फार्मास्युटिकल सेक्टर में कॉन्ट्रैक्ट डिवेलपमेंट एंड मैन्युफैक्चरिंग की प्रमुख कंपनियों में शामिल विंडलास बायोटेक का इनिशियल पब्लिक ऑफर (IPO) शुक्रवार को बंद हो रहा है। इसे ब्रोकरेज हाउसेज की ओर से सब्सक्राइब रेटिंग मिली है। इसके पीछे कंपनी का इनोवेटिव पोर्टफोलियो, रिसर्च एंड डिवेलपमेंट कैपेबिलिटी, अच्छा वित्तीय प्रदर्शन और क्लाइंट्स की बड़ी संख्या जैसे कारण हैं।
कंपनी की योजना IPO से 400 करोड़ रुपये से अधिक जुटाने की है। इसके लिए प्राइस बैंड 448-460 रुपये प्रति शेयर का है।
IPO में 165 करोड़ रुपये के नए शेयर्स जारी किए जाएंगे और प्रमोटर और शेयरहोल्डर्स की ओर से 236 करोड़ रुपये से अधिक का ऑफर फॉर सेल शामिल है।
इससे मिलने वाले फंड का इस्तेमाल कंपनी कैपेसिटी बढ़ाने के लिए इक्विपमेंट खरीदने, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और कर्ज घटाने के लिए करेगी।
चॉयस ब्रोकिंग ने कहा कि कंपनी की रिटर्न रेशो को देखते हुए IPO का प्राइस कम नहीं है। CDMO में ग्रोथ की संभावनाओं और कंपनी के लिए उपलब्ध अवसरों के कारण ब्रोकरेज हाउस ने इसे सब्सक्राइब करने की सलाह दी है।
विंडलास बायोटेक के क्लाइंट्स की लिस्ट फाइजर, सनोफी, कैडिला हेल्थकेयर, एमक्योर फार्मास्युटिकल्स, इंटास फार्मास्युटिकल्स जैसी बड़ी फार्मा कंपनियां शामिल हैं।
कंपनी के पास तीन बिजनेस डिविजन हैं इनमें से CDMO सर्विसेज और प्रोडक्ट्स से इसे सबसे अधिक 84 प्रतिशत से अधिक का रेवेन्यू मिलता है। पिछले फाइनेंशियल ईयर में कंपनी ने रेवेन्यू के साथ ही प्रॉफिट में भी बढ़ोतरी की थी।