AAP-Congress Alliance: 'काफी देर हो चुकी है...' दिल्ली में कांग्रेस के साथ गठबंधन पर ये क्या कह गए केजरीवाल, क्या बन पा रही बात?

AAP-Congress Alliance: सूत्रों ने कहा कि आम आदमी पार्टी और कांग्रेस दोनों ही दिल्ली की सात में से कम से कम चार सीटों के लिए आपस में भिड़ रही हैं, इसलिए आखिरी फैसला अब जीत की संभावना पर निर्भर करेगा। सूत्रों ने कहा कि AAP के संभावित उम्मीदवारों की लिस्ट में स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज सहित दिल्ली सरकार में मंत्री और विधायकों के नाम शामिल थे

अपडेटेड Feb 21, 2024 पर 9:41 PM
AAP-Congress Alliance: अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में कांग्रेस के साथ गठबंधन के लिए बातचीत में 'बहुत देरी' हुई

AAP-Congress Alliance: आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रमुख अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने बुधवार को कहा कि लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Elections 2024) के लिए दिल्ली में सीटों के तालमेल को लेकर आप और कांग्रेस (Congress) के बीच बातचीत में काफी देरी हुई। उनका ये बयान ऐसे समय पर आया है, जब दोनों ही दलों से जुड़े सूत्रों ने दावा किया कि गठबंधन की राह में बाधा पैदा हो गई है। मुख्यमंत्री केजरीवाल ने मंगलवार को कहा था कि राष्ट्रीय राजधानी में सीटों के तालमेल के लिए बातचीत "अंतिम चरण" में है और जल्द ही दोनों दलों के बीच गठबंधन की घोषणा की जाएगी। दिल्ली में लोकसभा की सात सीटें हैं और सभी सीटें भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पास हैं।

न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक, आम आमदी पार्टी (AAP) सूत्रों ने संकेत दिया कि अगर कांग्रेस (Congress) के साथ गठबंधन नहीं हुआ, तो पार्टी अगले कुछ दिनों में अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर सकती है।

दिल्ली में कांग्रेस के साथ गठबंधन की संभावना पर मीडिया की ओर से पूछे गए सवाल पर केजरीवाल ने कहा, "इसमें काफी देर हो चुकी है, यह बहुत पहले हो जाना चाहिए था। देखते हैं कि अगले एक-दो दिन में क्या होता है।"


वहीं दिल्ली कांग्रेस के अध्यक्ष अरविंदर सिंह लवली ने कहा कि उनकी पार्टी दिल्ली की सभी सात सीटों पर चुनाव के लिए तैयार है। उन्होंने मीडिया से कहा, "मुकुल वासनिक की अध्यक्षता वाली समिति ‘I.N.D.I.A.’ गठबंधन के सदस्यों के साथ लगातार बात कर रही है। मेरा इस बारे में टिप्पणी करना उचित नहीं होगा।"

कांग्रेस को चाहिए कितनी सीट?

सूत्रों ने कहा कि दोनों दलों के नेताओं के बीच कई दौर की बातचीत के बावजूद, सीटों की संख्या को लेकर सहमति नहीं बन पाई है।

कांग्रेस सूत्रों ने दावा किया कि पार्टी सात सीटों में से चार पर चुनाव लड़ना चाहती है और बाकी सीटें AAP के लिए छोड़ना चाहती है।

दिल्ली कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, "यह उचित है, क्योंकि 2019 के चुनाव में, दिल्ली की सात सीटों में से छह पर कांग्रेस के उम्मीदवार दूसरे नंबर पर रहे थे, जबकि AAP उम्मीदवार दक्षिण दिल्ली निर्वाचन क्षेत्र को छोड़कर बाकी जगह तीसरे नंबर पर रहे थे।"

इन चार सीटों पर लड़ना चाहती है AAP

हालांकि, AAP नेता सीट बंटवारे पर चुप्पी साधे हुए हैं, लेकिन पार्टी सूत्रों ने कहा, "आम आदमी पार्टी चार सीट - उत्तर पूर्वी दिल्ली, पश्चिमी दिल्ली, दक्षिणी दिल्ली और उत्तर पश्चिम दिल्ली - पर चुनाव लड़ना चाहती है।"

AAP ने पहले कहा था कि वह गुजरात, हरियाणा, दिल्ली और गोवा में गठबंधन के लिए ‘I.N.D.I.A.’ गुट के सहयोगियों के साथ बातचीत कर रही है। पार्टी पहले ही पंजाब में अकेले चुनाव लड़ने की घोषणा कर चुकी है।

AAP के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) संदीप पाठक ने हाल में कहा था कि उनकी पार्टी ने कांग्रेस से गुजरात में 26 लोकसभा सीटों में से आठ की मांग की है।

AAP ने अब तक गुजरात और असम में दो-दो और गोवा में एक सीट पर अपने उम्मीदवारों की घोषणा की है। पाठक ने कहा था कि अगर दिल्ली में सीटों के तालमेल को लेकर जल्द फैसला नहीं हुआ, तो उनकी पार्टी अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर देगी।

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