मुनाफा 19.5% बढ़कर 25.7 करोड़ रुपये हो गया। रेवेन्यू 17.3% बढ़कर 1,186 करोड़ रुपये हो गया। अप्रैल-सितंबर 2024 अवधि में कंपनी का शुद्ध मुनाफा 17.5 करोड़ रुपये और रेवेन्यू 754.4 करोड़ रुपये रहा। पैंटोमैथ कैपिटल एडवायजर्स और IDBI कैपिटल मार्केट्स एंड सिक्योरिटीज को विद्या वायर्स के पब्लिक इश्यू के लिए मर्चेंट बैंकर नियुक्त किया गया है।

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