BJP Manifesto: मुफ्त की रेवड़ी नहीं, मोदी की गारंटी... कांग्रेस और BJP के घोषणापत्र में कितना अंतर, समझें यहां
BJP Manifesto: प्रधान मंत्री ने यह भी कहा कि सरकार की 'लखपति दीदी योजना' को एक करोड़ से बढ़ाकर तीन करोड़ लाभार्थियों तक किया जाएगा। महिलाओं पर इस बार भी फोकस जारी रहा, क्योंकि पीएम ने कहा कि उज्ज्वला योजना के तहत पिछले 10 सालों में सब्सिडी वाले LPG सिलेंडरों की तरह ही किफायती गैस पाइप लाइन भी घरों तक पहुंचाई जाएगी
MoneyControl News
अपडेटेड Apr 14, 2024 पर 6:45 PM
BJP Manifesto: कांग्रेस और BJP के घोषणापत्र में कितना अंतर
BJP Manifesto: 2024 के लोकसभा चुनावों (Lok Sabha Elections 2024) के लिए कांग्रेस (Congress) के घोषणापत्र में जाति और कैश मुख्य मुद्दा था, लेकिन भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपने घोषणापत्र में उस रास्ते को नहीं अपनाया है और किसी भी कैश फ्रीबीस से दूर रहकर 'मोदी की गारंटी' पर फोकस किया है। इसके कवर पेज से लेकर अलग-अलग चैप्टर्स में, 'मोदी की गारंटी' का खूब जिक्र किया गया है, जिससे ये स्पष्ट हो गया है कि प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी विश्वसनीयता 2024 के लोकसभा चुनावों में बीजेपी का सबसे बड़ा कार्ड है।
भाजपा के घोषणापत्र में '10 साल के सुशासन और विकास' का पूरा रिकॉर्ड है। इसमें ये भी बताया गया है कि पार्टी ने पांच साल पहले किए गए अपने प्रमुख वादों को पूरा किया है, जैसे कि जम्मू और कश्मीर में अनुच्छेद 370 को निरस्त करना और अयोध्या में राम मंदिर का बनाना।
BJP के घोषणापत्र से NRC गायब
BJP ने अपने रिपोर्ट कार्ड का हवाला देते हुए कहा है कि अगले कार्यकाल में वो उन दो अधूरे एजेंडे को पूरा करेगी, जिनका वादा उसने 2019 में किया था, वो हैं 2029 में एक राष्ट्र, एक चुनाव और समान नागरिक संहिता (UCC)।
नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) लागू होने के बाद, BJP के इस घोषणापत्र में विवादित राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) का जिक्र नहीं किया गया है। 2019 में बीजेपी ने कहा था कि वो चरणबद्ध तरीके से NRC लागू करेगी। हालांकि, इस मामले को उजागर नहीं किया गया है।
कांग्रेस और BJP के वादों में अंतर
इसके उलट कांग्रेस (Congress) ने देश में जाति जनगणना और गरीब परिवार को सालाना एक लाख रुपए देने का वादा किया था। हालांकि, बीजेपी ने एक मैसेज भेजा कि उसकी कल्याणकारी योजनाएं सभी जातियों और धर्मों तक पहुंच गई हैं। इसका अंदेशा आप इसी से लगा सकते हैं, जब बीजेपी ने घोषणा पत्र की पहली कॉपी प्रधानमंत्री मोदी के हाथों अलग-अलग वर्ग लाभार्थियों को भेंट कराई।
प्रधान मंत्री ने यह भी कहा कि सरकार की 'लखपति दीदी योजना' को एक करोड़ से बढ़ाकर तीन करोड़ लाभार्थियों तक किया जाएगा। महिलाओं पर इस बार भी फोकस जारी रहा, क्योंकि पीएम ने कहा कि उज्ज्वला योजना के तहत पिछले 10 सालों में सब्सिडी वाले LPG सिलेंडरों की तरह ही किफायती गैस पाइप लाइन भी घरों तक पहुंचाई जाएगी।
वरिष्ठ नागरिकों के लिए कुछ नया लाई BJP
BJP की वरिष्ठ नागरिकों तक एक बड़ी पहुंच ने भी सबका ध्यान खींचा है। पीएम ने कहा कि देश में 70 साल से ऊपर के हर एक व्यक्ति को आयुष्मान भारत योजना के तहत 5 लाख रुपए तक का फ्री मेडिकल इंश्योरेंस कवर दिया जाएगा। भारत में ऐसे लगभग पांच करोड़ वरिष्ठ नागरिक होने का अनुमान है।
जहां कांग्रेस ने बेरोजगारी पर ध्यान केंद्रित किया है और हजारों नौकरियों का वादा किया है, तो वहीं BJP ने रोजगार वृद्धि के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश और भारत को ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने पर ध्यान केंद्रित किया है।
मुद्रा लोन की रकम दोगुना करने का ऐलान
मुद्रा योजना के तहत लोन की रकम को 10 लाख रुपए से दोगुना कर 20 लाख रुपए करने के अपने वादे के जरिए BJP ने "उद्यमशीलता की भावना को बढ़ावा देने" के लिए एक अहम पिच भी बनाई है। क्योंकि इस योजना की पिछले पांच सालों में युवाओं के बीच अच्छी प्रगति देखी है।
BJP दिल्ली जैसे अलग-अलग राज्यों में घरेलू उपभोक्ताओं के लिए मुफ्त बिजली की विपक्ष की पसंदीदा योजना का शिकार नहीं हुई है, और उसने PM सूर्य घर बिजली योजना को बढ़ावा देने के जरिए उसी लक्ष्य के लिए ज्यादा व्यावहारिक तरीका अपनाया है।
'जो कहा वो किया, जो कहा है वो करेंगे'
मोदी ने कहा कि योजना के तहत सोलर रूफ पैनल लगा कर, लोग न केवल अपनी बिजली का प्रोडक्शन कर सकेंगे, बल्कि सरप्लस सरकार को बेच सकेंगे और देश के रिन्यूएबल एनर्जी गोल में भी योगदान दे सकेंगे।
आखिर में, बीजेपा का घोषणापत्र (BJP Manifesto) अनिवार्य रूप से 'जो कहा वो किया' और 'आगे भी जो कहा है, वो करेंगे' की तर्ज पर नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता और विश्वसनीयता पर आधारित है।
भाजपा मुख्यालय में सबसे जोरदार उत्साह तब गूंजा, जब प्रधानमंत्री ने UCC के प्रति पार्टी की प्रतिबद्धता का जिक्र किया। अगर मोदी दोबारा सत्ता में आते हैं, तो यह 2024 के बाद की सबसे बड़ी कहानी हो सकती है, क्योंकि एक राज्य में इसकी शुरुआत हो चुकी है।