Bihar Loksabha Chunav: NDA ने ठुकराया, RJD ने अपनाया, महागठबंधन में लौटे मुकेश सहनी, तीन सीटों पर चुनाव लड़ेगी VIP

Bihar Loksabha Chunav: साल 2020 के विधानसभा चुनाव से पहले तेजस्वी यादव पर ‘पीठ में छुरा घोंपने’ का आरोप लगाने के बाद महागठबंधन छोड़ने वाले सहनी ने इस प्रकरण को ‘छोटे भाई तेजस्वी के साथ टकराव’ बताकर खारिज कर दिया। BJP ने सहनी को राज्य मंत्रिमंडल से निष्कासित कर दिया था

अपडेटेड Apr 06, 2024 पर 9:29 PM
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Bihar Loksabha Chunav: महागठबंधन में लौटे मुकेश सहनी, तीन लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी VIP

Bihar Loksabha Chunav: बिहार (Bihar) के विपक्षी महागठबंधन ने शुक्रवार को दावा किया कि राज्य के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी (Mukesh Sahani) की वापसी से उसे ताकत मिली है। सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की ओर से दरकिनार किए जाने के बाद से सहनी मुश्किलों से जूझ रहे थे। विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के प्रमुख सहनी का राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता तेजस्वी यादव ने गठबंधन में स्वागत किया। तेजस्वी ने बिहार में अपने कोटे की 26 सीट में से VIP को तीन लोकसभा सीट की ‘सम्मानजनक’ हिस्सेदारी देने की भी घोषणा की।

यादव ने कहा, "RJD अध्यक्ष लालू प्रसाद ने गोपालगंज, झंझारपुर और मोतिहारी (पूर्वी चंपारण) सीट को VIP को देने का फैसला किया है। हम मिलकर बिहार की सभी 40 सीट पर महागठबंधन की जीत सुनिश्चित करेंगे।’’

‘पीठ में छुरा घोंपने' का लगाया था आरोप


साल 2020 के विधानसभा चुनाव से पहले यादव पर ‘पीठ में छुरा घोंपने’ का आरोप लगाने के बाद महागठबंधन छोड़ने वाले सहनी ने इस प्रकरण को ‘छोटे भाई तेजस्वी के साथ टकराव’ बताकर खारिज कर दिया।

साल 2019 के लोकसभा चुनाव (Loksabha Elections 2024) में VIP को जितनी सीट मिली थी, उतनी ही सीट इस बार के लोकसभा चुनाव में देने के लिए RJD नेता को धन्यवाद देते हुए सहनी ने आरोप लगाया, "BJP ने मेरी छाती में छुरा घोंप दिया। मैंने उन्हें राज्य में सरकार बनाने में मदद की और उन्होंने मुझे कैबिनेट से बाहर कर दिया और मेरे सभी विधायकों को अपने पाले में कर लिया।"

बॉलीवुड सेट डिजाइनर से नेता बने मुकेश सहनी

बॉलीवुड सेट डिजाइनर से नेता बने सहनी खुद को ‘मल्लाह का बेटा’ बताते हैं और ‘निषाद समाज’ के समर्थक हैं। निषाद एक व्यापक शब्द है, जिसके अंतर्गत मछली पकड़ने के व्यवसाय में शामिल विभिन्न जातियां और उपजातियां आती हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि BJP निषाद समाज को अनुसूचित जाति का दर्जा देने के अपने वादे से पीछे हट गई है। उन्होंने कहा, "मेरे भाइयों ने मां गंगा के नाम पर पार्टी को दंडित करने की कसम खाई है।"

विधानसभा चुनाव में भी रहेगा गठबंधन?

सहनी ने 2019 में खगड़िया से चुनाव लड़ा था, लेकिन यह सीट अब CPIM के पास है। उन्होंने कहा कि वह अपनी पार्टी में चर्चा के बाद इस बात पर फैसला लेंगे कि किस सीट से चुनाव लड़ना है।

पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने कहा, "हमने न केवल लोकसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए यह गठबंधन किया है, बल्कि विधानसभा चुनाव को भी ध्यान में रखा है जो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बढ़ते अप्रत्याशित व्यवहार को देखते हुए उम्मीद से पहले हो सकता है।"

जनता दल-यूनाइटेड (JDU) प्रमुख नीतीश कुमार इस साल जनवरी में NDA में लौट आए और उन्होंने 17 महीने तक चले महागठबंधन से नाता तोड़ लिया।

PM मोदी का 'LED बल्ब के युग ने लालटेन' वाला बयान

यादव ने बिहार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली का भी जिक्र किया और हंसते हुए कहा, "राज्य में NDA की ओर से मैदान में उतारे गए राजनीतिक वंशवाद के बारे में मेरी सोशल मीडिया पोस्ट वायरल हो गई है। इसमें कोई आश्चर्य नहीं कि प्रधानमंत्री ने फिर से परिवारवाद के खिलाफ निंदा करने से परहेज किया।"

यादव ने मोदी की उस टिप्पणी पर भी नाराजगी जताई कि LED बल्ब के युग ने लालटेन को अप्रचलित बना दिया है, जो RJD के चुनाव चिह्न के संदर्भ में थी।

RJD नेता ने कहा, ‘‘लालटेन का मतलब अंधेरा दूर करना है। बेहतर होगा कि वह सहयोगी जदयू के लिए अपनी बुद्धि का इस्तेमाल करें और उसे अपना चुनाव चिह्न तीर छोड़ने और उसकी जगह मिसाइल लाने के लिए कहें। BJP का अपना चुनाव चिह्न ‘फूल’ (कमल का फूल) हो सकता है, लेकिन पार्टी जनता को मूर्ख (फूल) बनाने के लिए जानी जाती है।”

विपक्षी गठबंधन में भ्रम: BJP

इस बीच, BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता सैयद शाहनवाज हुसैन ने सहनी की महागठबंधन में वापसी पर प्रतिक्रिया दी।

उन्होंने कहा, "यह घटनाक्रम विपक्षी गठबंधन में भ्रम को उजागर करता है जो अब भी यह पता लगा रहा है कि उसके सहयोगी कौन हैं। इसके विपरीत राजग ने उन सभी 40 सीट के लिए उम्मीदवारों की घोषणा भी कर दी है, जिन पर हम जीत हासिल करने के लिए तैयार हैं।"

BJP ने सहनी को मंत्रिमंडल से निकाला

संयोग से सहनी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ बैठक के बाद NDA में शामिल हो गए थे। विधानसभा चुनाव में सहनी अपनी सीट जीतने में असफल रहे, लेकिन उन्हें BJP द्वारा मंत्री पद के लिए समर्थन दिया गया। BJP ने उन्हें विधान परिषद का भी सदस्य बनाया। बाद में BJP ने सहनी को राज्य मंत्रिमंडल से निष्कासित कर दिया था।

BJP ने बिहार के उन सभी चार विधायकों को भी अपने पाले में कर लिया, जो वीआईपी के टिकट पर निर्वाचित हुए थे।

मौजूदा चुनाव में BJP ने मुजफ्फरपुर सीट से सहनी के पूर्व करीबी सहयोगी राज भूषण निषाद को मैदान में उतारा है। BJP ने दो बार के सांसद अजय निषाद को टिकट नहीं दिया जो बगावत कर कांग्रेस में शामिल हो गए हैं।

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